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September 15, 2020
दरगाह के आसपास दुकान चलाने वाले अभी भी है मायूस।
लगभग 5 माह बाद दरगाह खुलने पर भी नहीं पहुंच रहे जायरीन, नहीं हो पा रहा व्यापार।
कोरोना महामारी के चलते लगभग 5 महीने तक बंद रहे धार्मिक स्थलों को 7 सितंबर से खोलने की अनुमति मिलने के बाद अभी भी श्रद्धालु यहां नहीं पहुंच पा रहे। जिसके चलते धार्मिक स्थलों के आसपास दुकान चलाने वाले लोग अभी भी मायूस हैं। सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के पास दुकान चलाने वाले अजमत हुसैन ने बताया की दरगाह में फूल चादर और इत्र चढ़ाने पर पाबंदी लगी हुई है। जिसके चलते उन्हें अभी भी व्यापार, रोजगार नहीं मिल पा रहा। वहीं जायरीन भी पहले की तादात में नहीं आ पा रहे। उन्होंने बताया कि पिछले 6 माह से वह बिल्कुल बेरोजगार हैं। बिल्कुल भी धंधा नहीं हो पा रहा है। जैसे तैसे घर खर्च चला पा रहे हैं। वही दरगाह तो खुल गई लेकिन दरगाह में फूल चादर और इत्र आदि पेश करने पर अभी पाबंदी लगी हुई है। ऐसे में दिनभर दुकानों पर खाली बैठना पड़ता है। धंधा 10 से 20% रह गया है। सरकार को जल्द ही उनके बारे में भी सोचना होगा।
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