August 24, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव-2026 का काउंटडाउन शुरू होने के साथ ही जयपुर में टिकट की सियासत तेज हो गई है। जयपुर के 150 वार्डों में करीब 24 लाख मतदाता अपने नए पार्षद चुनेंगे। चुनावी मुकाबले से पहले भारतीय जनता पार्टी के भीतर टिकट हासिल करने की होड़ ने सियासी पारा चढ़ा दिया है।जयपुर शहर भाजपा अध्यक्ष अमित गोयल के मुताबिक अब तक पार्षद पद के टिकट के लिए 2500 से ज्यादा कार्यकर्ताओं और अन्य दावेदारों के आवेदन एवं बायोडाटा पार्टी के पास पहुंच चुके हैं। इनमें करीब 1000 दावेदार महिलाएं हैं। खास बात यह है कि महिला आरक्षित वार्डों के साथ सामान्य यानी ओपन वार्डों से भी महिलाओं ने बड़ी संख्या में दावेदारी पेश की है। पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं को मिलेगी प्राथमिकता अमित गोयल ने कहा कि केवल आवेदन करने से किसी का टिकट तय नहीं होगा। पार्टी उम्मीदवार चयन के दौरान संगठन के लिए लंबे समय से काम कर रहे कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देगी।दावेदार की संबंधित वार्ड में सक्रियता, जनसेवा, जनता के बीच पकड़, राजनीतिक-सामाजिक रिकॉर्ड और चुनाव जीतने की क्षमता को भी देखा जाएगा। पार्टी अपने स्तर पर सर्वे कराकर संभावित उम्मीदवारों की जमीनी स्थिति का आकलन करेगी।गोयल के अनुसार, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज के कारण पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों में उत्साह है और इसी वजह से टिकट मांगने वालों की संख्या काफी अधिक है। कांग्रेस से BJP में आए नेताओं के लिए भी टिकट का रास्ता खुला कांग्रेस या दूसरे राजनीतिक दलों से भाजपा में आए नेताओं को टिकट देने के सवाल पर गोयल ने स्पष्ट किया कि ऐसे लोगों के लिए टिकट का रास्ता बंद नहीं है।यदि पार्टी के सर्वे में कोई नया नेता अपने वार्ड में मजबूत और चुनाव जीतने की स्थिति में पाया जाता है तो उसके नाम पर भी विचार किया जा सकता है। हालांकि उसी वार्ड में कोई पुराना भाजपा कार्यकर्ता ज्यादा मजबूत स्थिति में मिलता है तो प्राथमिकता पुराने कार्यकर्ता को दी जाएगी। ओपन वार्डों से भी महिलाओं की मजबूत दावेदारी इस चुनाव में महिलाओं की दावेदारी भाजपा के टिकट समीकरण को दिलचस्प बना रही है। करीब 1000 महिला दावेदारों में कई ने सामान्य वार्डों से भी टिकट मांगा है।गोयल ने कहा कि सामान्य वार्ड महिला और पुरुष सभी के लिए खुले हैं। पार्टी ऐसे वार्डों में जाति या लिंग के बजाय मजबूत और जिताऊ उम्मीदवार को प्राथमिकता देगी। यदि किसी सामान्य वार्ड में महिला दावेदार की स्थिति सबसे मजबूत सामने आती है तो उसे टिकट देने पर विचार किया जाएगा।इसके साथ वार्ड के सामाजिक और जातीय समीकरणों को भी उम्मीदवार चयन में ध्यान में रखा जाएगा। जिला पदाधिकारी भी मांग सकते हैं टिकट भाजपा के जिला और संगठन पदाधिकारियों की दावेदारी को लेकर भी पार्टी ने स्थिति स्पष्ट की है। लंबे समय से संगठन में सक्रिय कोई पदाधिकारी यदि चुनाव लड़ना चाहता है और उसका वार्ड सामाजिक तथा राजनीतिक समीकरण के लिहाज से अनुकूल है तो उसके नाम पर विचार हो सकता है।हालांकि संगठन में बड़ा पद होना अपने आप में टिकट मिलने की गारंटी नहीं होगा। अंतिम निर्णय सर्वे, संगठनात्मक फीडबैक और जीत की संभावना के आधार पर होगा।
August 24, 2026
राजस्थान न्यूज़: सीकर। पं. दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी यूनिवर्सिटी के कुलपति पद का अतिरिक्त कार्यभार प्रो. निष्ठा जसवाल को सौंपा गया है। प्रो. जसवाल ने विश्वविद्यालय पहुंचकर निवर्तमान कुलपति डॉ. अनिल राय से कार्यभार ग्रहण कर लिया।डॉ. अनिल राय को उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखंड यूनिवर्सिटी का कुलपति नियुक्त किया गया है। उनका शेखावाटी यूनिवर्सिटी में कार्यकाल 26 सितंबर को पूरा होना था, लेकिन इससे पहले ही उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था। राज्यपाल ने मंजूर किया था इस्तीफा डॉ. अनिल राय के इस्तीफे को राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने स्वीकार कर लिया था। इसके बाद विश्वविद्यालय के कुलपति पद की जिम्मेदारी अस्थायी रूप से प्रो. निष्ठा जसवाल को दी गई।प्रो. जसवाल वर्तमान में जयपुर स्थित डॉ. बी.आर. अंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी की कुलपति हैं। अब वे शेखावाटी यूनिवर्सिटी का अतिरिक्त कार्यभार भी संभालेंगी। विश्वविद्यालय पहुंचने पर हुआ स्वागत प्रो. निष्ठा जसवाल के विश्वविद्यालय पहुंचने पर रजिस्ट्रार डॉ. श्वेता यादव ने उनकी अगवानी की। इसके बाद उन्होंने औपचारिक रूप से डॉ. अनिल राय से कार्यभार ग्रहण किया।इस अवसर पर एग्जाम कंट्रोलर प्रो. राजेंद्र सिंह, डिप्टी रजिस्ट्रार रामसिंह सरावग, असिस्टेंट सेक्रेटरी (संपदा) कन्हैया लाल जांगिड़, आईटी डिप्टी डायरेक्टर प्रियंका सुंडा और डॉ. बी.एस. राठौड़ सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। दो विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी संभालेंगी प्रो. निष्ठा जसवाल के पास फिलहाल डॉ. बी.आर. अंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी, जयपुर का कुलपति पद है। शेखावाटी यूनिवर्सिटी का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद वे दोनों संस्थानों की प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालेंगी।अब विश्वविद्यालय में स्थायी कुलपति की नियुक्ति तक प्रशासनिक और शैक्षणिक कामकाज उनके निर्देशन में संचालित होगा।
August 23, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा रविवार दोपहर जयपुर पहुंचीं। हाल ही में गोविंदा से तलाक की अर्जी वापस लेने को लेकर चर्चा में रहीं सुनीता अब धार्मिक यात्रा पर हैं। वे सोमवार को खाटूश्यामजी मंदिर पहुंचकर बाबा श्याम के दर्शन करेंगी। सुनीता इंदौर से जयपुर पहुंचीं। एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए राजस्थान में उनके कार्यक्रम और व्यवस्थाएं देखने वाले मैनेजर सौरभ प्रजापत मौजूद रहे। एयरपोर्ट से बाहर निकलने के बाद सुनीता सीधे अपने होटल के लिए रवाना हो गईं। खाटूश्यामजी से पुराना जुड़ाव सुनीता आहूजा का खाटूश्यामजी मंदिर से पहले भी जुड़ाव रहा है। बताया जा रहा है कि अभिनेता गोविंदा के पैर में गोली लगने की घटना वाले दिन भी वे बाबा श्याम के दर्शन के लिए खाटूश्यामजी आई हुई थीं। अब एक बार फिर वे खाटूश्यामजी के दरबार में हाजिरी लगाने जा रही हैं। सोमवार को उनके मंदिर पहुंचने का कार्यक्रम है। तलाक की अर्जी वापस लेने के बाद धार्मिक यात्रा सुनीता आहूजा पिछले कुछ समय से अपने निजी जीवन को लेकर लगातार सुर्खियों में रही हैं। गोविंदा से वैवाहिक विवाद और तलाक की अर्जी को लेकर चर्चाओं के बाद हाल ही में अर्जी वापस लेने की खबर सामने आई थी। इसी घटनाक्रम के बाद उनका जयपुर और खाटूश्यामजी का यह दौरा चर्चा में है। हालांकि सुनीता ने जयपुर पहुंचने पर अपने निजी जीवन को लेकर विस्तार से कोई बयान नहीं दिया।
August 23, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। जयपुर पुलिस ने नकली नोटों के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए 4 लाख 30 हजार 500 रुपए की फेक करेंसी बरामद की है। बजाज नगर थाना पुलिस और CST की संयुक्त कार्रवाई में शुक्रवार देर रात चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने नकली नोटों के परिवहन में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर भी जब्त की हैं।पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, सप्लाई चैन और नकली नोटों के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच कर रही है। 500-500 रुपए के 861 नकली नोट बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 500-500 रुपए के कुल 861नकली नोट बरामद किए। इनकी कुल राशि 4 लाख 30 हजार 500 रुपए है।गिरफ्तार आरोपियों में अंशुल (24) निवासी राजीव कॉलोनी, रोहतक हरियाणा, साहिल चौधरी (24) निवासी रामसीसर सीकर, प्रियांशु (21) निवासी करौइया, रोहतक हरियाणा और आकाश (26) निवासी काहनौर, रोहतक हरियाणा शामिल हैं। ढाका से कोलकाता, फिर हरियाणा होते हुए जयपुर पहुंचने का दावा पुलिस की शुरुआती पूछताछ में नकली करेंसी नेटवर्क का अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आने का दावा किया गया है।पुलिस के अनुसार नकली नोट कथित तौर पर ढाका, बांग्लादेश में प्रिंट किए जाते थे, जहां से तस्करी के जरिए भारत लाए जाते थे। इसके बाद खेप कोलकाता पहुंचती थी, फिर हरियाणा और वहां से जयपुर लाई जाती थी। इस सप्लाई चैन की पुलिस अब गहराई से जांच कर रही है।अमन राणा को बताया नेटवर्क की अहम कड़ीपुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क में अमन राणा, निवासी रोहतक हरियाणा, अहम भूमिका निभा रहा है। जांच एजेंसी का दावा है कि वह फिलहाल कोलकाता में रहकर नकली नोटों के नेटवर्क को संचालित कर रहा है। पुलिस ने उसकी और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश शुरू कर दी है। एक लाख असली के बदले पांच लाख नकली का सौदा स्पेशल कमिश्नर (ऑपरेशन) ओमप्रकाश के अनुसार, आरोपियों का नेटवर्क कथित तौर पर 1 लाख रुपए के असली नोटों के बदले 5 लाख रुपए की नकली करेंसी उपलब्ध कराता था। जांच में यह भी सामने आया है कि पकड़ी गई खेप को जयपुर में कथित तौर पर टेस्ट के रूप में भेजा गया था। चुनावों से पहले बड़ी खेप खपाने की आशंका पुलिस को आशंका है कि आगामी चुनावों के दौरान जयपुर में नकली करेंसी की बड़ी खेप खपाने की तैयारी की जा रही थी। हालांकि इस एंगल की अभी जांच जारी है।पुलिस बैंकिंग, मोबाइल और यात्रा संबंधी रिकॉर्ड के जरिए आरोपियों के संपर्कों और नकली नोटों के अंतिम खरीदारों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। दो लग्जरी वाहन भी जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक स्कॉर्पियो और एक फॉर्च्यूनर भी जब्त की। पुलिस जांच कर रही है कि इन वाहनों का इस्तेमाल कितनी बार नकली नोटों की सप्लाई में किया गया और इनके जरिए किन-किन शहरों तक खेप पहुंचाई गई
August 23, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग की केंद्र सरकार की नीति और चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की अदूरदर्शिता और बिना पर्याप्त तैयारी के लिए गए फैसलों का आर्थिक बोझ आम जनता पर पड़ रहा है।गहलोत ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी बयान में कहा कि गन्ने का बड़ा हिस्सा अब चीनी उत्पादन के बजाय एथेनॉल निर्माण की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। उनके अनुसार इससे खुले बाजार में चीनी की उपलब्धता प्रभावित हुई है और कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। गहलोत का दावा- 15 दिन में 14 से 17 रुपए किलो बढ़ी चीनी पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि महज 15 दिनों के भीतर चीनी के दाम 14 से 17 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। उन्होंने इसे सीधे आम परिवारों की रसोई और घरेलू बजट से जुड़ा मुद्दा बताया।गहलोत का कहना है कि यदि गन्ने का बड़ा हिस्सा एथेनॉल उत्पादन में चला जाएगा तो चीनी उत्पादन पर दबाव बनना स्वाभाविक है। उन्होंने केंद्र सरकार से सवाल किया कि ऐसी नीतियों को लागू करने से पहले बाजार में चीनी की उपलब्धता और उपभोक्ताओं पर संभावित असर का पर्याप्त आकलन क्यों नहीं किया गया। वाहन चालकों की जेब का भी उठाया मुद्दा गहलोत ने केवल चीनी की महंगाई तक अपनी आपत्ति सीमित नहीं रखी, बल्कि पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग से वाहन चालकों पर पड़ने वाले असर को भी मुद्दा बनाया।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीति का असर एक ओर खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर दिख रहा है, वहीं दूसरी ओर वाहन मालिकों को भी इसके आर्थिक प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है।हालांकि एथेनॉल ब्लेंडिंग को केंद्र सरकार लंबे समय से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने, वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने और किसानों के लिए अतिरिक्त बाजार तैयार करने की नीति के रूप में पेश करती रही है। ऐसे में गहलोत के आरोपों के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। राजस्थान की राजनीति में बढ़ी हलचल अशोक गहलोत का बयान ऐसे समय सामने आया है जब महंगाई और आम उपभोक्ता पर बढ़ते खर्च को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेर रहा है।गहलोत ने चीनी की कीमतों और एथेनॉल नीति को एक-दूसरे से जोड़ते हुए इसे सीधे आम आदमी की जेब का मुद्दा बनाया है।
August 22, 2026
राजस्थान न्यूज़: जालोर। जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रिश्वत मांगने के मामले में दांतीवास पटवार हल्का की पटवारी ललिता के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। आरोप है कि पटवारी ने दादा की मृत्यु के बाद फौतगी म्यूटेशन और भू-अधिकार हक त्याग म्यूटेशन भरने के जायज काम के बदले परिवादी से 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। ACB के गोपनीय सत्यापन में रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई, लेकिन कार्रवाई की भनक लगने के कारण आरोपी पटवारी रकम प्राप्त नहीं कर सकी। 1064 हेल्पलाइन पर दी शिकायत ACB के अनुसार परिवादी ने भ्रष्टाचार की शिकायत टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 पर दी थी। इसके साथ ही उसने ACB के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जालोर के समक्ष लिखित शिकायत भी प्रस्तुत की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि भीनमाल तहसील के दांतीवास पटवार हल्का में पदस्थ पटवारी ललिता उसके दादाजी की मृत्यु के बाद फौतगी म्यूटेशन और भू-अधिकार हक त्याग म्यूटेशन भरने के बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत मांग रही है। गोपनीय सत्यापन में रिश्वत मांगना पाया शिकायत मिलने के बाद ACB जालोर इकाई ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान पटवारी द्वारा परिवादी के जायज राजस्व कार्य को करने के एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। हालांकि, ACB की कार्रवाई की भनक आरोपी को लग गई। इसके चलते पटवारी रिश्वत की राशि प्राप्त नहीं कर सकी। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 में केस ACB रेंज जोधपुर की पुलिस अधीक्षक पी.डी. नित्या के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ACB जालोर मांगीलाल राठौड़ ने मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट को प्रकरण दर्ज करने की अनुशंसा के साथ ACB मुख्यालय जयपुर भेजा गया। रिपोर्ट के आधार पर ACB मुख्यालय ने पटवारी ललिता के खिलाफ प्रकरण संख्या 234/2026, दिनांक 20 अगस्त 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में आगे का अनुसंधान जारी है। भरतपुर में नर्सिंग ऑफिसर रिश्वत लेते गिरफ्तार इससे पहले गुरुवार को ACB ने भरतपुर में भी कार्रवाई करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हलैना में तैनात नर्सिंग ऑफिसर ग्रेड-द्वितीय मुरारीलाल मीना को एक हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
August 22, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव-2026 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार पार्षद और अन्य निकाय प्रत्याशियों के टिकट वितरण में पार्टी ने बहुस्तरीय प्रक्रिया अपनाने की तैयारी की है। संभावित दावेदारों को चार अलग-अलग स्तर की जांच और फीडबैक प्रक्रिया से गुजरना होगा।पार्टी सूत्रों के अनुसार टिकट किसी एक स्थानीय नेता की सिफारिश या व्यक्तिगत प्रभाव के आधार पर तय नहीं किए जाएंगे। सर्वे रिपोर्ट, स्थानीय संगठन की राय, प्रदेश से भेजे गए प्रभारी-पर्यवेक्षकों का फीडबैक और अंत में प्रदेश स्तरीय चुनाव चयन समिति की मंजूरी के बाद ही प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी। जल्द बनेगी प्रदेश स्तरीय चुनाव चयन समिति भाजपा में नगर निकाय चुनाव के लिए प्रदेश स्तरीय चुनाव चयन समिति का गठन जल्द किए जाने की तैयारी है। समिति बनने के बाद प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया और तेज हो जाएगी। पार्टी का फोकस ऐसे चेहरों पर रहेगा, जिनकी संबंधित वार्ड या निकाय में मजबूत स्थानीय पकड़ हो, संगठन में सक्रियता हो और चुनाव जीतने की वास्तविक क्षमता दिखाई दे। पहला चरण: सर्वे एजेंसी की रिपोर्ट टिकट के लिए दावेदारी करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की पहली परीक्षा सर्वे रिपोर्ट से होगी। पार्टी संभावित उम्मीदवारों को लेकर यह आकलन कराएगी कि उनके क्षेत्र में लोकप्रियता कितनी है, स्थानीय स्तर पर पकड़ कैसी है, संगठन में सक्रियता का रिकॉर्ड क्या है और चुनाव जीतने की संभावना कितनी मजबूत है। सर्वे में वार्ड के मतदाताओं के बीच दावेदार की स्वीकार्यता और उसके पक्ष-विपक्ष में स्थानीय राजनीतिक समीकरण भी देखे जाएंगे। दूसरा चरण: स्थानीय संगठन देगा रिपोर्ट इसके बाद संबंधित निकाय और वार्ड से स्थानीय चुनाव प्रभारी तथा संगठनात्मक पदाधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी। इसमें वार्ड के जातीय-सामाजिक समीकरण, पिछले चुनाव का प्रदर्शन, स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच दावेदार की स्थिति, संगठन के प्रति सक्रियता और जनता से जुड़ाव जैसे पहलुओं का आकलन किया जाएगा। स्थानीय स्तर की रिपोर्ट इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यहीं से किसी दावेदार के जमीनी प्रभाव की वास्तविक तस्वीर प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचेगी। तीसरा चरण: प्रभारी और पर्यवेक्षक करेंगे आकलन तीसरे स्तर पर प्रदेश भाजपा की ओर से नियुक्त प्रभारी और पर्यवेक्षक संबंधित नगर निगम एवं निकाय क्षेत्रों में दावेदारों की स्थिति का आकलन करेंगे। ये नेता सर्वे एजेंसी की रिपोर्ट और स्थानीय संगठन से प्राप्त फीडबैक की तुलना करते हुए अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे। स्थानीय स्तर पर एक से अधिक मजबूत दावेदार होने की स्थिति में पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट टिकट चयन के लिए अहम हो सकती है। भाजपा पहले ही विभिन्न नगर निगम क्षेत्रों के लिए वरिष्ठ नेताओं, मंत्रियों, पूर्व मंत्रियों और संगठन के अनुभवी पदाधिकारियों को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दे चुकी है। चौथा चरण: प्रदेश चयन समिति लगाएगी अंतिम मुहर चार स्तर की प्रक्रिया का अंतिम चरण प्रदेश स्तरीय चुनाव चयन समिति होगी। समिति के सामने सर्वे एजेंसी, स्थानीय संगठन और प्रभारी-पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट रखी जाएगी। सभी स्तरों से मिले फीडबैक पर मंथन के बाद प्रत्याशियों के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यानी किसी दावेदार के पक्ष में केवल स्थानीय सिफारिश पर्याप्त नहीं होगी। उसे अलग-अलग स्तरों पर चुनाव जीतने की क्षमता और संगठनात्मक स्वीकार्यता साबित करनी होगी। जीतने की क्षमता होगी सबसे अहम कसौटी भाजपा नेतृत्व पहले ही संकेत दे चुका है कि टिकट वितरण में जमीनी सक्रियता, जनता के बीच स्वीकार्यता, साफ-सुथरी छवि, संगठन के प्रति निष्ठा और जीतने की क्षमता को प्राथमिकता दी जाएगी। पार्टी इस बार टिकट वितरण में स्थानीय असंतोष और संभावित बगावत को भी कम करना चाहती है। चार स्तर की स्क्रीनिंग से संगठन को मजबूत दावेदारों की तुलना करने और विवादित मामलों में कई स्रोतों से फीडबैक लेने का मौका मिलेगा
August 21, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे और अंतिम दिन शुक्रवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के चलते विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। बाद में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने उनकी बात नहीं सुने जाने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष की गैर-मौजूदगी में विधानसभा अध्यक्ष ने मुखबंद (गिलोटिन) प्रक्रिया के जरिए अनुपूरक अनुदान मांगों को पारित कराया। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। दिनभर चले राजनीतिक टकराव के बीच सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) से संबंधित विधेयक भी सदन में पेश किया। गेट पर रोके जाने का मुद्दा उठाते ही हंगामा सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एक दिन पहले कांग्रेस विधायकों को विधानसभा के गेट पर रोके जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। जूली ने सीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट का मामला भी उठाते हुए सरकार को घेरा। विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल के दौरान इन मुद्दों पर चर्चा की अनुमति नहीं दी। इसके बाद कांग्रेस विधायक वेल में आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस विधायकों ने 'सरकार भगोड़ी है' लिखे पोस्टर भी लहराए। जवाब में भाजपा विधायकों की ओर से राहुल गांधी को लेकर नारेबाजी की गई। बढ़ते शोर-शराबे के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। दोबारा कार्यवाही शुरू हुई, फिर भी नहीं थमा हंगामा दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध बना रहा। हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव, पर्चियों और नियम 295 के तहत प्राप्त प्रस्तावों का विवरण सदन के सामने रखा। निर्दलीय विधायक चंद्रभान सिंह ने अपने विधानसभा क्षेत्र में डोडा-चूरा से जुड़े मामले में किसानों की समस्या उठाई। निर्दलीय विधायक अशोक कोठारी ने भीलवाड़ा में अमृत योजना-2 के बावजूद करीब 120 कॉलोनियों में पेयजल नहीं पहुंचने का मुद्दा उठाया। भाजपा विधायक गोविंद प्रसाद ने मनोहरथाना क्षेत्र के जर्जर स्कूल भवनों का मामला उठाते हुए उनकी मरम्मत की मांग की। वहीं बसपा विधायक मनोज कुमार ने चूरू जिले से जुड़ी यमुना जल परियोजना और भूमि अधिग्रहण का मुद्दा सदन में रखा। कांग्रेस विधायक इस दौरान सदन में मौजूद रहे, लेकिन शून्यकाल की कार्यवाही में भाग लेने के बजाय विरोध और नारेबाजी करते रहे। लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही दोपहर एक बजे तक दूसरी बार स्थगित करनी पड़ी। हंगामे के बीच सदन में पेश हुआ UCC बिल दोपहर एक बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई। इसी दौरान संसदीय कार्य एवं कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने समान नागरिक संहिता यानी UCC से संबंधित विधेयक सदन में प्रस्तुत किया। इससे पहले सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कार्य सलाहकार समिति का 23 वां प्रतिवेदन पेश किया, जिसे सदन ने मंजूरी दी। विशेषाधिकार समिति से संबंधित एक मामले में राष्ट्रीय लोकदल विधायक डॉ. सुभाष गर्ग से जुड़े प्रकरण की समय-सीमा आगे बढ़ाने का प्रस्ताव भी सदन में रखा गया और उसे स्वीकृति दी गई। कई विभागों की अधिसूचनाएं और रिपोर्ट सदन में रखीं सदन में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर, मंत्री मदन दिलावर, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा और नगरीय विकास राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा की ओर से अपने-अपने विभागों से संबंधित विभिन्न अधिसूचनाएं प्रस्तुत की गईं। दिया कुमारी ने महालेखाकार से संबंधित प्रतिवेदन भी सदन में रखा। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड तथा वित्त निगम से जुड़े प्रतिवेदन प्रस्तुत किए। इसके अलावा विधानसभा की विभिन्न समितियों की रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी गईं। जूली के नेतृत्व में कांग्रेस का वॉकआउट हंगामे के बीच उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अनुपूरक अनुदान मांगें प्रस्तुत कीं। करीब दोपहर 1:21 बजे कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि सदन में विपक्ष की बात नहीं सुनी जा रही है। इसके विरोध में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
August 21, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी से पार्षद का टिकट चाहने वाले नेताओं के लिए इस बार आवेदन प्रक्रिया पहले से ज्यादा विस्तृत और पारदर्शी रखी गई है। टिकट के दावेदारों को 19 बिंदुओं में अपनी व्यक्तिगत, राजनीतिक और संगठनात्मक जानकारी पार्टी को देनी होगी। खास बात यह है कि आवेदन करने वाले नेता को अपने वार्ड से टिकट की दौड़ में शामिल खुद के तीन प्रतिद्वंदियों के नाम भी बताने होंगे, जिन्हें पार्टी टिकट के लिए योग्य मानकर विचार कर सकती है। पार्टी का मानना है कि संगठन में सक्रिय कार्यकर्ता केवल खुद को ही टिकट का योग्य दावेदार न माने, बल्कि अपने वार्ड में दूसरे ऐसे कार्यकर्ताओं की पहचान भी करे जो संगठन के साथ जनता के बीच भी सक्रिय हैं। इसी सोच के तहत आवेदन पत्र में तीन अन्य संभावित उम्मीदवारों के नाम और उनकी वरीयता बताने का कॉलम जोड़ा गया है। बीजेपी की प्रदेश मंत्री एकता अग्रवाल ने कहा कि पार्टी की खूबसूरती उसका कार्यकर्ता और संगठन है। आवेदन पत्र में एक कॉलम इसलिए रखा गया है कि टिकट मांगने वाला कार्यकर्ता अपने अलावा उन लोगों के नाम भी बताए, जिन्हें वह संगठन की सेवा और जनता के बीच काम करने के लिहाज से योग्य समझता है। पार्टी ने इसी सद्भाव के साथ संबंधित वार्ड के तीन प्रतिद्वंदियों के नाम मांगे हैं। आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी देनी होगी इस बार पार्टी ने आपराधिक मामलों को लेकर भी आवेदन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। यदि किसी आवेदक के खिलाफ वर्तमान में कोई मुकदमा दर्ज है या पूर्व में कोई मामला दर्ज रहा है तो उसकी जानकारी आवेदन पत्र में देना अनिवार्य होगा। अब तक पार्टी स्तर पर आपराधिक मामलों को लेकर मौखिक रूप से जानकारी ली जाती थी, लेकिन इस बार दावेदारों से पूरी जानकारी लिखित में मांगी गई है। आवेदक को एफआईआर नंबर, संबंधित पुलिस थाना, अपराध की धाराएं, कोर्ट का नाम और आरोप की तारीख जैसी जानकारी देनी होगी। इससे पार्टी के पास टिकट के दावेदारों की पृष्ठभूमि की जानकारी आवेदन के स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही किसी आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने की स्थिति में पार्टी के स्तर पर उस पर अलग से विचार किया जा सकेगा। जिस वार्ड से टिकट मांगा, वहां का वोटर होना जरूरी पार्षद का टिकट चाहने वाले नेताओं को इस बार अपने वार्ड के स्थायी निवासी होने का प्रमाण भी देना होगा। आवेदन पत्र में यह जानकारी देनी होगी कि जिस वार्ड से टिकट मांगा जा रहा है, आवेदक उसी वार्ड का निवासी है या नहीं। इसके सत्यापन के लिए पार्टी ने मतदाता पहचान पत्र अथवा मतदाता सूची का क्रमांक देना अनिवार्य किया है। इससे पार्टी यह जांच सकेगी कि टिकट मांगने वाला नेता वास्तव में संबंधित वार्ड का मतदाता है या नहीं।
August 21, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। इंटरनेशनल ब्यूटी पेजेंट मिस ओशियन वर्ल्ड 2026 के लिए दुनियाभर की मॉडल्स और पेजेंट क्वींस जयपुर पहुंचनी शुरू हो गई हैं। करीब 20 देशों से आई प्रतिभागी सात दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में हिस्सा लेंगी। इस दौरान जयपुर के पर्यटन, हेरिटेज, संस्कृति और राजस्थान की पारंपरिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट किया जाएगा। आयोजक योगेश मिश्रा, निमिषा मिश्रा और डायरेक्टर एकता जैन ने बताया कि जयपुर को इस अंतरराष्ट्रीय पेजेंट के आयोजन के लिए विशेष रूप से चुना गया है। आयोजन का उद्देश्य केवल सौंदर्य प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न देशों की संस्कृति और परंपराओं के बीच संवाद, भारतीय संस्कृति का परिचय और जयपुर की वैश्विक पर्यटन पहचान को मजबूत करना भी है। सिटी पैलेस पहुंचीं 20 देशों की मॉडल्स बुधवार को आयोजित सिटी टूर के दौरान 20 देशों से आई ब्यूटी क्वींस ने जयपुर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। इस दौरान प्रतिभागियों को जयपुर के राजसी इतिहास, वास्तुकला, कला और सांस्कृतिक परंपराओं के बारे में जानकारी दी गई।सिटी पैलेस पहुंची प्रतिभागियों ने शाही वैभव और हेरिटेज को करीब से देखा तथा इसे अपने कैमरों में कैद किया। रंग-बिरंगे राजस्थानी परिधानों और ऐतिहासिक इमारतों के बीच मॉडल्स ने फोटोशूट भी कराया। भारतीय संस्कृति और राजस्थान की परंपराओं से कराया जा रहा परिचय सिटी टूर का उद्देश्य विदेशी प्रतिभागियों को भारत की सांस्कृतिक विविधता और राजस्थान की समृद्ध विरासत से परिचित कराना है। आयोजन के दौरान प्रतिभागियों को पारंपरिक कला, लोक संस्कृति और स्थानीय परिधानों की जानकारी भी दी जा रही है। सिटी टूर के दौरान होटल मैरियट में प्रतिभागियों के लिए विशेष लंच का आयोजन भी किया गया। अनंत महल में होंगे प्रमुख कार्यक्रम आयोजकों के अनुसार पेजेंट के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम मानसरोवर स्थित अनंत महल में आयोजित किए जा रहे हैं। यहां हेरिटेज और ट्रेडिशनल कल्चर की थीम पर विभिन्न गतिविधियां होंगी। विदेशी प्रतिभागियों को राजस्थान की पारंपरिक संस्कृति से जोड़ने के लिए विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और थीम आधारित कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। ‘क्लीन एंड पॉल्यूशन फ्री ओशियन’ है मुख्य संदेश मिस ओशियन वर्ल्ड 2026 का मुख्य संदेश ‘क्लीन एंड पॉल्यूशन फ्री ओशियन’ रखा गया है। पेजेंट के माध्यम से समुद्रों को स्वच्छ रखने, प्रदूषण कम करने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि सौंदर्य के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को भी इस मंच पर प्रमुखता दी जा रही है। गाउन और स्विमसूट राउंड में दिया क्लीन ओशियन का संदेश आयोजन की शुरुआत के तहत मंगलवार को गाउन राउंड और स्विमसूट राउंड के अंतर्गत फोटोशूट आयोजित किया गया। अनंत महल में हुए इस फोटोशूट के दौरान प्रतिभागियों ने ‘क्लीन ओशियन’ थीम को प्रमुखता से प्रस्तुत किया और अपने ग्लोबल प्लेटफॉर्म के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। 21 अगस्त को टैलेंट और नेशनल कॉस्ट्यूम राउंड पेजेंट के प्री-फिनाले के तहत 21 अगस्त को टैलेंट राउंड और नेशनल कॉस्ट्यूम राउंड आयोजित होगा। नेशनल कॉस्ट्यूम राउंड में अलग-अलग देशों की प्रतिभागी अपने-अपने राष्ट्र की पारंपरिक वेशभूषा, संस्कृति और पहचान को मंच पर प्रस्तुत करेंगी। यह राउंड विभिन्न देशों की सांस्कृतिक विविधता का खास आकर्षण रहेगा। 22 अगस्त को मिस फ्यूजन इंडिया का फिनाले पेजेंट से जुड़े आयोजनों की कड़ी में 22 अगस्त को मिस फ्यूजन इंडिया का फिनाले भी आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा द मिस ग्लोब इंडिया, मिस प्लेनेट इंडिया और मिस ओशियन इंडिया जैसे खिताब भी प्रदान किए जाएंगे। 23 अगस्त को मिस ओशियन वर्ल्ड 2026 का ग्रैंड फिनाले सात दिवसीय आयोजन का समापन 23 अगस्त को ग्रैंड फिनाले के साथ होगा। इसी दिन मिस ओशियन वर्ल्ड 2026 की विजेता को ताज पहनाया जाएगा। फिनाले में विभिन्न देशों की प्रतिभागियों के बीच व्यक्तित्व, प्रस्तुति, प्रतिभा और सांस्कृतिक समझ के आधार पर कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी।
August 20, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में फर्जीवाड़े के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। टोंक और जयपुर के बाद अब श्रीगंगानगर जिले में भी बीमा पॉलिसियों से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। सूरतगढ़ क्षेत्र के कालूसर गांव में एक ही खसरे की 10.37 हेक्टेयर भूमि पर कई अलग-अलग पॉलिसियां बनाकर वास्तविक क्षेत्रफल से करीब सात गुना अधिक भूमि का बीमा कराने का आरोप है। मामले में 31.15 लाख रुपए से अधिक का बीमा क्लेम प्राप्त किए जाने की बात भी सामने आई है। मामला कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीना तक पहुंचने के बाद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। कृषि विभाग की पड़ताल में सामने आया कि खसरा नंबर 281/91 की वास्तविक भूमि के मुकाबले कई गुना अधिक क्षेत्रफल दिखाकर अलग-अलग बीमा पॉलिसियां जारी कराई गईं। इसके अलावा इसी भूमि पर अन्य किसानों की ओर से कराई गई कुछ पॉलिसियों को बीमा कंपनी ने रिजेक्ट भी कर दिया था। विभाग अब पूरे मामले में किसानों के साथ-साथ संबंधित सीएससी और ई-मित्र संचालकों की भूमिका की भी जांच करा रहा है। ऐसे उठाया गया 31 लाख से ज्यादा का क्लेम आरोप है कि कृषक बनवारी लाल ने खसरा नंबर 281/91 की 10.37 हेक्टेयर भूमि पर ऋणी किसान के रूप में मूंगफली की फसल का बीमा करवाया था।इसी खसरे पर सीएससी संचालक विकास कुमार के माध्यम से भी 10.37 हेक्टेयर और बिजेश के माध्यम से 10.30 हेक्टेयर क्षेत्रफल का अलग-अलग बीमा करवाया गया।इन तीन पॉलिसियों के आधार पर बनवारी लाल को कुल 23 लाख 35 हजार 319 रुपए का बीमा क्लेम मिलने की बात सामने आई है।इसी भूमि को बनवारी लाल की ओर से रिछपाल को बटाई पर दिए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई। रिछपाल ने भी इसी खसरे में मूंगफली की फसल का बीमा कराया और 7 लाख 80 हजार 195 रुपए का क्लेम प्राप्त किया।इस तरह दोनों के माध्यम से कुल 31 लाख 15 हजार 514 रुपए का बीमा क्लेम प्राप्त किए जाने का मामला सामने आया है। टोंक और जयपुर में भी पकड़ा गया फर्जीवाड़ा श्रीगंगानगर से पहले खरीफ-2026 के दौरान टोंक जिले की मालपुरा तहसील और जयपुर जिले की शाहपुरा तहसील में भी फर्जी फसल बीमा कराने की शिकायतें कृषि विभाग तक पहुंची थीं। गोपनीय सूचना के आधार पर कराई गई जांच में शिकायतों को सही पाए जाने के बाद विभाग ने कार्रवाई शुरू की। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल की ओर से संबंधित किसानों, सीएससी संचालकों और अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज करवाकर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इन किसानों के नाम आए सामने विभागीय कार्रवाई में टोंक जिले की मालपुरा तहसील के मुकेश सैनी पुत्र फूलचन्द सैनी, सीताराम सैनी पुत्र फूलचन्द सैनी और फूलचन्द पुत्र हजारी लाल सैनी के नाम सामने आए हैं। वहीं जयपुर जिले से दीपक सैनी पुत्र दिनेश सैनी और विनिता सैनी पत्नी सीताराम सैनी का नाम सामने आया है। इनके साथ संबंधित सीएससी (ई-मित्र) संचालकों और अन्य किसानों की भूमिका को लेकर भी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। कृषि मंत्री बोले- सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीना ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना समेत किसी भी सरकारी योजना में फर्जीवाड़ा या दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कृषि विभाग की कार्रवाई के बाद अब यह भी जांच का विषय है कि एक ही भूमि पर अलग-अलग पॉलिसियां किस स्तर पर और किन दस्तावेजों के आधार पर जारी की गईं। इसके साथ ही सीएससी संचालकों और बीमा प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोगों की जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है।
August 20, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस विधायकों और नेताओं को विधानसभा के अंदर नहीं जाने दिया जा रहा और गेट नंबर-6 पर ताले लगा दिए गए हैं। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार, शिक्षा मंत्री की कार्यशैली, सरकार की विफलताओं, कृषि से जुड़े कथित घोटालों और चिकित्सा व्यवस्था सहित कई मुद्दों पर सदन में चर्चा करना चाहती है। शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना डोटासरा ने आरोप लगाया कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में गंभीर अव्यवस्थाएं हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के तबादलों से लेकर स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं तक कई सवाल खड़े हो रहे हैं।उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के करीब 3 हजार स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, जबकि कई स्कूलों में टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में विद्यार्थी परेशान हैं, लेकिन सरकार वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय विपक्ष और मीडिया को रोकने में लगी है। ट्रांसफर और कैविएट के मुद्दे पर भी लगाए आरोप कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने शिक्षा विभाग में तबादलों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पैसे लेकर ट्रांसफर करने और हाईकोर्ट में कैविएट दायर किए जाने जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए सरकार से जवाब मांगा। डोटासरा ने कहा कि विपक्ष इन सभी मामलों पर विधानसभा के भीतर चर्चा करना चाहता है, लेकिन सरकार उन्हें रोकने का प्रयास कर रही है। मदन दिलावर पर तीखा हमला जब डोटासरा से पूछा गया कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्कूलों में मीडिया की एंट्री पूरी तरह बंद नहीं की है, तो उन्होंने मंत्री पर तीखी टिप्पणी की। डोटासरा ने दिलावर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में RSS का प्रभाव बढ़ाया जा रहा है और स्कूलों के भीतर संगठन से जुड़े कार्यक्रम कराए जा रहे हैं। डोटासरा ने दावा किया कि स्कूल परिसरों में RSS से जुड़े लोग परीक्षाएं और अन्य गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। हालांकि, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर सरकार या शिक्षा मंत्री की तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मानसून सत्र में शिक्षा का मुद्दा गरमाने के आसार कांग्रेस जिस तरह शिक्षा विभाग, सरकारी स्कूलों की स्थिति और मंत्री की कार्यशैली को लेकर लगातार हमलावर है, उससे साफ है कि मानसून सत्र में शिक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठ सकते हैं। विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन और गेट पर रोक के आरोपों के बाद कांग्रेस सरकार को सदन के भीतर भी इन मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है।