July 9, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान कांग्रेस संगठन में जल्द बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की प्रदेश संगठन पदाधिकारियों की टीम में आने वाले दिनों में फेरबदल होने के संकेत मिल रहे हैं। चर्चा है कि संगठन में सक्रियता, दोहरी जिम्मेदारियों और आगामी चुनावी तैयारियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश पदाधिकारियों की नई टीम तैयार की जा सकती है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस प्रदेश पदाधिकारी रहते हुए जिलाध्यक्ष या संगठन में अन्य पदों पर नियुक्त हो चुके करीब एक दर्जन नेताओं को वर्तमान प्रदेश पदाधिकारी पद से मुक्त किया जा सकता है। इसके अलावा तीन से चार निष्क्रिय प्रदेश पदाधिकारियों की जगह नए और युवा नेताओं को मौका दिए जाने की चर्चा है। संगठनात्मक बदलाव में मौजूदा दो प्रदेश उपाध्यक्षों और आधा दर्जन से अधिक प्रदेश सचिवों को पद से मुक्त किए जाने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस राष्ट्रीय संगठन नेतृत्व राजस्थान में पार्टी को आगामी नगर निकाय और पंचायत राज चुनावों से पहले अधिक सक्रिय और संतुलित रूप देना चाहता है। सूत्रों के मुताबिक, बदलाव में ऐसे नेताओं को प्राथमिकता दी जा सकती है, जो संगठनात्मक रूप से सक्रिय हों और क्षेत्रीय स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की क्षमता रखते हों। युवा चेहरों, सामाजिक संतुलन और चुनावी उपयोगिता को भी नई नियुक्तियों में महत्व दिए जाने की संभावना है। इधर, एआईसीसी के उच्च स्तर पर यह भी संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को फिलहाल उनके पद पर यथावत रखा जा सकता है। आगामी नगर निकाय और पंचायत राज चुनावों तक डोटासरा के नेतृत्व में ही प्रदेश संगठन को आगे बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है। राजस्थान में आने वाले समय में स्थानीय निकाय और पंचायती राज चुनाव कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। ऐसे में पार्टी संगठन में बदलाव को चुनावी तैयारी और जमीनी सक्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, संगठनात्मक बदलाव को लेकर अभी तक कांग्रेस की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। अब सभी की नजर कांग्रेस राष्ट्रीय नेतृत्व और प्रदेश संगठन की आगामी सूची पर टिकी है। नई नियुक्तियों के बाद यह स्पष्ट होगा कि पार्टी किस क्षेत्र, वर्ग और नेतृत्व समूह को संगठन में अधिक महत्व देती है।
July 9, 2026
राजस्थान न्यूज़: करौली। जिले में पिछले कुछ दिनों से पांचना बांध के मुद्दे और सामाजिक तनाव को लेकर बना गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। पांचना बांध संघर्ष समिति ने सरकार और जिला प्रशासन के सकारात्मक रुख तथा त्वरित कार्रवाई के बाद अपने आंदोलन, गुड़ला में चल रहे धरने और चक्काजाम को पूरी तरह समाप्त करने की घोषणा कर दी है। संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह धाभाई ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए आंदोलन में एकजुटता दिखाने और सहयोग करने वाले क्षेत्रवासियों व समाज के लोगों का आभार व्यक्त किया। धरना समाप्त होने की घोषणा के बाद फिलहाल करौली जिले में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और सभी मार्गों पर आवागमन सुचारू कर दिया गया है। सरकार और प्रशासन के सामने रखी थीं मांगें संघर्ष समिति के अध्यक्ष अशोक सिंह धाभाई ने बताया कि समिति ने क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर सरकार और स्थानीय प्रशासन के सामने प्रमुख मांगें रखी थीं। इनमें सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अभद्र, अपमानजनक और अमर्यादित टिप्पणियां करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग प्रमुख थी। समिति का कहना था कि ऐसे मामलों में तुरंत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए, ताकि भविष्य में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास न हो। इसके अलावा खंडीप, कुसाय सहित विभिन्न स्थानों पर अवरुद्ध मार्गों को तुरंत खुलवाने की मांग भी रखी गई थी। संघर्ष समिति ने इन मांगों को लेकर सरकार और जिला प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद समाप्त हुआ आंदोलन समिति के अनुसार, प्रशासन और पुलिस ने तय समय सीमा के भीतर संवेदनशील स्थानों पर लगे जाम हटवाए और यातायात व्यवस्था को बहाल कराया। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर वैमनस्य फैलाने और अमर्यादित टिप्पणियां करने के आरोपों से जुड़े मामलों में पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए हैं। प्रशासन ने संघर्ष समिति को आश्वस्त किया है कि चिन्हित आरोपियों के खिलाफ विधि अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसी आश्वासन और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद संघर्ष समिति ने आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया। इंटरनेट सेवाएं जल्द बहाल होने की उम्मीद पांचना बांध विवाद और संभावित तनाव को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर करौली जिले के कई हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी थीं। प्रशासन का उद्देश्य अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार को रोकना था। अब धरना और चक्काजाम समाप्त होने तथा स्थिति सामान्य होने के बाद माना जा रहा है कि प्रशासन जल्द ही इंटरनेट सेवाओं को बहाल करने पर निर्णय ले सकता है। इंटरनेट बंद होने से आमजन, विद्यार्थियों और व्यवसाय से जुड़े लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
July 9, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर राजस्व अर्जन से संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के राजस्व लक्ष्यों, कर संग्रहण की स्थिति और कर चोरी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाए और राजस्व संग्रहण में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाए। बैठक में कर चोरी रोकने के लिए प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई, तकनीक आधारित निगरानी और विभागीय समन्वय को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण, राजस्व रिसाव रोकने और लक्ष्य आधारित कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ने के निर्देश दिए। बैठक में विभागवार प्रगति की समीक्षा की गई और आगामी वित्तीय वर्ष के लिए राजस्व अर्जन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
July 9, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। प्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने अगला कदम बढ़ा दिया है। कानून के मसौदे को व्यावहारिक, संतुलित और सर्वसमावेशी बनाने के लिए 10 और 11 जुलाई 2026 को जयपुर के कलेक्टर सभागार में दो दिवसीय संभाग स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। सेवानिवृत्त आईएएस शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में गठित समिति आमजन, प्रबुद्धजनों, विभिन्न संगठनों और समाज के अलग-अलग वर्गों से सुझाव लेगी। संभागीय आयुक्त वी. सरवण कुमार ने जिला प्रशासन को जनसुनवाई के सफल आयोजन और व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। दो दिन चलेगी जनसुनवाई 10 जुलाई को सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, नगर निकाय अध्यक्षों, विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों, अधिवक्ताओं, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सुझाव लिए जाएंगे। इसी दिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक जयपुर संभाग के विभिन्न जिलों से आने वाले आम नागरिकों के लिए जनसुनवाई होगी। इसकी अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह करेंगे। 11 जुलाई को सुबह 10 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक जयपुर जिले के शेष नागरिकों के लिए जनसुनवाई रखी गई है। इस दौरान समिति सदस्य डॉ. शुचि चौहान की मौजूदगी में आमजन से सुझाव लिए जाएंगे। इन विषयों को UCC के दायरे में रखने पर विचार प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के दायरे में विवाह, विवाह विच्छेद यानी तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषयों को शामिल किए जाने पर विचार किया जा रहा है। समिति इन विषयों पर अलग-अलग वर्गों की राय लेकर मसौदे को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ेगी। सरकार ने सुझावों के लिए ucc.rajasthan.gov.in पोर्टल भी शुरू किया है। इस पोर्टल पर नागरिक सवालों के जवाब देकर अपने सुझाव दर्ज करा सकते हैं और संबंधित दस्तावेज भी अपलोड कर सकते हैं। इन सवालों पर मांगी जा रही राय जनसुनवाई और पोर्टल के माध्यम से नागरिकों से यह राय मांगी जा रही है कि क्या वे संविधान के अनुच्छेद 44 में समान नागरिक संहिता के प्रावधान से परिचित हैं और क्या वे राजस्थान में यूसीसी लागू करने के पक्ष में हैं। इसके अलावा यह भी पूछा जा रहा है कि क्या यूसीसी को संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किए बिना लागू किया जा सकता है। विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, वसीयत और लिव-इन संबंधों को यूसीसी में शामिल करने को लेकर भी आमजन से सुझाव मांगे जा रहे हैं। समिति यह भी जानना चाहती है कि क्या सभी समुदायों के लिए विवाह और तलाक के समान नियम होने चाहिए, क्या तलाक का अनिवार्य पंजीकरण होना चाहिए और क्या भरण-पोषण के लिए एक समान कानून बनाया जाना चाहिए। महिलाओं और पुरुषों को समान संपत्ति अधिकार देने, लिव-इन संबंधों के अनिवार्य पंजीकरण, लिव-इन संबंधों से जुड़ी महिलाओं और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, बहुविवाह के प्रभाव और सामाजिक कुरीतियों तथा लैंगिक भेदभाव को समाप्त करने में यूसीसी की भूमिका पर भी राय ली जाएगी। सरकार का उद्देश्य विभिन्न वर्गों से प्राप्त सुझावों के आधार पर ऐसा मसौदा तैयार करना है, जो सामाजिक संतुलन, संवैधानिक मूल्यों और समान अधिकारों की भावना को ध्यान में रखकर बनाया जा सके।
July 9, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। प्रताप नगर क्षेत्र से 5 जून को लापता हुई और 6 जून को मृत अवस्था में मिली 15 वर्षीय वंशिका गर्ग के मामले में न्याय की मांग तेज हो गई है। गुरुवार को पिंकसिटी प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में वंशिका के परिजनों ने पुलिस जांच और कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। पत्रकार वार्ता में वंशिका के पिता मनीष गर्ग, माता संतोष गर्ग, भाई वरुण गर्ग, एडवोकेट पीयूष अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, मोहित गौतम, संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल, प्रदेश प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी अभिषेक जैन ‘बिट्टू’ सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। परिजनों ने आरोप लगाया कि वंशिका मामले की जांच को जानबूझकर धीमा किया जा रहा है और वास्तविक आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। परिवार ने महत्वपूर्ण साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका भी जताई। परिजनों का कहना है कि घटना को एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक न तो जांच की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की गई है और न ही मौत के कारणों को लेकर संतोषजनक जानकारी दी गई है। 48 घंटे का अल्टीमेटम, कार्रवाई नहीं हुई तो धरना परिजनों ने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और जांच की संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई, तो परिवार अपने शुभचिंतकों के साथ भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर लोकतांत्रिक तरीके से धरना देगा। परिवार ने कहा कि ऐसी स्थिति में पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के समय न्याय का भरोसा दिलाने वाले कई जनप्रतिनिधि अब फोन तक नहीं उठा रहे हैं। परिवार का कहना है कि उन्हें अब भी न्याय का इंतजार है और वे अपनी बेटी को न्याय दिलाने तक संघर्ष जारी रखेंगे। जन्मदिन पर भावुक हुआ परिवार गुरुवार को वंशिका का जन्मदिन था। इस मौके पर परिवार भावुक नजर आया। परिजनों ने कहा कि हर बेटी का सपना होता है कि वह अपना जन्मदिन अपने परिवार और अपनों के साथ खुशियों में मनाए, लेकिन उनकी बेटी आज इस दुनिया में नहीं है। परिवार ने कहा कि वंशिका की आत्मा आज भी न्याय की प्रतीक्षा कर रही है। परिजनों ने संकल्प दोहराया कि जब तक वंशिका को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। पीड़ित परिवार के मोबाइल जब्त करने पर सवाल वंशिका के पिता मनीष गर्ग ने कहा कि पुलिस ने जांच के नाम पर पीड़ित परिवार के मोबाइल फोन करीब एक माह पहले जब्त किए, लेकिन अब तक यह नहीं बताया गया कि उनसे क्या साक्ष्य मिले। उन्होंने सवाल उठाया कि पीड़ित परिवार के मोबाइल ही क्यों जब्त किए गए, जबकि कथित आरोपियों के मोबाइल जब्त कर जांच आगे बढ़ाई जानी चाहिए थी। मनीष गर्ग ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में पुलिस पीड़ित परिवार को परेशान कर रही है और वास्तविक आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि आरयूएचएस अस्पताल के बाहर चले धरने के दौरान पुलिस और प्रशासन ने दो दिन में कार्रवाई तथा आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था, लेकिन एक माह बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई और जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई।
July 9, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर/चूरू। राजस्थान में बसों के संचालन में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। रालसा के एक माह के विशेष निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान के दौरान चूरू में एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर पर तीन बसें संचालित होती मिलीं। इनमें एक बस चूरू रूट पर, दूसरी झुंझुनूं रूट पर और तीसरी चूरू के एक स्कूल में चलाई जा रही थी। प्रदेश में लगातार हो रहे बस हादसों के बाद राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से लग्जरी बसों, स्लीपर बसों और यात्री वाहनों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत जयपुर और चूरू में हुई कार्रवाई में परिवहन विभाग ने 4 बसों को जब्त किया है। चूरू में एक ही नंबर पर तीन बसें चूरू में परिवहन निरीक्षक रॉबिन सिंह की जांच में बस नंबर RJ 18 PB 1433 पर तीन अलग-अलग बसों का संचालन होना पाया गया। जांच में सामने आया कि तीनों बसों के चेसिस नंबर वाले हिस्से को काटकर उन पर दोबारा कथित रूप से फर्जी पंचिंग की गई थी। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि ये बसें या तो कबाड़ से खरीदी गई थीं या फिर चोरी के वाहनों को मॉडिफाई कर सड़क पर उतारा गया था। परिवहन विभाग के अनुसार, जब्त की गई तीनों बसों में से कोई भी बस RJ 18 PB 1433 नंबर की मूल बस नहीं निकली। ऐसे में जिस बस के दस्तावेजों और रजिस्ट्रेशन नंबर पर यह पूरा संचालन किया जा रहा था, उस असली बस का पता लगाने की कार्रवाई की जा रही है। तीनों बसें अलग-अलग ट्रैवल्स एजेंसियों के नाम पर संचालित की जा रही थीं। परिवहन विभाग ने इन्हें अलग-अलग रूटों से जब्त कर चूरू डीटीओ कार्यालय में सीज कर दिया है। मामले में वाहन मालिक सतवीर सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जयपुर में नागालैंड रजिस्ट्रेशन की बस पर एमपी नंबर प्लेट जयपुर में भी जांच के दौरान विजय ट्रैवल्स की एक बस संदिग्ध पाई गई। बस पर मध्य प्रदेश की नंबर प्लेट लगी हुई थी, लेकिन जांच में उसका मूल रजिस्ट्रेशन नागालैंड का निकला। दस्तावेजों और वाहन की पहचान में गड़बड़ी मिलने के बाद बस को जब्त कर जांच शुरू कर दी गई है। इस तरह के मामलों ने यात्री सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ही नंबर पर कई बसों का संचालन न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि किसी दुर्घटना की स्थिति में वाहन की वास्तविक पहचान और जिम्मेदारी तय करने में भी बड़ी बाधा बन सकता है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के प्रावधान परिवहन विभाग के अनुसार, ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। संबंधित प्रावधानों के तहत एक साल तक की जेल और 15 से 20 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान बताया गया है। रालसा के विशेष अभियान के तहत अब प्रदेशभर में बसों की जांच और तेज होने की संभावना है। परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और संबंधित एजेंसियां दस्तावेजों, चेसिस नंबर, फिटनेस, परमिट और नंबर प्लेट की गहन जांच कर रही हैं, ताकि अवैध और असुरक्षित वाहनों को सड़क से हटाया जा सके।
July 8, 2026
राजस्थान न्यूज़: टोंक। मांडव ऋषि की तपोभूमि और मिनी पुष्कर के रूप में प्रसिद्ध मांडकला-नगरफोर्ट सरोवर तट पर स्थित श्री धरणीधर मंदिर राष्ट्रीय स्मारक का पुनर्निर्माण कार्य लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हो चुका है। धाकड़ समाज की एकता, अखंडता और आस्था के प्रतीक आदि पूर्वज आराध्य देव श्री धरणीधर मंदिर परिसर में अब एक करोड़ रुपये की लागत से “श्री धरणीधर राष्ट्रीय उद्यान” का निर्माण और सौंदर्यकरण किया जाएगा। श्री धरणीधर राष्ट्रीय उद्यान निर्माण समिति मांडकला-नगरफोर्ट के प्रबंधक प्रहलाद धाकड़ सेवक ने बताया कि यह दिव्य, अलौकिक और आकर्षक उद्यान अखिल भारतीय श्री धाकड़ महासभा भारतवर्ष के तत्वावधान में विकसित किया जाएगा। उद्यान का निर्माण कार्य लगभग दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रहलाद धाकड़ ने बताया कि उद्यान को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से विशेष रूप से आकर्षक बनाया जाएगा। इसमें चार धाम यात्रा की झांकी, प्राकृतिक झीलें, झूले, फव्वारे, विशेष लाइटिंग और धार्मिक व आध्यात्मिक स्टैच्यू स्थापित किए जाएंगे। रात्रि के समय आकर्षक रोशनी की व्यवस्था उद्यान की सुंदरता को और बढ़ाएगी। उद्यान परिसर को खुशबूदार फूलों, लताओं और हरित वातावरण से सजाया जाएगा। इसके साथ ही किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए धाकड़ समाज के रूपाजी और कृपाजी का स्मारक भी यहां बनाया जाएगा, जो समाज की गौरवगाथा और बलिदान की याद दिलाएगा। उन्होंने बताया कि इस उद्यान का निर्माण भारतभर के स्वजातीय भामाशाहों, प्रतिष्ठित व्यवसाय बंधुओं और अखिल भारतीय धाकड़ महासभा के राष्ट्रीय, प्रांतीय, जिला और तहसील स्तरीय पदाधिकारियों के सहयोग से किया जाएगा। प्रबंधक प्रहलाद धाकड़ ने कहा कि श्री धरणीधर राष्ट्रीय उद्यान बनने के बाद यह स्थल केवल धाकड़ समाज ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए आस्था, संस्कृति और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा। मंदिर और उद्यान के विकसित होने से मांडकला-नगरफोर्ट क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
July 8, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। अजमेर रोड पर मंगलवार को हुए दर्दनाक हादसे ने शहर की परिवहन व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार ने करोड़ों रुपए खर्च कर हीरापुरा बस स्टैंड शुरू किया, लेकिन छह महीने बाद भी अधिकांश निजी बसें बस स्टैंड परिसर में प्रवेश नहीं कर रहीं। इसके बजाय 200 फीट चौराहा और नए बस स्टैंड के बीच करीब 10 अवैध स्टॉपेज बन गए हैं, जहां बसें यात्रियों को चढ़ाने और उतारने का काम कर रही हैं। इन्हीं अवैध बस स्टॉपेज में से एक स्थान पर राजसमंद जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे लोगों को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे वाली जगह पर लंबे समय से सुबह और शाम निजी बसों का अनधिकृत संचालन हो रहा था और यात्रियों को वहीं से बैठाया तथा उतारा जा रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि हीरापुरा में आधिकारिक बस स्टैंड मौजूद होने के बावजूद निजी बस संचालक सुविधा और मनमर्जी के अनुसार सड़क किनारे ही बसें रोक रहे हैं। 200 फीट चौराहा, हाईवे किंग के बाहर और आसपास के इलाकों में अवैध ठहराव के कारण सड़क पर यातायात दबाव बढ़ता है और हादसों की आशंका लगातार बनी रहती है। इसके बावजूद आरटीओ, पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से अवैध बस स्टॉपेज हटाने या बसों को वहां रुकने से रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अब हादसे के बाद पुलिस मंगलवार को मौके पर सक्रिय नजर आई और बसों को वहां रुकने से रोका गया। हालांकि सवाल यह है कि यदि पहले से निगरानी और कार्रवाई की जाती, तो ऐसी स्थिति टाली जा सकती थी। हीरापुरा बस स्टैंड का अपेक्षित उपयोग नहीं होना भी प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। करोड़ों रुपए खर्च कर तैयार किए गए बस स्टैंड के बावजूद बसों का अनधिकृत रूप से सड़क किनारे संचालन न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यात्रियों और आमजन की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। हादसे के बाद परिवहन विभाग, पुलिस और प्रशासन की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब आवश्यकता है कि अवैध बस स्टॉपेज पर सख्त कार्रवाई की जाए, निजी बसों को निर्धारित बस स्टैंड से ही संचालित कराया जाए और नियमित निगरानी व्यवस्था लागू की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
July 8, 2026
राजस्थान न्यूज़: करौली। करौली जिले में पांचना बांध से जल निकासी शुरू होने के बाद भी विवाद पूरी तरह शांत नहीं हो सका है। कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी पहुंचने के बावजूद किसान आंदोलन और जाम जारी रखे हुए हैं। हिण्डौन, गंगापुर सिटी और आसपास के कई इलाकों में किसान सड़क पर डटे रहे, जिससे आमजन और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार जारी जाम के कारण हिण्डौन-करौली और हिण्डौन-गंगापुर सिटी मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। देर शाम तक कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। जाम के चलते लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा और यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। रोडवेज बसों का संचालन बंद सड़क मार्ग बाधित होने के कारण राजस्थान रोडवेज ने हिण्डौन-करौली और हिण्डौन-गंगापुर सिटी मार्ग पर बसों का संचालन बंद कर दिया। बस सेवा ठप होने से बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। कई यात्रियों को निजी वाहनों या अन्य मार्गों से सफर करना पड़ा। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार मार्ग खुलने के बाद ही बसों का नियमित संचालन शुरू किया जाएगा। नहरों में पानी पहुंचा, फिर भी किसानों में नाराजगी मंगलवार देर शाम तक पांचना बांध का पानी कमांड क्षेत्र की नहरों के जरिए बांदी गांव तक पहुंच गया। इसके बावजूद किसानों का कहना है कि नहर में पानी का दबाव पर्याप्त नहीं है। किसानों का आरोप है कि मौजूदा जल प्रवाह से अंतिम छोर तक सिंचाई संभव नहीं होगी। उनकी मांग है कि पानी का प्रवाह बढ़ाया जाए, ताकि सभी गांवों और खेतों तक समान रूप से पानी पहुंच सके। जल पूजन कार्यक्रम टला कुसमाय गांव में पानी पहुंचने पर जल पूजन कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के समय पर नहीं पहुंचने के कारण कार्यक्रम नहीं हो सका। बाद में मंत्री गंगापुर सिटी पहुंचे, लेकिन कुछ देर रुकने के बाद लौट गए। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी ग्रामीणों से बातचीत के लिए पहुंचे, लेकिन विरोध के चलते उन्हें भी वापस लौटना पड़ा। समाधान के लिए वार्ता की कोशिश जारी कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा पहले ही ग्रामीणों से बातचीत कर आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास कर चुके हैं, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से आज भी किसानों से वार्ता की कोशिश की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि बातचीत के माध्यम से जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। पांचना बांध से जल निकासी शुरू होने के बावजूद किसानों की नाराजगी से स्पष्ट है कि विवाद का स्थायी समाधान अभी बाकी है। अब प्रशासन के सामने चुनौती है कि जल वितरण को लेकर किसानों की आशंकाओं को दूर कर मार्गों पर यातायात सामान्य कराया जाए।
July 8, 2026
राजस्थान न्यूज़: टोंक। प्रदेश में चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’ अभियान के तहत टोंक जिले में फूड सेफ्टी टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने उनियारा उपखंड के नैनवा रोड स्थित मैसर्स श्री श्याम ट्रेडर्स पर जांच के दौरान एनर्जी ड्रिंक ‘रिवोल्ट’ की 7,488 बोतलें सीज कीं। सीएमएचओ टोंक डॉ. शैलेन्द्र सिंह चौधरी ने बताया कि जांच के दौरान बोतलों के लेबल पर “Stimulates Mind”, “Energizes Body” और “Same Great Taste” जैसे दावे अंकित पाए गए। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार इस प्रकार के दावों को भ्रामक प्रचार की श्रेणी में माना जाता है। फूड सेफ्टी टीम ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत उत्पाद के नमूने लिए और शेष 7,488 बोतलों को सीज कर दिया। अधिकारियों के अनुसार एफएसएसएआई के निर्देशों के तहत कैफीनेटेड बेवरेज पर “एनर्जी ड्रिंक”, “स्पोर्ट्स ड्रिंक” और “स्टिमुलेट्स माइंड” जैसे दावों का उल्लेख भ्रामक माना जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में इस संबंध में पेय पदार्थ निर्माता कंपनियों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। अधिक कैफीन वाले पेय पदार्थ गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ऐसे उत्पादों की लेबलिंग और दावों की जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने व्यापारियों और विक्रेताओं से अपील की है कि वे खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही उत्पादों की बिक्री करें और भ्रामक लेबलिंग या दावों वाले उत्पादों को बेचने से बचें।
July 8, 2026
राजस्थान न्यूज़: बूंदी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बुधवार को दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे के विभिन्न खंडों का निरीक्षण करने बूंदी जिले के लबान इंटरचेंज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मार्ग में रुककर सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लिया। लबान इंटरचेंज पहुंचने पर लोकसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री का स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आमजन ने आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण कार्य, यातायात सुविधा, सुरक्षा इंतजाम और परियोजना की प्रगति को लेकर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली गई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार हीरालाल नागर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। मार्ग में कई स्थानों पर स्थानीय नागरिकों द्वारा अतिथियों का स्वागत और अभिनंदन भी किया गया। दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, यातायात सुविधा और आर्थिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इसके पूर्ण होने से राजस्थान सहित आसपास के क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा और औद्योगिक व व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
July 8, 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा राजस्थान की ओर से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर जयपुर के प्रताप नगर स्थित निर्मला ऑडिटोरियम में छात्रा-युवती सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महाविद्यालयों की छात्राओं और स्कूली बालिकाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारत की अखंडता और एकात्मता के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम और स्वतंत्रता के बाद राष्ट्र निर्माण में अनेक ऐसे राष्ट्रनायकों का अमूल्य योगदान रहा, जिनके बारे में समाज, विशेषकर युवाओं को पर्याप्त जानकारी नहीं मिल सकी। राठौड़ ने कहा कि इतिहास को सीमित दायरे में प्रस्तुत किए जाने के कारण अनेक महान विभूतियों के त्याग, तप और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान से नई पीढ़ी अनभिज्ञ रह गई। आज आवश्यकता है कि छात्राओं और युवाओं को ऐसे महापुरुषों के जीवन, विचारों और बलिदान से परिचित कराया जाए। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के कश्मीर की पूर्ण एकात्मता के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के राष्ट्रसेवा में योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से राष्ट्रनायकों के विचारों और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। छात्राएं राष्ट्र के इतिहास को समझें और देश निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं : डॉ. अलका गुर्जर सम्मेलन की मुख्य वक्ता राज्यसभा सांसद डॉ. अलका गुर्जर ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्र निर्माण, असम, बंगाल और कश्मीर के भारत की एकात्मता में योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने धारा 370 के संदर्भ में डॉ. मुखर्जी के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धारा 370 हटाकर जम्मू-कश्मीर को विकास और समान अधिकारों की मुख्यधारा से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया गया। डॉ. अलका गुर्जर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं और बेटियों के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे सामाजिक और राजनीतिक विषयों की जानकारी रखें, राष्ट्र के इतिहास को समझें और देश निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। डॉ. राखी राठौड़ ने छात्राओं से राष्ट्र निर्माण, समाज सेवा और संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान भाजपा महिला मोर्चा राजस्थान की प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राखी राठौड़ ने कहा कि महिला मोर्चा आने वाले समय में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में इसी प्रकार के छात्रा संवाद और युवती सम्मेलन आयोजित करेगा। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्राओं और युवाओं को राष्ट्रनायकों के जीवन, विचारों, त्याग और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की समग्र जानकारी दी जाएगी। डॉ. राखी राठौड़ ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में राष्ट्रहित में कार्य करने की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने छात्राओं से राष्ट्र निर्माण, समाज सेवा और संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री अरुण सिहाग, मूर्ति मीणा, महिला मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी और बड़ी संख्या में छात्राएं एवं स्कूली बालिकाएं उपस्थित रहीं।