May 26, 2026
#मधुकर कहिन: गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
June 19, 2023
#मधुकर कहिन: अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 0 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट अजमेर, 19 जून। सेना भर्ती कार्यालय जोधपुर के निदेशक (भर्ती) कर्नल दीपांकर बसु ने बताया कि अजमेर में चक्रवात के कारण हुई अतिवृष्टि से अग्निवीर सेना भर्ती रैली के कार्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। इसके कारण 20 जून को कायड़ विश्राम स्थली में रिपोर्ट करने वाले अभ्यर्थी अब 26 जून को प्रातः 2 बजे कायड़ विश्राम स्थली पर रिपोर्ट करेंगे।
May 5, 2023
#मधुकर कहिन: भगवान नृसिंह का प्राकट्य उत्सव नृसिंह चतुर्दशी गुरुवार को तीर्थ नगरी पुष्कर मैं बड़े धूम धाम से मनाया गया। पुष्कर स्थित पुराने रंगजी मन्दिर में विभिन्न देवी देवताओं के मुखौटे लगाकर लीला का मंचन किया गया। शाम ढलने के साथ ही स्वर्ण जड़ित भगवान नृसिंह के मुखौटे पहने युवकों द्वारा खम्ब फाड़ कर नृसिंह के प्रकट होने की लीला खेली गई। भक्त प्रहलाद को नृसिंह की गोद में बैठाकर आरती की गई। गौरतलब है कि यह परम्परा सो वर्षो से अधिक समय से चली आ रही है ।
January 11, 2023
#मधुकर कहिन: मार्बल सिटी में फूड सेफ्टी एंड ड्रग कंट्रोल विभाग की कार्रवाई,विभाग द्वारा दूध एवं दूध से निर्मित खाद्य पदार्थों के नमूनीकरण के लिए चलाए जा रहा है अभियान कमिश्नर फूड सेफ्टी एंड ड्रग कंट्रोलर पुखराज सेन के निर्देशन पर कार्रवाई CMHO डॉ ए के पिंगोलिया के निर्देश पर फूड सेफ्टी टीम ने 4 प्रतिष्ठानों पर की कार्रवाई श्रीराम डेयरी,श्रीराम दूध डेयरी,श्री श्याम डेयरी,राकेश कुमार सीताराम प्रतिष्ठानों से दूध दही पनीर मावे के लिए सैंपल जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर होगी अग्रिम कार्रवाई,टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुशील कुमार चोटवानी प्रशिक्षु घनश्याम सिंह, मुकेश वैष्णव डेयरी प्रतिनिधि दीपक वैष्णव रहे शामिल
January 2, 2023
#मधुकर कहिन: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की माता जी 100 वर्षीय हीराबेन का निधन होने के बाद जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सादा तरीके से उनका अंतिम संस्कार किया वहीं अंतिम संस्कार के बाद फिर से वे देश सेवा में जुट गए। इस संदेश को श्रद्धांजलि के जरिए प्रदर्शित करने के लिए विख्यात सैंड आर्टिस्ट अजय रावत ने तीर्थ नगरी पुष्कर के रेतीले धोरों में हीराबेन की आकृति को ऊकेर कर अपनी खिराजे अकीदत का इजहार करते हुए संदेश दिया कि किस तरह से मां हीरा बेन द्वारा दिए गए संस्कारों का निर्वहन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दायित्वों का निर्वहन किया और फिर से देश सेवा में जुट गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए भारत मां ही सर्वोपरि है और इसी उद्देश्य को लेकर वे देश सेवा में जुटे हुए हैं।
January 2, 2023
#मधुकर कहिन: अजमेर 2 जनवरी ,kअखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन द्वारा गठित श्री अग्रसेन फाउंडेशन द्वारा आयोजित कुलदेवी आध्य महालक्ष्मी मंदिर निर्माण एवं जन आशीर्वाद यात्रा 2 जनवरी सोमवार को अजमेर पहुँच गयी जो 8 जनवरी रविवार तक अजमेर जिले में भ्रमण करेगी। अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन जिला शाखा अजमेर के जिला अध्यक्ष गिरधारीलाल मंगल व महामन्त्री पूर्व पार्षद शैलेंद्र अग्रवाल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यात्रा को लेकर अजमेर के सकल अग्रवाल बंधुओं, मातृशक्ति व युवाओं में भारी उत्साह देखने में आया रथयात्रा का जगह जगह भव्य स्वागत सत्कार व आरती की गयी। इस यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन संस्था के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक पंसारी, अजमेर जिलाध्यक्ष गिरधारीलाल मंगल, जिला महामंत्री शैलेंद्र अग्रवाल व युवा जिलाध्यक्ष गिरिराज अग्रवाल ने बताया कि अग्रविभूति स्मारक (अग्रोहा शक्ति पीठ ) में भगवान अग्रसेन जी की आराध्य देवी एवं समस्त अग्रवालों की कुल देवी आध्य महालक्ष्मी जी एवं अष्टलक्ष्मी जी का विशाल एवं विश्वस्तरीय भव्य मंदिर निर्मित किया जा रहा है जिसमें 108 किलो ठोस चांदी से आध्य महालक्ष्मी जी की प्रतिमा व 108 किलो ठोस चांदी से उनके सिंहासन को बनाकर मंदिर में स्थापित किया जायेगा, मंदिर को भव्य एवं विशाल रूप देने के लिये यह मंदिर लगभग 108 फुट ऊँचा, 108 फुट लम्बा एवं 108 फुट चौड़ा बनाया जायेगा जो कि प्रत्येक अग्रवाल बंधु व मातृशक्ति व युवाओं की आस्था का केंद्र बन कर उभरेगा।
November 14, 2022
#मधुकर कहिन: नरेश राघानी ✒️ गुर्जर समाज के जननायक दिवंगत कर्नल बैंसला ने अपनी पूरी जिंदगी गुर्जर आरक्षण आंदोलन को समर्पित की थी l उन्होंने गुर्जरों के अधिकार के लिए राजस्थान में भाजपा और कॉंग्रेस दोनों की सरकारों की ईट से ईट बजाने में कोई कसर नहीं छोड़ी l जिसकी वजह से गुर्जर समाज कर्नल बैंसला को अपना अपना पथ प्रदर्शक मानता है l अशोक गहलोत की राजस्थान सरकार ने कर्नल बैंसला को यह वादा किया था कि यदि आप आंदोलन समाप्त करते हैं तो गुर्जर आरक्षण के लिए राजस्थान सरकार अपना प्रयास करेगी l लेकिन कर्नल बैंसला की मृत्यु उपरांत ऐसा कुछ हुआ नहीं, और अब गुर्जर आंदोलन की कमान कर्नल बैंसला के पुत्र विजय बैंसला ने संभाल ली है l कल विजय बैंसला ने खुलेआम बयान दिया कि वह कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा को राजस्थान में रोकेंगे, और गुर्जरों को आरक्षण मिलने के बाद ही वहाँ से जाने देंगे l खबर यह भी कि इस चीज का अंदाजा आला कांग्रेस संगठन को पहले भी था l इसीलिए भारत जोड़ो यात्रा का मार्ग बदला भी गया है l परंतु अब जब यह सब कयास हकीकत में तब्दील होने जा रहा हैं, और विजय बैंसला ने जब खुल कर चेतावनी दे डाली है l तो कांग्रेस के पास कोई बहुत ज्यादा विकल्प नहीं बचा है l अशोक गहलोत अपने आप में माहिर राजनेता है और ऐसी किसी भी आपात स्थिति को संभालने में सक्षम है l परंतु सुनने में आ रहा है कि राहुल गांधी राजस्थान में इस पद यात्रा के दौरान संभव है पायलट और गहलोत के विवाद के चलते दोनों में से किसी को साथ लेकर ना चले l शायद इसीलिए प्रतीकात्मक भारत जोड़ो यात्रा का नेतृत्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करने का कार्यक्रम तय किया गया है l पायलट लीला पायलट जाने .... परंतु यदि बात गुर्जर समाज की हो रही है, तो कांग्रेस आलाकमान का बार बार मुख्यमंत्री की कुर्सी मांगने वाले सचिन पायलट से यह उम्मीद करना तो बनता ही है, कि ऐसी आपात स्थिति में पायलट आगे आए और अपने ही गुर्जर समाज को प्रभावित करके राहुल गांधी की इस पदयात्रा का रास्ता साफ करें l विजय बैसला से समझाइश शुरू करें और अपने मित्र नेता राहुल गाँधी के लिए रास्ता खोलें l नहीं तो कोई भी क्या यह नहीं कहेगा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी का दावेदार और बार-बार दिल्ली जाकर मुख्यमंत्री की कुर्सी मांगने वाला नेता, अगर खुद अपने समाज को ही प्रभावित करके पार्टी का फायदा ना पहुंचा पाए तो नेता किस काम का ?? कहते हैं अगर नियति को कुछ करना होता है तो उसकी पटकथा लिखना पहले ही शुरू कर देती है l विजय बैंसला का इस तरह राहुल गांधी को चैलेंज कर प्रदेश में रोकना, संभव है कि सचिन पायलट के करियर के लिए एक बहुत बड़ा पड़ाव साबित हो सकता है l यदि वह कैसे भी करके एक बार विजय बैंसला को समझौते पर राजी कर, राहुल गांधी का रास्ता खोल दे तो ... कांग्रेस आलाकमान को यह विश्वास हो जाएगा कि सचिन पायलट सवाई नेता नहीं है और वक्त पड़ने पर इस तरह से पार्टी की रक्षा कर सकते हैं यदि ऐसा होता है तो भी सचिन पायलट के विरोधियों को फ्री पायलट की योग्यता का लोहा मानना ही पड़ेगा और पायलट की आगे की राह आसान हो जाएगी खैर.. दिसंबर का पहला हफ्ता सिद्ध करेगा कि राजस्थान की राजनीति का ऊंट भविष्य में किस करवट बैठने जा रहा है जय श्री कृष्ण
November 1, 2022
#मधुकर कहिन: वैसे तो सारी दुनिया ही भगवान के भरोसे चल रही है l लेकिन मुझे लगता है कि अजमेर के नेता अपनी चमचागिरी की दुकान चलाने के लिए जगत पिता ब्रह्मा की धरती को भी चमचागीरी का साधन बना रहे हैं l वैसे तो किसी भी जिले में अगर मुख्यमंत्री का पदार्पण होता है, तो जिले भर के चमचे और चिलगोजे अपने नंबर बढ़ाने में लग जाते हैं l साथ ही अधिकारी वर्ग इस चिंता में डूबा दिखाई देता है कि शांति से मुख्यमंत्री आकर यहां से चले जाएं l परंतु इस राजनीतिक और प्रशासनिक चमचागिरी का जो नज़ारा आज अजमेर में देखने को मिल रही है वह अभूतपूर्व है l जहां आज तक की चमचागिरी के सारे रिकॉर्ड तोड़कर आरटीडीसी के चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ और जिला प्रशासन ने मिलकर ऐसे पलक पावडे मुख्यमंत्री के लिए बिछाए हैं l जिसे देखकर अजमेर भर के धर्म प्रेमियों और शहरवासियों को तो बुरा लग ही रहा है l और कोई अतिशयोक्ति नहीं कि कहीं ना कहीं भगवान ब्रह्मा को भी यह बात बहुत खराब लग रही होगी l पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पुष्कर के पवित्र सरोवर में भगवान ब्रह्मा का आसन है l यह मान्यता कई वर्षों से चली आ रही है कि पुष्कर सरोवर में डुबकी लगाने से समस्त धामों की यात्रा की संपन्नता का फल मिलता है l
October 27, 2022
#मधुकर कहिन: पिछले 15 दिनों में शहर के बुद्धिजीवियों ने शहर के दो नेताओं द्वारा अर्जित चमत्कारिक उपलब्धियों का लिख लिख कर बखान किया है l जो कि अगर ध्यान से देखा जाए तो व्यवहारिक दृष्टि से अपने आप में उपलब्धि की श्रेणी में नजर नहीं आ पा रहा है l आप सोच रहे होंगें की आज मैं ये क्या लेकर बैठ गया ?? तो आपको बता दूँ भूतपूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय जैन और अभूतपूर्व एडीए अध्यक्ष धर्मेश जैन शहर की राजनीतिक शख्सियतों में गिने जाते हैं l जिसमें विजय जैन कॉंग्रेस पार्टी के पायलट पंथी नेता है, और धर्मेश जैन भाजपा के आदरणीय वयोवृद्ध नेता है l कुछ दिन पहले धर्मेश जैन ने अपने मकान मालिक को उनके द्वारा वर्षों पहले किराए पर ली हुई दुकान वापस लौटा दी l जिस पर बुद्धिजीवियों ने लिख लिख कर उनके इस कदम की सराहना की और महिमा मंडन में सारे शहर का मोबाइल वॉटसअप संदेशों से भर दिया l उस रोज शहर में लोगों के बीच आश्चर्य चर्चा थी कि - आखिर दुकान मालिक को उसकी दुकान बिना पैसे के वापस लौटा देने में कैसा पुण्य कर्म ?? जिस का यश गान बुद्धजीवियों द्वारा किया जा रहा है ??? अभी शहर इस आश्चर्य सागर में गोते खाकर उभरा ही नहीं था कि - कांग्रेस नेता विजय जैन ने धर्मेश जैन का अनुसरण करते हुए खुद के कब्जे में पड़ी, 24 साल पुरानी दुकान अपने मकान मालिक के मुफ़लिसी में पहुंच चुके परिवार को उसी तर्ज़ पर वापस सौप दी l अब फिर वही .... विजय जैन की शान में भी शानदार कसीदा लिख लिख कर पढ़ा गया l कुछ मित्रों ने फोन पर मुझसे कहा भाई साब!!! आप कुछ बोलते क्यूँ नहीं ??? अब बात जब यहां तक आ पहुंची तो मुझ से सबर नहीं हुआ l मैंने सोचा कि जो लोग य़ह सब देख और पढ़कर आश्चर्य सागर में गोते खा रहे हैं, उनको स्पष्ट रूप से बता दूँ कि इस बारे में जितने भी आम आदमी मुझसे मिले हैं, उनके क्या क्या विचार है ?? एक मित्र ने मुझसे कहा - भाई साहब इन लोगों ने दुकान किराए पर क्या हमेशा के लिए मोल ले ली थी ?? एक दिन तो खाली करके देनी ही थी न ??? जब वापस देनी ही थी तो इतने साल तक उस परिवार की परेशानी किराएदार श्री को क्यूँ नजर नहीं आई ??? या फिर किराएदार श्री इस बात को लेकर अपनी शान में कसीदा पढ़वा कर नाम कमाने का इंतजार कर रहे थे ?? एक मीडिया मित्र ने तो यह तक कह दिया यार!!!संपति मालिक को उसकी संपति बिना पैसा लिए खाली करके देने में कैसा दान धर्म ??? जितने साल संपति रखी उतरने साल का किराया दिया lखाली की तो चाबी दे दी...बात खत्म इसमें कौनसी बड़ी उपलब्धी है जिसका गुणगान कसीदा कार किए जा रहे है ???
May 13, 2022