For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 167656284
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: सामूहिक प्रयासों से ही बनेगा बाल विवाह मुक्त राजस्थान : देवनानी |  Ajmer Breaking News: विधिक माप विज्ञान प्रकोष्ठ की जिले में कार्यवाही ,विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अनियमितता मिलने पर 20 हजार रुपये के बनाए चालान |  Ajmer Breaking News: महात्मा गांधी महोत्सव का जे.एल. एन. मेडिकल कॉलेज, अजमेर में आयोजन  |  Ajmer Breaking News: पिछले ढाई वर्षों में सैकड़ों-करोड़ रुपये के विकास कार्य, सड़क-पेयजल-चिकित्सा सहित विभिन्न क्षेत्रों में जारी काम,विकास की रफ्तार से बदलेगा अजमेर का स्वरूप- देवनानी |  Ajmer Breaking News: झूठी शिकायत कर थाने बुलाने और पीछे से बेदखल करने की कोशिश का आरोप, होटल संचालक ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार |  Ajmer Breaking News: अजमेर: मामूली कहासुनी बनी खूनी संघर्ष, केसरगंज और आदर्श नगर में रोड रेज से सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल |  Ajmer Breaking News: स्मार्ट सिटी के घटिया रामसेतु एलिवेटेड रोड पर भ्रष्ट प्रशासन का तांडव: दिवाली के मुख्य सीजन में RPSC भुजा बंद कर व्यापारियों का पेट काटने पर उतारू सरकार, |  Ajmer Breaking News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सेवा काल पर BJP का सेवा से संकल्प अभियान।   |  Ajmer Breaking News: अजमेर के JLN अस्पताल लाया गया गैंगस्टर सचिन थापन।​ लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कुख्यात सदस्य है सचिन थापन। |  Ajmer Breaking News: अजमेर महिला जेल से सजायाफ़्ता व विचाराधीन महिला बंदीयो को अवैध तरीके से अपने निजी आवास पर लेकर जानी वाली जैलर को कोटा से किया गिरफ्तार | 

अजमेर न्यूज़: लोकडाउन की बहुत बडी सीख, बन्द करो इस मुत्यु भोज को

Post Views 31

September 13, 2020

भारत विकास परिषद ने की मृत्युभोज पर रोक लगाने की मांग

लोकडाउन की बहुत बडी सीख, बन्द करो इस मुत्यु भोज को
भारत विकास परिषद ने की मृत्युभोज पर रोक लगाने की मांग
ब्यावर,(हेमन्त साहू)।  भारत विकास परिषद ब्यावर ने मृत्युभोज को एक कुप्रथा बताते हुए इस पर रोक लगाने के लिए सभी समाज को निर्णय लेने का आग्रह किया। लोकडाउन की बहुत बडी सीख,  बन्द करो इस मुत्यु भोज को, मुत्यु भोज एक कुप्रथा, यह एक सामाजिक बुराई है। मुत्यु भोज करना किसी धर्म ग्रन्थ में नही लिखा है, ना ही इसे करने का कोई विधान  है । महाभारत काल में भी बताया गया है कि मुत्यु भोज करने से आपकी ऊर्जा नष्ट हो जाती है। यह प्रथा सदियों से चली आ रही हैं, और समय समय पर इसका विरोध भी हुआ है, परम्परा व देखा-देखी, समाज क्या कहेगा का भय इसके पीछे के कारण गिनाए जाते हैं। राजा राममोहन राय व स्वामी दयानन्द सरस्वती जैसे समाज सुधारकों ने इस बुराई का पुरजोर विरोध किया। यह कुप्रथा कई समाजों मे बन्द हो चुकी है ,राजस्थान में इस पर कठोर सजा का कानून बना रखा है। यह प्रथा गलत है तभी तो इस पर कानून बना है ।सरकार के इस फसलें का हम स्वागत करते है। हमारे हिन्दू धर्म के साधु ,सन्त ,व सन्यासी मुत्यु भोज का खाना ग्रहण नही करते हैं। उनका सोचना है मुत्यु भोज करना पाप है। गरुड पुराण में भी लिखा गया है कि जिस परिवार में किसी की मृत्यु हुई हो उस परिवार में भोजन नहीं करना चाहिए।  इसलिए कहते हैं जीते जी करो सेवा मरने के बाद कोई नही जानता। किसी जानवर की मुत्यु पर साथी जानवर भी उस समय खाना नही खाते हम तो फिर भी इंसान है । समाज की जो अन्तिम पंक्ति में खडा है उसके लिए भी हमे इस कुप्रथा को बंद करना चाहिये। ये एक बडी सामाजिक बुराई है , इस कुप्रथा के कारण कई परिवार कर्ज में डूब कर बर्बाद हो गए हैं, लोकाचार में हैं परम्परा अब इसे बन्द किया जाना चाहिए । कोरोना काल के दौरान हजारों लोगों की मौत सकर्मित होने से हुई जिनकी अंतिम किर्याए भी प्रशासन ने ही सम्पन्न कराई वह अभी भी  करवा रही है , औऱ उठावना तक के सार्वजनिक आयोजन नही हो रहे है । ऐसे लोगों की आत्मा की शान्ति के नाम पर न ही उनकी अस्थि विसर्जन के लिए हरिद्वार की रस्म अदा कर गंगाजली की गई । आत्मा अजर अमर है बाकी सब अंधविश्वास, पाखंड बेकार है । कोरोना से यह सबक सीखना चाहिए कि हमारे देश में आडम्बरों मैं लिप्त होकर लाखों रुपये की बर्बादी करता है और जो धन बच्चों व महिलाओं की शिक्षा व उन्नति पर खर्च होना चाहिये उसे झूठे दिखावे पर खर्च कर परिवार का , विकास अवरूद्ध किया जाता है। आओ शपथ लें हम मुत्यु भोज ना करेगे ना ही किसी के करने जायेंगे । अब हम सब जागरूक बने और सभी को जागरूक करें। अब यह प्रश्न है कि - ये नही करें तो क्या करें? भाविप ने लोगों से अपील की है कि वे अपने प्रिय जनों को स्मृति में आप समाज सेवा के अनेक कार्य कर सकते है। जैसी जिसकी क्षमता - देश सेवा में लगाए, जल प्याऊ लगाए, शिक्षा व चिकित्सा में लगाये, गरीब बच्चों को पढाए, वृद्ध जनों की सेवा में लगाये, धार्मिक कार्य करे... ऐसे अनेक कार्य हैं।  ब्यावर भारत विकास परिषद शाखा इस कुरीति का पुरजोर विरोध करती है व मुत्यु  भोज का बहिष्कार करती है। पर अभी भी ये सच्चाई है शहरों में मुत्युभोज कुछ कम हुवे है पर गाँवो में आज भी ये बुराई पुर जोर से चालू है , प्रशासन का ध्यान इस और भी होना चाहिए ,वह आम जन को जागरूक होना चाहिए। 


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved