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September 13, 2020
एकेएच की लापरवाही से मेरे पिता की जान सांसत में:-बुरड
संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर अति. कलेक्टर, एसडीओ श्वेता चौहान व पीएमओ से की शिकायत
ब्यावर,(हेमन्त साहू)। राजकीय अमृतकौर अस्पताल ब्यावर में कोविड वार्ड बना यमराज बताते हुए अनियमितता का आरोप लगाया। एडवोकेट व आम आदमी पार्टी के नेता नीलेश बुरड ने जिला कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित को शिकायत कर अस्पताल की लापरवाही को उजागर किया। एडवोकेड बुरड ने बताया कि मेरे पिताजी को निमोनिया हो गया था। 10 सितंबर को एकेएच के सीसीयु में भर्ती करवाया था। 12 सितंबर सुबह तक एकदम ठीक थे। शनिवार सुबह उनकी कोविड पॉजेटिव की रिपोर्ट आई। तब उन्हें वहाँ अस्पताल में ही कोविड वार्ड में शिफ्ट किया गया। जिसके इंचार्ज डॉ. विवेक भटनागर है। जिनकी कोविड को लेकर पहले भी बहुत शिकायते सुनी थी कि ये हर मरीज को सीरियस बताकर डरा धमका कर रेफर की बोलते है। इसी कारण पूरा कोविड वार्ड खाली पडा है। सारे मरीज बडे शहरों में धक्के खाने को मजबूर हो रहे है। प्रश्न यह है कि ब्यावर में रोज इतने मरीज आ रहे तो ब्यावर का हॉस्पिटल का कोविड वार्ड पूरा खाली कैसे पडा है ? जब हमने ब्यावर मे इलाज करने की बात कही तो डॉ साहब को अच्छा नही लगा, और मेरे पिताजी जो अच्छे खासे थे। उन्हें यूरिन में नली लगा दी गई। फिर एतराज पर आनन फानन में नली हटा दी। उसके बाद बाथरूम में यूरिन करने पर खून ही खून निकला। मेरे पिताजी हार्ट के मरीज है उन्हें 3 स्टेन्ट भी लगे है। ऐसे में मेरे पिताजी की जान पर बन आई है। डॉक्टर के उक्त कृत्य से मेरे पिताजी की हालत बहुत खराब हो गई है। मैंने संभागीय आयुक्त आरुषि मालिक, कलेक्टर प्रकाश राजपुरोहित, अति कलेक्टर कैलाश, एसडीओ श्वेता चौहान व पीएमओ को फोन पर और लिखित में अवगत कराया। जिसपर प्रशासन हरकत में आया। लेकिन मेरे पिता की हालत ठीक नही है। मेने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से मेरे पिताजी को कुछ हो जाता है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। अत: इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लापरवाही बरतने वाले अस्पताल स्टॉफ कपर कार्यवाही की जावें।
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