For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 146880691
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: अजमेर में तेज बारिश बनी चोरों की ढाल, परिवार के बाहर जाते ही सूने मकान में लाखों की चोरी, जेवरात और 50 हजार की नकदी चोरी कर हुए फ़रार  |  Ajmer Breaking News: अजमेर में नाली निर्माण को लेकर बवाल, रिटायर्ड हेड कांस्टेबल से कथित मारपीट का मामला सीसीटीवी में कैद |  Ajmer Breaking News: किशनगढ़-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नोहरिया बालाजी क्षेत्र में गुरुवार को एक चलते कंटेनर में अचानक भीषण आग लगने से लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। |  Ajmer Breaking News: डोर टू डोर कचरा संग्रहण का कार्य फिर से हुआ ठप, जगह-जगह गंदगी के लगे अंबार, 7 महीने में चौथी बार हड़ताल पर उतरे सफाई कर्मी |  Ajmer Breaking News: जवाहर लाल नेहरू अस्प्ताल के कम्प्यूटर ऑपरेटर को पिछले तीन महीने से सेलरी ओर 8 महीने का पीएफ नही मिलने से अक्रोश, |  Ajmer Breaking News: तिलोरा में कुई खुदाई बनी जानलेवा, मिट्टी ढहने से मजदूर की मौत |  Ajmer Breaking News: अजमेर RTO को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल मिलने से मचा हड़कंप |  Ajmer Breaking News: चर्चित देवकरण जाजड़ा हत्या प्रकरण की जांच में पुलिस लगातार साक्ष्य जुटाने में जुटी हुई है। |  Ajmer Breaking News: ट्रेनों के अंदर बैग चोरी करने वाले चोर को जीआरपी थाना पुलिस ने किया गिरफ्तार, |  Ajmer Breaking News: महिला सुरक्षा व अपराध नियंत्रण को लेकर जीआरपी ने आयोजित किया जागरूकता कार्यक्रम  | 

विशेष: चर्चाओं में भारत की जीडीपी(G .D .P )

Post Views 11

September 6, 2020

हाल ही में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर के

चर्चाओं में भारत की जीडीपी(G .D .P )

 हाल ही में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर के देशों में सबसे ज्यादा भारी गिरावट भारतीय जीडीपी की रही जो - 23. 9% जिससे पता चलता है पिछले दिनों में भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति कितनी दयनीय रहिए

 आइए समझते हैं जीडीपी गिरने का कारण और जानते हैं क्या है जीडीपी

किसी भी देश की अर्थव्यवस्था उस देश की जीडीपी जीडीपी पर निर्भर करती है, जीडीपी किसी भी देश की आर्थिक स्थिति को मापने का पैमाना माना जाता है

आइए समझते हैं जीडीपी है क्या  होती है जीडीपी ग्रॉस डॉमेस्टिक प्रोडक्ट यानि सकल घरेलू उत्पाद जिसका आसान भाषा में मतलब है कि देश की सीमा के अंदर दी गई सेवा और  उत्पादों का मूल्य, जीडीपी कहलाता है इसमें संगठित क्षेत्र को ही शामिल किया जाता है इसके अंदर मुख्यतः तीन घटक आते हैं जिसमें कृषि ,उद्योग, सेवा सम्मिलित हैं


जीडीपी के आंकड़े कौन देता है और किन आधारों पर आंकड़े निकाले जाते हैं आइए समझते हैं

भारतीय जीडीपी के आंकड़े वर्ष में चार बार जारी होते हैं प्रत्येक तिमाही पर के इन आंकड़ों को सीएसओ  यानी केंद्रीय सांख्यिकी संगठन जारी करता है इसमें संगठित क्षेत्र को ही शामिल किया जाता है हाल ही में सीएसओ द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक भारत की जीडीपी 1996 के बाद सबसे खराब स्थिति में है जनवरी के शुरुआत में भारत की जीडीपी 3.2 थी जबकि 2018 में यह 8.2 थी लेकिन कोरोना महामारी की वजह से सभी सेवाएं एवं उत्पादन बंद हो गए जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था में इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिली हालाकी अर्थशास्त्रियों ने इसका अनुमान पहले ही लगा लिया था उन्होंने जीडीपी के 18% तक गिरने का अनुमान लगाया था लेकिन यह जीडीपी उससे कहीं ज्यादा गिरी भारत अकेला देश नहीं है जिस की जीडीपी में कमी आई हो भारत के समेत अन्य  कई सारेऔर देश हैं जो निम्न प्रकार से हैं

 भारत- 23.9%
 यूके -20.4%
 फ्रांस -13.8
इटली -12.4%
 जर्मनी -10.1%
 अमेरिका - 9.5%
 जापान- 7.6%
 रहे वहीं चीन की जीडीपी स्थिर रही यह हैरान करने वाला आंकड़ा है

केंद्रीय सांख्यिकी संगठन, संगठित क्षेत्र के 8 क्षेत्रों से आंकड़े  एकत्रित  करता है इसमें असंगठित क्षेत्र के आंकड़े नहीं होते जोकि देश की अर्थव्यवस्था का 90% हिस्सा होता है अगर  असंगठित क्षेत्र को भी इसमें शामिल कर लिया जाए तो यह आंकड़े और भी डराने वाले हो सकते थे 
सीएसओ आठ प्रमुख क्षेत्रों से आंकड़े एकत्रित करता है जो निम्न प्रकार से हैं 

1- कृषि वानकी और मत्स्यान ( एग्रीकल्चर फॉरेस्ट्री फिशिंग)
2 - खनन और उत्खनन ( माइनिंग एंड क्वायरिंग)

 3- मैन्युफैक्चरिंग विनिर्माण

 4- विद्युत गैस और जलापूर्ति (सप्लाई इलेक्ट्रिसिटी वाटर और गैस)

  5- ट्रेड होटल ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशंस 

 6 -कंस्ट्रक्शन 

 7- फाइनेंसिंग  रियल एस्टेट एंड बिजनेस सर्विस

  8 - सामुदायिक एवं सामाजिक सेवा
 आदि 
से सीएसओ आंकड़े उठाता है और हर तिमाही के अंत में जारी करता है यह आंकड़े एकदम सटीक तो नहीं माने जाते हैं लेकिन औसतन के आधार पर इन आंकड़ों को रखा जाता है  इन सभी आंकड़ों की बात करें तो एक कृषि क्षेत्र ऐसा क्षेत्र रहा, जिसमें पॉजिटिव ग्रोथ रही और सभी क्षेत्रों में 50 ,50%तक  की गिरावट देखने को मिली 

आइए समझते हैं जीडीपी गिरने का कारण और इसका आमजन पर पड़ने वाला प्रभाव

2018 में भारत की जीडीपी 8 . 2% के साथ ग्रोथ कर रही थी जिसे विश्व की सबसे उभरती हुई अर्थव्यवस्था माना जा रहा था लेकिन सरकार की बैंकिंग पॉलिसी में बदलाव के चलते  निजी सेक्टरों में निवेश का अनुपात कम होता चला गया और ऋण मुहैया  कराने के लिए सरकार के कठिन मापदंड जिससे उद्योगों में निवेश नहीं हो पाया और आधे से ज्यादा उद्योग बंद होने की कगार पर आ खड़े हुए लोगों की नौकरियां गयी लोगों के पास पैसा नहीं रहा जिससे उन्होंने उनकी रूचि विभिन्न उत्पादों के खरीदने से हटती गई क्योंकि जब लोगों के पास  पैसा ही नहीं होगा  तो वे वस्तुएं  किससे खरीदेंगे और बाजार से डिमांड और सप्लाई की चेन टूटती चली गई यही कारण रहा जनवरी 2020 जनवरी आते आते भारत की जीडीपी मात्र 3 . 2% रह गई,कोरोना  महामारी की वजह से देश के सभी उत्पाद और सेवाएं बंद हो गई सभी कार्य  शून्य हो गए जिससे भारत की जीडीपी में इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिली  अब देखना यह दिलचस्प  होगा कि सरकार इस समस्या से उभरने के लिए आगे की क्या रणनीति बनाती है


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved