Post Views 11
September 6, 2020
आने वाले कुछ महीनों में राज्य में एक लाख से अधिक भर्तियां होनी हैं। ऐसे में राज्य सरकार की कोशिश है कि राजस्थान की सरकारी नौकरियों में प्रदेश के युवाओं को ही प्राथमिकता दें, जिससे 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में उसका पूरा फायदा उठाया जा सके।
दो दिन पहले सीएम अशोक गहलोत की ओर से दिए गए निर्देश के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय व कार्मिक विभाग के अफसरों ने मप्र, ओडिशा, हिमाचल, हरियाणा, पंजाब, प. बंगाल, असम, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र सहित 15 से अधिक राज्यों के प्रावधानों की स्टडी करने में जुट गए हैं। जल्द स्टडी को अंतिम रूप देकर फाइनल कर दिया जाएगा।
इन राज्यों में कई भर्तियां स्थानीय के लिए आरक्षित
हिमाचल, हरियाणा, उत्तराखंड जैसे कई राज्यों में बहुत पहले से ही पटवारी, तृतीय श्रेणी शिक्षक, पशुधन सहायक, कृषि पर्यवेक्षक, महिला पर्यवेक्षक आंगनबाड़ी, पूर्व प्राथमिक शिक्षक व लिपिक जैसी भर्तियों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाती है। बाहरी युवा शामिल नहीं करते।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved