राजस्थान न्यूज़: जयपुर दक्षिण पुलिस ने सोडाला थाना क्षेत्र में हुई चर्चित चेन स्नैचिंग और लूट की वारदात का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मंदिर से लौट रही बुजुर्ग महिला को सड़क पर पटककर महज 17 सेकंड में 4.23 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण लूटने वाले आरोपी को मध्यप्रदेश के मुरैना जिले से गिरफ्तार किया है। साथ ही लूटे गए आभूषण खरीदने वाले दो ज्वेलर्स को भी हिरासत में लिया गया है। डीसीपी दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर आरोपी की पहचान 21 वर्षीय अनिकेश रावत के रूप में हुई। आरोपी मूल रूप से मध्यप्रदेश के मुरैना जिले का निवासी है और जयपुर के सुशीलपुरा क्षेत्र में किराये पर रह रहा था। मुरैना से हुई गिरफ्तारी पुलिस टीम आरोपी की तलाश में मध्यप्रदेश के सबलगढ़ पहुंची। देर रात मिली सूचना के आधार पर उसके घर पर दबिश दी गई। पुलिस को देखकर आरोपी छत से कूदकर भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन गिरने से घायल हो गया। इसके बावजूद पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और जयपुर लाकर पूछताछ की, जिसमें उसने वारदात कबूल कर ली। जुए और सट्टे के कर्ज ने बनाया अपराधी पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह जयपुर में किराये पर रहकर क्षेत्र की रेकी करता था। इसी दौरान वह जुए और सट्टे की लत में पड़ गया, जिससे उस पर कर्ज बढ़ता गया। आर्थिक दबाव के चलते उसने अपनी मोटरसाइकिल तक गिरवी रख दी थी। कर्ज चुकाने के लिए उसने लूट की योजना बनाई। आरोपी ने बताया कि घटना वाले दिन वह सुबह से सोडाला और सुशीलपुरा क्षेत्र में घूम रहा था। रास्ते में एक हनुमान मंदिर में करीब दो घंटे तक रुका और बाद में शिकार की तलाश में निकल पड़ा। इसी दौरान उसे अकेली बुजुर्ग महिला दिखाई दी, जिसे उसने निशाना बनाया। गोपाल ज्वेलर्स में बेचे थे आभूषण पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने लूटे गए सोने के आभूषण मानसरोवर स्थित गोपाल ज्वेलर्स को बेच दिए थे। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो ज्वेलर्स को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महेश चंद्र गुप्ता (61) निवासी वीटी रोड, मानसरोवर तथा राजेंद्र अग्रवाल (63) निवासी हीरापथ, मानसरोवर के रूप में हुई है। पुलिस लूटे गए आभूषणों की बरामदगी के प्रयास कर रही है।
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राजस्थान न्यूज़: राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व आईएएस अधिकारी एवं तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य जलदाय सचिव सुबोध अग्रवाल के खिलाफ विशेष अदालत में 17,500 पन्नों का आरोप पत्र प्रस्तुत किया है। एसीबी की जांच में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये के टेंडरों में पद के दुरुपयोग, टेंडर पुलिंग और व्यापक वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। एसीबी के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने एसीबी मामलों की विशेष अदालत में यह चार्जशीट दाखिल की। अदालत ने मामले को 8 जून के लिए रिपोर्ट श्रेणी में सूचीबद्ध किया है। फर्जी दस्तावेजों से हासिल किए गए करोड़ों के टेंडर एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि जांच में यह सामने आया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लगभग 979.27 करोड़ रुपये के टेंडर प्राप्त किए गए। जांच एजेंसी के अनुसार जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के कुछ अधिकारियों और निजी ठेकेदारों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं। जांच में यह भी पाया गया कि 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की निविदाओं में नियमों के विपरीत ‘साइट विजिट प्रमाण-पत्र’ को अनिवार्य किया गया था। इससे निविदा प्रक्रिया की गोपनीयता प्रभावित हुई और संभावित बोलीदाताओं की पहचान पहले ही उजागर हो गई। 2024 में दर्ज हुई थी एफआईआर जल जीवन मिशन घोटाले के संबंध में एसीबी ने वर्ष 2024 में प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच के दौरान सामने आया कि श्रीगणपति ट्यूबवेल और श्रीश्याम ट्यूबवेल नामक फर्मों के संचालकों ने इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के कथित फर्जी कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र तैयार कराए और पीएचईडी अधिकारियों की मिलीभगत से लगभग 960 करोड़ रुपये के टेंडर हासिल किए। इस मामले में पहले ही प्रवर्तन निदेशालय ने भी अलग से मामला दर्ज किया था। ईडी की जांच के दौरान तत्कालीन जलदाय मंत्री महेश जोशी सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। महेश जोशी और अन्य के खिलाफ जांच जारी एसीबी ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकरण में तत्कालीन जलदाय मंत्री महेश जोशी, कारोबारी संजय बड़ाया तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध जांच अभी जारी है। एजेंसी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले एसीबी दिनेश गोयल, कृष्णदीप गुप्ता, शुभांशु दीक्षित, सुशील शर्मा, विशाल सक्सेना, अरुण श्रीवास्तव, डी.के. गौड़, महेंद्र प्रकाश सोनी, मुकेश पाठक और नीरिल कुमार सहित कई आरोपियों के खिलाफ भी आरोप पत्र प्रस्तुत कर चुकी है। फरार आरोपियों की तलाश जारी मामले में फरार चल रहे जितेन्द्र शर्मा, मुकेश गोयल और संजीव गुप्ता के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किए जा चुके हैं। एसीबी की टीमें इन आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं। जल जीवन मिशन से जुड़ा यह मामला राजस्थान के हाल के वर्षों के सबसे चर्चित और बड़े कथित टेंडर घोटालों में गिना जा रहा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं और जांच आगे भी जारी रहेगी।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर स्थित झालाना विश्व वानिकी उद्यान में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और हरियाली बढ़ाने में योगदान देने की अपील की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के तहत व्यापक स्तर पर पौधरोपण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान प्रकृति और मातृत्व दोनों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का माध्यम है। उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि वे अपनी माताओं के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी नियमित देखभाल भी करें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्माने प्रदेशवासियों को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और हरित राजस्थान के निर्माण में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री एवं जयपुर जिले के प्रभारी मंत्री जोगाराम पटेल तथा सांसद मंजू शर्मा सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: शिक्षा व्यवस्था और हालिया शैक्षणिक विवादों को लेकर चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने बुधवार को दिल्ली में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। पार्टी के तीन प्रवक्ताओं ने मीडिया के सामने आकर अपनी मांगों और आगामी रणनीति को साझा किया। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय किए बिना सुधार संभव नहीं है। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने हाल ही में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता के तबादले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केवल अधिकारियों का स्थानांतरण समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने और संस्थागत सुधारों की आवश्यकता है। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके 6 जून को अमेरिका से दिल्ली पहुंचेंगे। पार्टी के अनुसार उनके आगमन के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित करने की अनुमति लेने के लिए संसद मार्ग थाना क्षेत्र में आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। संगठन ने देशभर के युवाओं से आंदोलन में भाग लेने की अपील भी की है। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि प्रसिद्ध सामाजिक एवं पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। CJP नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन केवल किसी एक मुद्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही और राजनीतिक तंत्र को लेकर युवाओं में बढ़ती असंतुष्टि का प्रतीक है। उनका दावा है कि बड़ी संख्या में छात्र और युवा इस अभियान से जुड़ रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी हाल ही में सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आई है। संगठन का नाम भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक चर्चित टिप्पणी के बाद सामने आया था। संगठन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और इंस्टाग्राम अकाउंट पर करोड़ों फॉलोअर्स होने का दावा किया जाता है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके महाराष्ट्र के संभाजीनगर के निवासी हैं और डिजिटल मीडिया रणनीतिकार के रूप में कार्य कर चुके हैं। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वर्तमान में अमेरिका की Boston University में पब्लिक रिलेशंस विषय में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। अभिजीत दिपके पूर्व में आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया अभियानों से भी जुड़े रहे हैं। बताया जाता है कि वर्ष 2020 से 2022 के बीच उन्होंने पार्टी के डिजिटल प्रचार अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बाद में उन्होंने उच्च शिक्षा और निजी करियर के कारण अमेरिका का रुख किया। राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रहने वाले अभिजीत दिपके विभिन्न डिजिटल मंचों पर किसान आंदोलन, महंगाई और अन्य सार्वजनिक मुद्दों पर अपने विचार रखते रहे हैं। अब उनकी अगुवाई में CJP शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाने की तैयारी कर रही है।
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राष्ट्रीय न्यूज़: भारतीय संस्कृति, मूल्यों और वैश्विक स्तर पर भारतीय प्रतिभाओं की उपलब्धियों का उत्सव बन चुके भारत गौरव अवार्ड्स का 13वां संस्करण 10 जून 2026 को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित विक्टोरिया संसद भवन में आयोजित किया जाएगा। संस्कृति युवा संस्था द्वारा आयोजित यह समारोह विश्वभर में भारतीय समुदाय की उपलब्धियों और भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक बनेगा। संस्कृति युवा संस्था के अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा ने बताया कि भारत गौरव अवार्ड विश्वभर के भारतीयों के लिए सबसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मानों में से एक माना जाता है। यह सम्मान उन व्यक्तित्वों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, संस्कृति, अध्यात्म, समाजसेवा, उद्यमिता और मानव कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देकर वैश्विक स्तर पर भारत का गौरव बढ़ाया है। इससे पहले भारत गौरव अवार्ड्स का आयोजन ब्रिटिश संसद (लंदन), फ्रांस की सीनेट, संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय (न्यूयॉर्क) तथा दुबई जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किया जा चुका है। इस वर्ष 25 विशिष्ट भारतीय विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा। सम्मानित होने वाली प्रमुख हस्तियों में महाराष्ट्र की प्रथम महिला अमृता फडणवीस, पद्मश्री सम्मानित सद्गुरु ब्रह्मेशानंद आचार्य स्वामी, ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल की प्रथम सांसद कौशल्या वाघेला, उद्योगपति सनवर हर्षवाल, पद्मश्री सम्मानित शास्त्रीय गायिका डॉ. सोमा घोष, पद्मविभूषण एवं पद्मभूषण सम्मानित दिवंगत विज्ञापन विशेषज्ञ पीयूष पांडे, करौली शंकरदास जी महाराज, न्यूजीलैंड के सामुदायिक नेता नरेन्द्र भाना, दिल्ली पब्लिक स्कूल के चेयरमैन विवेक यादव, आयुर्वेद विशेषज्ञ रीटा सगरानी, अमेरिका के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक जैन, पर्यावरणविद् सहर भामला, उद्योगपति डॉ. जी. शनमुगा राजा, शिक्षाविद् प्रो. डॉ. निर्मला एस. मौर्य, अमेरिकी उद्योगपति रणधीर ठाकुर, राजयोगी बी.के. सूर्या भाईजी, योगाचार्य ढाकाराम, मल्टीकल्चरल क्रिकेट एम्बेसडर संजय शर्मा, स्वामी अद्वैतानंद गिरी, डॉ. रतन विर्क, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के पूर्व चेयरमैन डॉ. सेतुरत्नम रवि, स्वर्गीय निर्मल कुमार जैन सेठी, विरासत संरक्षण विशेषज्ञ राम सवानी, ऑस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के प्रथम मेयर प्रदीप तिवारी तथा उद्योगपति प्रवीण शर्मा शामिल हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथियों में मेहंदीपुर बालाजी धाम के अध्यक्ष महंत डॉ. नरेशपुरी जी महाराज, विक्टोरिया सरकार के पर्यावरण मंत्री स्टीव डिमोपोलोस, विक्टोरियन मल्टीकल्चरल कमीशन की अध्यक्ष विवियन गुयेन, विक्टोरियन सांसद मेंग हेंग टाक तथा महाकुंभ के मुख्य सलाहकार राकेश के. शुक्ला शामिल रहेंगे। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विश्वभर से आए भारतीय समुदाय एवं सम्मानित प्रतिभाओं को संबोधित करेंगे।
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गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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