राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने घर खरीदारों के हित में बड़ा फैसला सुनाते हुए ‘रवि सूर्या अफोर्डेबल होम्स प्राइवेट लिमिटेड’ के खिलाफ एक साथ 7 मामलों में सख्त आदेश जारी किया है। अथॉरिटी की चेयरपर्सन वीनू गुप्ता ने स्पष्ट किया कि बिल्डर प्रोजेक्ट में देरी के लिए तकनीकी कारणों या खरीदारों पर दोष डालकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। रेरा ने प्रमोटर को निर्देश दिया है कि वह सभी 7 आवंटियों को उनके फ्लैट्स का वास्तविक भौतिक कब्जा सौंपे और देरी की अवधि के लिए 10.80% वार्षिक ब्याज का भुगतान करे। यह मामला जयपुर के गिरधारीपुरा स्थित ‘सूर्या रेजीडेंसी’ प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जिसमें राम दयाल शर्मा, कृष्णा देवी जाटव, मुरारी लाल मीणा, मोहन लाल मीणा, जोगेंद्र सिंह शेखावत, जमना देवी और सोनिया ने शिकायत दर्ज कराई थी। विक्रय समझौते (ATS) के अनुसार, इन आवंटियों को नवंबर 2021 से जून 2022 के बीच कब्जा मिल जाना चाहिए था, लेकिन बिल्डर समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने में विफल रहा, जिससे खरीदारों को लंबे समय तक मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुनवाई के दौरान बिल्डर ने यह तर्क दिया कि आवंटियों द्वारा समय पर किश्तों का भुगतान नहीं करने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। साथ ही प्रमोटर ने यह भी दावा किया कि उसने 9 अप्रैल 2025 को अधिभोग प्रमाणपत्र (OC) प्राप्त कर लिया है। हालांकि, रेरा ने इन दलीलों को खारिज करते हुए पाया कि प्रमोटर ने भुगतान में कथित देरी के आधार पर कोई वैध ‘कैंसलेशन नोटिस’ जारी नहीं किया था और न ही ओसी प्राप्त होने के बाद कब्जे का प्रस्ताव भेजा गया। अपने अंतिम आदेश में अथॉरिटी ने स्पष्ट किया कि प्रमोटर कब्जे की निर्धारित तिथि से लेकर 9 अप्रैल 2025 तक की अवधि के लिए 10.80% वार्षिक ब्याज का भुगतान करेगा। साथ ही यह भी कहा गया कि इस ब्याज राशि को आवंटियों की बकाया राशि (यदि कोई हो) में समायोजित किया जा सकता है और यदि ब्याज अधिक बनता है तो अतिरिक्त राशि लौटानी होगी। यह फैसला उन बिल्डरों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है, जो परियोजनाओं में देरी कर खरीदारों को उनके अधिकारों से वंचित करते हैं।
Read more 2nd Apr 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रामजल सेतु लिंक परियोजना को लेकर उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को तेजी से काम करने और परियोजना को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित इस बैठक में उन्होंने बताया कि परियोजना की डीपीआर का तकनीकी परीक्षण केन्द्रीय जल आयोग द्वारा पूरा कर लिया गया है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना के वित्त पोषण के लिए पीआईबी नोट को शीघ्र अंतिम रूप देने और केंद्र सरकार से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना से प्रदेश के आमजन को निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी, इसलिए सभी कार्यों को तय समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने परियोजना के विभिन्न घटकों में प्रगति की समीक्षा करते हुए नियमित मॉनिटरिंग, मासिक प्रगति रिपोर्ट और सतत पर्यवेक्षण के निर्देश भी दिए। साथ ही परियोजना से प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता से पूरा करने को कहा। उन्होंने बीसलपुर से मोर सागर (अजमेर), ईसरदा से बंध बारैठा (भरतपुर), ईसरदा से रामगढ (जयपुर), खुरा चैनपुुरा से जयसमंद (अलवर) एवं ब्राह्मणी बैराज के कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। शर्मा ने परियोजना के विभिन्न घटकों के अलाइनमेंट की जानकारी भी ली और परियोजना से संबंधित समस्त कार्यों का सघन पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री शर्मा को अवगत कराया कि नवनेरा बैराज और ईसरदा बांध का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। रामगढ़ बैराज एवं महलपुर बैराज के काफर डेम एवं डेªनेज फीडर का कार्य पूरा कर लिया गया है। उन्होंने नवनेरा बैराज से मेज एनीकट के डूब क्षेत्र तक फीडर निर्माण एवं चम्बल एक्वाडक्ट के निर्माण कार्य, मेज एनीकट से गलवा बांध के डूब क्षेत्र तक फीडर ड्रेन, गलवा बांध से ईसरदा डूब क्षेत्र और बीसलपुर डूब क्षेत्र फीडर निर्माण की प्रगति से भी अवगत कराया।
Read more 1st Apr 2026
राजस्थान न्यूज़: राजस्थान पंचायत और शहरी निकाय चुनाव को लेकर काफी समय से इंतजार किया जा रहा है। वहीं विपक्ष भी लगातार सरकार पर जबरन चुनाव नहीं कराने का आरोप लगा रही है. विपक्ष का दावा है कि OBC रिपोर्ट की आड़ में चुनाव नहीं कराया जा रहा है। साथ ही यह दावा है कि सरकार अभी चुनाव कराएगी तो उसे हारने का डर सता रहा है. वहीं चुनाव को लेकर नया अपडेट सामने आया है। जिसमें साफ हो गया है कि अभी सितंबर तक निकाय चुनाव के कोई आसार नहीं हैं राजस्थान में पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनावों को लेकर तस्वीर अब लगभग साफ हो चुकी है। राज्य सरकार द्वारा ओबीसी (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग का कार्यकाल 30 सितंबर तक बढ़ाए जाने के बाद अब सितंबर तक चुनाव होने की संभावना लगभग खत्म हो गई है। ऐसे में चुनाव अक्टूबर तक टलते नजर आ रहे हैं। क्यों टल रहे हैं चुनाव निकाय और पंचायतीराज चुनावों में सबसे बड़ा पेंच ओबीसी आरक्षण को लेकर फंसा हुआ है। आयोग की रिपोर्ट के बिना सीटों का आरक्षण तय नहीं किया जा सकता, जिससे पूरी चुनाव प्रक्रिया अटकी हुई है। आयोग को जिलों से मिले आंकड़ों में खामी मिली कई पंचायतों के जनसंख्या डेटा अधूरे या गलत मिले हैं. जनाधार के डेटा से भी आयोग ने रिपोर्ट में मदद ली, लेकिन उसमें भी गड़बड़ दिखी। तकरीबन 400 गांव में तो इस रिकॉर्ड के मुताबिक ओबीसी की कोई आबादी ही नहीं थी। साथ ही एससी-एसटी और ओबीसी का सही अनुपात तय नहीं हो पा रहा. इसी कारण आयोग समय पर रिपोर्ट नहीं दे पाया और कार्यकाल बढ़ाना पड़ा। सितंबर तक क्यों बढ़ाया कार्यकाल ऐसा माना जा रहा है कि सरकार की मंशा ट्रिपल टेस्ट कि है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट के “ट्रिपल टेस्ट” नियम के तहत सही सर्वे और डेटा के आधार पर ही आरक्षण लागू किया जाए, ऐसा सरकार से जुड़े लोगों का मानना है. पहले 31 मार्च तक रिपोर्ट आने की उम्मीद थी, लेकिन डेटा अधूरा होने से सर्वे दोबारा करना पड़ रहा है। अब यह प्रक्रिया सितंबर तक पूरी होने की संभावना जताई जा रही है. आयोग का गठन सरकार ने मई 2025 में किया था, इसके बाद आयोग की रिपोर्ट में लग रहे वक्त के चलते इसकी मियाद एक बार फिर बढ़ाई गई है।
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अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: अजमेर, 2 अप्रेल। विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्राी श्री नितिन गडकरी से शिष्टाचार भेंट कर अजमेर शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने तथा सुव्यवस्थित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रस्तावित आउटर रिंग रोड के निर्माण की मांग रखी। इस संबंध में उन्होंने विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए बताया कि पूर्व में भी इस विषय में निवेदन किया जा चुका है। श्री देवनानी ने श्री गडकरी को अवगत कराया कि राज्य सरकार द्वारा बजट वर्ष 2025-26 में अजमेर शहर के लिए प्रस्तावित आउटर रिंग रोड की डीपीआर तैयार करने के लिए 3 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है । सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा लगभग 892 करोड़ रुपए की योजना तैयार करवाई गई है। उन्होंने आग्रह किया कि अजमेर और पुष्कर की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान को दृष्टिगत रखते हुए इस महत्वपूर्ण परियोजना को केंद्रीय स्तर पर स्वीकृति प्रदान कर शीघ्र क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने बताया कि अजमेर धार्मिक एवं प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण शहर है। जहां विश्व प्रसिद्ध तीर्थराज पुष्कर एवं ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह स्थित है। इसके अतिरिक्त यहां कई राज्य स्तरीय विभागों के मुख्यालय भी संचालित हैं। इससे प्रतिदिन यातायात का अत्यधिक दबाव बना रहता है। वर्तमान में अजमेर से प्रतिदिन लगभग 800 रोडवेज बसों का अंतरजिला एवं अंतरराज्यीय संचालन होता है। इनसे हजारों यात्रियों का आवागमन होता है। साथ ही पर्यटन सीजन में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु एवं पर्यटक यहां पहुंचते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था और अधिक प्रभावित होती है। भारी वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही भी शहर की सड़कों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा रही है। श्री गडकरी ने कहा कि इन प्रस्तावों पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही की जाएगी। श्री देवनानी ने बताया कि इस रिंग रोड के निर्माण से शहर के भीतर यातायात दबाव में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही पर्यटन और शहरी विकास को भी नए आयाम प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के क्रियान्वयन से न केवल अजमेर और पुष्कर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि अजमेर विकास प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति भी सुद्दढ़ हो सकेगी। उन्होंने केंद्रीय मंत्राी से आग्रह किया कि तैयार डीपीआर के आधार पर आवश्यक बजट स्वीकृत कराते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ करने के निर्देश प्रदान किए जाएं। इससे आमजन को सुगम यातायात का लाभ शीघ्र मिल सकेगा। श्री नड्डा, श्री जोशी से भी मुलाकात विधानसभा अध्यक्ष श्री देवनानी ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्राी श्री जे.पी. नड्डा एवं वरिष्ठ नेता श्री मुरली मनोहर जोशी से भी मुलाकात की। इस दौरान अजमेर में स्वास्थ्य सेवाओं के विकास एवं अन्य विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई।
Read more 2nd Apr 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: भारतीय रेलवे द्वारा रेल परिचालन में संरक्षा को और मजबूत करने के क्रम में 30 मार्च, 2026 को वडोदरा - नागदा सेक्शन पर कवच 4.0 सिस्टम को सफलतापूर्वक कमीशन किया गया। इस अवसर पर वडोदरा स्टेशन से कवच प्रणाली से लैस स्पेशल ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गयी। इस प्रकार मिशन रफ़्तार के अंतर्गत मुंबई - नई दिल्ली मुख्य मार्ग के पश्चिम रेलवे के निर्धारित 693 रुट किलोमीटर में से 559.5 रुट किलोमीटर पर यानी अधिकतम रुट पर इस प्रणाली को स्थापित किया जा चुका है। वडोदरा - नागदा सेक्शन के अंतर्गत वडोदरा से मंगल महुडी सेक्शन (122.5 Rkm) और पंचपिपलिया - नागदा (102.01 Rkm) सेक्शन के बीच में यानी कुल 224.51 रुट किलोमीटर पर कवच प्रणाली को आज सफलतापूर्वक लांच किया गया है। मंगल महुडी से पंचपिपलिया के बीच इस प्रणाली को स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है और जल्द ही इसे आटोमेटिक सिगनलिंग के साथ पूरा कर लिया जायेगा। वडोदरा मंडल द्वारा इससे पहले जनवरी 2026 में वडोदरा - विरार सेक्शन पर कवच सिस्टम चालू किया गया था और आज वडोदरा से गोधरा होते हुए नागदा तक इसे कमीशन किया गया है। कवच एक ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है और यह मानवीय गलतियों के जोखिम को कम करने के लिए ट्रेन सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत है। जो कि मानवीय त्रुटि के कारण 'सिग्नल पासिंग एट डेंजर' (SPAD) से होने वाले परिणामों को रोकती है। वडोदरा–नागदा सेक्शन पर इस जटिल कार्य के निष्पादन हेतु प्रत्येक स्टेशन तथा प्रत्येक एब्सोल्यूट/ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सेक्शन के लिए पृथक योजना तैयार की गई, पटरियों पर 6000 से अधिक स्थानों पर RFID टैग का प्रोग्रामिंग एवं स्थापना कार्य किया गया, 26 स्टेशनों, 13 मध्य-खंडों तथा लोकोमोटिव के बीच सतत रेडियो संचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई, प्रत्येक स्टेशन पर कुल 39 रेडियो संचार टावर एवं आवश्यक उपकरण स्थापित किए गए, पूरे मार्ग पर UP एवं DN दोनों दिशाओं में लगभग 600 किमी लंबाई की OFC केबल बिछाई गई, साथ ही प्रत्येक स्टेशन, मध्य-खंड एवं LC गेट पर आधुनिक ‘कवच’ उपकरण स्थापित कर उन्हें मौजूदा सिग्नलिंग प्रणाली से एकीकृत किया गया, लोकोमोटिव में भी ‘कवच’ उपकरण लगाए गए तथा अंततः संपूर्ण प्रणाली का सफलतापूर्वक ट्रायल एवं परीक्षण किया गया। 'कवच' प्रणाली अपने यूरोपीय समकक्षों (ETCS) की तुलना में बहुत सस्ती है। अभी तक WAP-7, WAG9, WAP5 लोकोमोटिव में कवच प्रणाली लगाई गयी है। जल्द ही, इसे दूसरे लोकोमोटिव पर भी शुरू किया जाएगा। भारतीय रेलवे आधुनिक एवं स्वदेशी तकनीकों को अपनाकर सुरक्षित, दक्ष एवं भविष्य उन्मुख रेल नेटवर्क के निर्माण हेतु निरंतर प्रतिबद्ध है।
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अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 20 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट
अग्निवीर सेना भर्ती रैली, 0 जून के अभ्यर्थी देंगे 26 जून को रिपोर्ट अजमेर, 19 जून। सेना भर्ती कार्यालय जोधपुर के निदेशक (भर्ती) कर्नल दीपांकर बसु ने बताया कि अजमेर में चक्रवात के कारण हुई अतिवृष्टि से अग्निवीर सेना भर्ती रैली के कार्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। इसके कारण 20 जून को कायड़ विश्राम स्थली में रिपोर्ट करने वाले अभ्यर्थी अब 26 जून को प्रातः 2 बजे कायड़ विश्राम स्थली पर रिपोर्ट करेंगे।
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