राजस्थान न्यूज़: जयपुर। जयपुर में दुकान के बाहर शराब पी रहे युवकों को टोकना एक युवक को भारी पड़ गया। आरोप है कि कहासुनी के बाद युवकों ने उसे अकेला पाकर पत्थर से सिर फोड़ दिया और डंडों से ताबड़तोड़ वार किए। गंभीर रूप से घायल युवक की मौत हो गई। घटना सांगानेर सदर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। सांगानेर सदर थाना अधिकारी अनिल जैमन ने बताया कि मृतक की पहचान गोविंदपुरा स्थित शिक्षा सागर कॉलोनी निवासी संजू शर्मा पुत्र कैलाश शर्मा के रूप में हुई है। संजू शर्मा पानी के टैंकर सप्लाई का काम करता था। उसके घर के बाहर ही उसके भाई की किराने की दुकान है। जानकारी के अनुसार मंगलवार रात पड़ोस के खेत में शादी का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान रात करीब 11 बजे दुकान के बाहर करीब आधा दर्जन युवक बैठकर शराब पी रहे थे। दुकान के बाहर शराब पीने पर संजू शर्मा के परिजनों ने युवकों को वहां से जाने के लिए कहा। इसी बात को लेकर युवकों और संजू के परिवार के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि शराब पीने से टोकने पर गुस्साए युवकों ने पहले संजू के घर पर पत्थर फेंके। इसके बाद विवाद बढ़ गया। देर रात जब संजू अकेला मिला, तो आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। पत्थर से उसका सिर फोड़ दिया गया और डंडों से कई वार किए गए। हमले में संजू गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायल को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर सांगानेर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू की है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद दुकान के बाहर शराब पीने से टोकने को लेकर हुआ था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और किसने संजू पर जानलेवा हमला किया। घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। क्षेत्र के लोगों में भी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय शराब पीकर उत्पात करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Read more 24th Jun 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर। जयपुर में क्रिप्टो करेंसी और यूएसडीटी में निवेश के नाम पर लोगों से साइबर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की स्पेशल टीम ने विद्याधर नगर थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर लोगों को 70 दिन में निवेश की राशि दोगुनी करने का लालच देकर ठगी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में सीकर जिले के लापवा निवासी राजेंद्र बाजिया, झुंझुनूं जिले के ओजटू निवासी संजय स्वामी और सीकर जिले के लाडपुरा निवासी रेणुका गढ़वाल शामिल हैं। तीनों आरोपी फिलहाल जयपुर में किराये के मकानों में रह रहे थे। पुलिस अब आरोपियों के नेटवर्क, बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट और अन्य संभावित सहयोगियों की जांच कर रही है। जयपुर स्पेशल कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि आरोपी HLX, JUPITER, AiPF और Value City जैसे नामों से फर्जी निवेश योजनाएं चला रहे थे। इन योजनाओं में कम समय में दोगुना मुनाफा देने का दावा किया जाता था। आरोपियों का मकसद अधिक से अधिक लोगों से पैसा जुटाकर बाद में कॉल सेंटर बंद कर फरार होना बताया जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ब्लॉकचेन तकनीक के नाम पर कथित “मीम कॉइन” तैयार कर उन्हें असली डिजिटल करेंसी बताकर निवेश करवाते थे। निवेशकों से रकम लेकर बदले में यूएसडीटी दिए जाते और फिर उन्हें आरोपियों द्वारा बनाए गए फर्जी प्लेटफॉर्म पर ट्रांसफर कराया जाता था। आरोपी अपने फर्जी प्लेटफॉर्म पर निवेशकों को नकली मुनाफा दिखाते थे, ताकि वे और अधिक राशि निवेश करें। जब निवेशक अपने पैसे निकालने की कोशिश करते, तो उन्हें अलग-अलग बहाने बनाकर टाला जाता था। इस तरह निवेशकों को लगातार नए निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था। पुलिस के अनुसार आरोपी बेरोजगार युवाओं को बिजनेस और रोजगार का झांसा देकर कॉल सेंटर में काम कराते थे। कर्मचारियों को रोजाना लोगों को फोन कर निवेश के लिए तैयार करने और नए निवेशक जोड़ने का लक्ष्य दिया जाता था। कॉल सेंटर के जरिए लोगों को भरोसा दिलाया जाता था कि यह सुरक्षित और तेजी से मुनाफा देने वाली क्रिप्टो स्कीम है। अब तक पुलिस को 50 से अधिक लोगों के ठगी का शिकार होने की जानकारी मिली है। हालांकि आरोपियों ने कुल कितनी राशि ठगी और किन-किन राज्यों के लोगों को निशाना बनाया, इसकी जांच अभी जारी है। पुलिस को आशंका है कि जांच आगे बढ़ने पर ठगी की राशि और पीड़ितों की संख्या बढ़ सकती है। आरोपियों के खिलाफ विद्याधर नगर थाने में बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब मोबाइल फोन, लैपटॉप, कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजेक्शन, क्रिप्टो वॉलेट और फर्जी प्लेटफॉर्म से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में कम समय में अत्यधिक लाभ या पैसा दोगुना करने जैसे दावों पर भरोसा न करें। क्रिप्टो, यूएसडीटी या ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर निवेश करने से पहले पूरी जांच करें और संदिग्ध गतिविधि सामने आने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान में राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला शुरू हो गया है। हालिया नियुक्तियों के बाद यह संकेत मिल रहे हैं कि फिलहाल मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना कम है, लेकिन निगम, बोर्ड, आयोग और अन्य संवैधानिक व प्रशासनिक पदों पर नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ को केंद्र नेतृत्व की ओर से कुछ महत्वपूर्ण राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर आगे बढ़ने की सहमति मिल गई है। इसी क्रम में राजस्थान लोक सेवा आयोग और राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से जुड़ी नियुक्तियां सामने आ चुकी हैं। राजस्थान लोक सेवा आयोग में हाल ही में बदलाव देखने को मिला है। आयोग में कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी और दो नए सदस्यों की नियुक्ति को सरकार की ओर से प्रशासनिक और संस्थागत निरंतरता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसी तरह राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष पद पर भी नियुक्ति हो चुकी है। अब माना जा रहा है कि राज्य में अन्य प्रमुख बोर्डों, आयोगों और निगमों में भी जल्द नियुक्तियां की जा सकती हैं। इनमें 20 सूत्री कार्यक्रम के उपाध्यक्ष और सदस्य, राजस्थान खेल परिषद,अध्यक्ष,राजस्थान आवासन मंडल के अध्यक्ष और सदस्य, राजस्थान वेयर हाउस निगम के अध्यक्ष, राजस्थान महिला आयोग की अध्यक्ष और सदस्य सहित कई महत्वपूर्ण पद शामिल बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही भाव अभियोग, अधीनस्थ कर्मचारी चयन बोर्ड, मुख्य सूचना आयुक्त और अन्य संस्थागत पदों को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। कुछ पदों पर राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं को अवसर मिल सकता है, जबकि कुछ पदों पर सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना भी जताई जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ हाल ही में दो दिन तक साथ दौरे पर रहे थे। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार इस दौरान संगठन और सरकार से जुड़े कई विषयों पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच विचार-विमर्श हुआ है। इन पदों को पाने के लिए भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने सक्रियता बढ़ा दी है। राजनीतिक हलकों में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, राजेंद्र राठौड़, रामचरण बोहरा, मुकेश दाधीच, सुमन शर्मा, संतोष अहलावत, विजय बैसला और सुनीता बैसला, लक्ष्मीकांत भारद्वाज,पंकज जोशी,कुछ पूर्व विधायकसहित संघ से जुड़े हुए कई नामों की चर्चा है। हालांकि इन नामों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।राजनीतिक चर्चा यह भी है कि वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने फिलहाल किसी निगम या बोर्ड का पद लेने में रुचि नहीं दिखाई है। हालांकि भाजपा संगठन और सरकार के स्तर पर वरिष्ठ नेताओं को समायोजित करने की रणनीति पर विचार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में कुछ नेताओं को संगठनात्मक, राजनीतिक या संस्थागत जिम्मेदारी दी जा सकती है। राजस्थान में लंबे समय से राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजर अब सरकार के अगले फैसलों पर टिकी है। भाजपा कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही निगम-बोर्ड और आयोगों में नियुक्तियां कर संगठन से जुड़े सक्रिय चेहरों को जिम्मेदारी देगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मंत्रिमंडल विस्तार को टालते हुए राजनीतिक नियुक्तियों के माध्यम से सरकार और संगठन के बीच संतुलन साधने की कोशिश की जा सकती है। इससे वरिष्ठ नेताओं, संगठन में सक्रिय पदाधिकारियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रभावशाली चेहरों को समायोजित करने का रास्ता खुलेगा। आगामी निकाय और पंचायतीराज चुनावों को देखते हुए भी ये नियुक्तियां राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। भाजपा संगठन चाहेगा कि नियुक्तियों के जरिए कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़े और सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में संगठन की भूमिका और मजबूत हो। फिलहाल प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर अटकलें तेज हैं। आरपीएससी और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से शुरुआत होने के बाद अब सबकी नजर 20 सूत्री कार्यक्रम, महिला आयोग, राजस्थान खेल परिषद,आवासन मंडल, वेयर हाउस निगम, राजस्थान खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड तथा राजस्थान स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बोर्ड, अधीनस्थ कर्मचारी बोर्ड और सूचना आयोग जैसे पदों पर होने वाले संभावित फैसलों पर है।
Read more 22nd Jun 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
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राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से मंगलवार को जारी जानकारी के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। हालांकि, इस्तीफे की वजह आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं की गई है।65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री के पद पर कार्यरत थे। वे अगस्त 2024 से मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे। जानकारी के अनुसार राज्यसभा सांसद के रूप में उनका कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो गया था। भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा उम्मीदवार नहीं बनाया। इसके बाद उनके केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफे को उनके संसदीय कार्यकाल की समाप्ति से जोड़कर देखा जा रहा है। जॉर्ज कुरियन केरल भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं। वे लंबे समय से संगठन से जुड़े रहे हैं और दक्षिण भारत में भाजपा के ईसाई चेहरे के रूप में भी उनकी पहचान रही है। मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में उन्हें केंद्रीय राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी।राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि हाल ही में केरल विधानसभा चुनावों में भाजपा के उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद पार्टी ने उन्हें फिर से मौका नहीं दिया। हालांकि, इस संबंध में भाजपा या राष्ट्रपति भवन की ओर से कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। कुरियन के इस्तीफे के बाद अब केंद्रीय मंत्रिपरिषद में उनके स्थान को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि पार्टी आने वाले समय में दक्षिण भारत और अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए नए राजनीतिक समीकरण तैयार कर सकती है। जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब भाजपा संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर राज्यों के राजनीतिक प्रदर्शन और प्रतिनिधित्व को लेकर नए सिरे से रणनीति बना रही है। केरल जैसे राज्य में भाजपा लंबे समय से अपना आधार मजबूत करने का प्रयास कर रही है।फिलहाल राष्ट्रपति द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद जॉर्ज कुरियन अब केंद्रीय मंत्रिपरिषद का हिस्सा नहीं रहे। उनके इस्तीफे की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है, लेकिन राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होना और दोबारा नामांकन नहीं मिलना इस राजनीतिक घटनाक्रम का महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है।
Read more 23rd Jun 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष नेताओं की उच्चस्तरीय बैठकों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के निवास पर संघ और भाजपा नेताओं के बीच करीब तीन घंटे तक चली बैठक के बाद भाजपा संगठन में बड़े फेरबदल, राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई टीम, केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव और कुछ राज्यों में राज्यपालों के परिवर्तन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि इस बैठक में संघ के सहसरकार्यवाह अरुण कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, सहसंगठन महामंत्री शिवप्रकाश, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वरिष्ठ भाजपा नेता जेपी नड्डा सहित संगठन और सरकार से जुड़े प्रमुख चेहरे शामिल रहे। बैठक को भाजपा के आगामी संगठनात्मक रोडमैप और सरकार-संगठन के समन्वय की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। इस बैठक से पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की अध्यक्षता में भी संघ और भाजपा संगठन से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों की अहम चर्चा हुई थी। इसमें सहसरकार्यवाह अरुण कुमार, आलोक कुमार, सीआर मुकुंद सहित भाजपा संगठन कार्य के लिए भेजे गए पूर्णकालिक प्रचारकों और भाजपा के संगठनात्मक पदाधिकारियों से जुड़े विषयों पर विमर्श होने की बात सामने आई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में केंद्रीय संगठन की नई टीम का गठन अब अंतिम चरण में हो सकता है। इसी क्रम में राष्ट्रीय पदाधिकारियों की घोषणा, राज्यों में संगठनात्मक बदलाव और आगामी चुनावी राज्यों को लेकर नई जिम्मेदारियों के बंटवारे पर चर्चा संभव मानी जा रही है। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल के लिए कुछ नेताओं को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं, जबकि कुछ चेहरों को संगठन में सक्रिय भूमिका मिल सकती है। हालांकि इस संबंध में भाजपा या केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसी तरह पांच से छह राज्यों में राज्यपालों के बदलाव की संभावना को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि संगठनात्मक संतुलन, राजनीतिक अनुभव और आगामी चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कुछ वरिष्ठ नेताओं को संवैधानिक पदों पर भेजा जा सकता है। हालांकि यह पूरी तरह अटकलों के स्तर पर है और आधिकारिक निर्णय सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। भाजपा-आरएसएस के बीच हुई इन बैठकों को आगामी राजनीतिक रणनीति की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लोकसभा चुनाव के बाद संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने, राज्यों में नेतृत्व को सक्रिय करने और केंद्र सरकार की योजनाओं को राजनीतिक रूप से प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा के लिए आने वाला समय संगठनात्मक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। कई राज्यों में चुनावी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और पार्टी अपने संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सक्रिय करने की दिशा में काम कर रही है। ऐसे में शीर्ष स्तर पर हुई यह बैठक आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक फैसलों का संकेत मानी जा रही है। हालांकि भाजपा या आरएसएस की ओर से बैठक के एजेंडे और निष्कर्षों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसके बावजूद बैठक में शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने दिल्ली के राजनीतिक और मीडिया जगत में चर्चाओं को हवा दे दी है। अब सबकी नजर भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम, संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल और राज्यपालों की नियुक्तियों से जुड़े आगामी फैसलों पर टिकी हुई है।
Read more 21st Jun 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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