राजस्थान न्यूज़: राजस्थान में साइबर अपराधियों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने के मामलों में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने आमजन के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। साइबर अपराधी अब देश की प्रतिष्ठित हस्तियों, उद्योगपतियों और सेलिब्रिटीज के चेहरे व आवाज की हूबहू नकल तैयार कर लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं में फंसाने का प्रयास कर रहे हैं। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने नागरिकों से ऐसे विज्ञापनों और निवेश प्रस्तावों से सावधान रहने की अपील की है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) वीके सिंह ने बताया कि अपराधी इंटरनेट पर उपलब्ध प्रसिद्ध व्यक्तियों के वीडियो और ऑडियो का उपयोग कर एआई टूल्स के माध्यम से उनकी नकली आवाज और चेहरे के हाव-भाव तैयार कर रहे हैं। इन फर्जी वीडियो और विज्ञापनों में यह दिखाया जाता है कि किसी नामी हस्ती ने किसी विशेष ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म या निवेश ऐप के माध्यम से कम समय में भारी मुनाफा कमाया है। लोगों का भरोसा जीतने के लिए इन वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बड़े पैमाने पर प्रचारित किया जाता है। पुलिस के अनुसार साइबर ठग सबसे पहले फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों पर आकर्षक विज्ञापन चलाते हैं। इनमें कम निवेश पर प्रतिदिन हजारों रुपये कमाने जैसे लुभावने दावे किए जाते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इन विज्ञापनों पर क्लिक करता है, उसे व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर बनाए गए तथाकथित निवेश समूहों में जोड़ दिया जाता है। इन समूहों में मौजूद अधिकांश सदस्य वास्तविक नहीं होते, बल्कि साइबर अपराधियों द्वारा संचालित फर्जी अकाउंट या बॉट्स होते हैं, जो लगातार भारी मुनाफे के नकली स्क्रीनशॉट साझा कर नए निवेशकों का विश्वास जीतते हैं। विश्वास बनने के बाद पीड़ित को एक विशेष लिंक या एपीके फाइल भेजकर फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाया जाता है। यह ऐप आमतौर पर आधिकारिक ऐप स्टोर्स पर उपलब्ध नहीं होता। शुरुआत में निवेश करने पर ऐप में मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाई देता है, जिससे निवेशक और अधिक धन जमा करने के लिए प्रेरित हो जाता है। कई मामलों में लोग अपनी बचत के साथ-साथ उधार लेकर भी बड़ी रकम इन प्लेटफॉर्म्स में निवेश कर देते हैं। साइबर ठगी का असली चेहरा तब सामने आता है जब निवेशक अपनी कथित कमाई को निकालने का प्रयास करता है। राशि निकालने के लिए टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी चार्ज या अन्य शुल्कों के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा कराने की मांग की जाती है। कई बार पीड़ित से बार-बार पैसे जमा करवाए जाते हैं और अंत में ठग समूह को बंद कर सभी संपर्क समाप्त कर देते हैं। इसके बाद निवेशक अपनी पूरी राशि गंवा बैठता है। राजस्थान पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें, केवल अधिकृत और पंजीकृत प्लेटफॉर्म्स का ही उपयोग करें तथा सोशल मीडिया पर दिखने वाले सेलिब्रिटी आधारित निवेश विज्ञापनों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर देने की अपील की गई है।
Read more 12th Jun 2026
राजस्थान न्यूज़: जयपुर में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक पर रोक और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग को लेकर 15 जून को राज्य स्तरीय प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। कॉकरोच जनता पार्टी की राजस्थान इकाई द्वारा राजधानी के गवर्नमेंट हॉस्टल स्थित शहीद स्मारक पर इस आंदोलन का आयोजन किया जा रहा है। प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि प्रदर्शन में पार्टी के राष्ट्रीय संस्थापक अभिजीत दीपके विशेष रूप से दिल्ली से जयपुर पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि राजस्थान के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में छात्र, युवा, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता इस कार्यक्रम में भाग लेंगे। पार्टी का मानना है कि वर्तमान समय में राजस्थान का युवा शिक्षा और रोजगार दोनों मोर्चों पर गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, इसलिए इस अभियान की शुरुआत जयपुर से की जा रही है। प्रेस वार्ता के दौरान रांका ने देश और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं को डिग्रियां तो मिल रही हैं, लेकिन रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और कौशल आधारित शिक्षा की कमी युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रही है। पार्टी का मानना है कि शिक्षा प्रणाली को रोजगारोन्मुखी और पारदर्शी बनाए बिना देश के विकास की परिकल्पना अधूरी रहेगी। कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रदर्शन के लिए चार प्रमुख मांगें तय की हैं। इनमें प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर स्थायी रोक लगाने के लिए मजबूत सुरक्षा तंत्र विकसित करना, स्कूलों और कॉलेजों में कौशल आधारित शिक्षा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक विषयों को शामिल करना, शिक्षा क्षेत्र में बजट आवंटन बढ़ाकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करना तथा सभी भर्ती परीक्षाओं के लिए समयबद्ध भर्ती कैलेंडर लागू करना शामिल है। पार्टी का कहना है कि इन मांगों के माध्यम से युवाओं को बेहतर अवसर और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सकती है। इधर, राजधानी के शहीद स्मारक पर प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट भी सतर्क हो गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। वहीं यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस द्वारा आवश्यकतानुसार रूट डायवर्जन की योजना भी तैयार की जा रही है। पार्टी पदाधिकारियों ने प्रशासन को आश्वस्त किया है कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा।
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राजस्थान न्यूज़: दौसा। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं किसान नेता राजेश पायलट की 26वीं पुण्यतिथि पर दौसा के भंडाना स्थित स्मृति स्मारक पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने अपने पिता को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत को लेकर भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की। मीडिया से बातचीत में सचिन पायलट ने कहा कि अशोक गहलोत का जितना स्नेह और लगाव उनके पुत्र वैभव गहलोत के प्रति है, उतना ही स्नेह और लगाव उनके प्रति भी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस परिवार के सभी लोग पार्टी के सिपाही हैं और संगठन को मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य कर रहे हैं। गुरुवार को आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सचिन पायलट ने अपने पिता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस दौरान उनके पुत्र आरान और विहान भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भाग लिया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद सचिन पायलट ने भाजपा सरकार और केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य पर इसका प्रभाव पड़ रहा है। पायलट ने कहा कि किसानों की आय, बढ़ती महंगाई और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आवश्यक वस्तुओं और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने हाल ही में हुई विपक्षी दलों की बैठक का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहित के मुद्दों पर एकजुट होकर कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा और सरकार को जवाबदेह बनाने का प्रयास किया जाएगा। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा, विधायक डीसी बैरवा, मुकेश भाकर, मनीष यादव, लक्ष्मण मीणा, पूर्व मंत्री हेमराम चौधरी, करौली धौलपुर सांसद भजनलाल जाटव, विधायक अमीन कागजी, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर के सांसद कुलदीप इंदौरा, अभिमन्यु पूनिया, रामनिवास गांवरिया, विधायक अनिता जाटव पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावस, धीरज गुर्जर, अर्चना शर्मा, वेदप्रकाश सोलंकी, डॉ. जितेंद्र सिंह, ममता भूपेश, दीपेंद्र सिंह शेखावत, शकुंतला गुर्जर सहित तमाम नेता पहुंच गए हैं। राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर आयोजित इस कार्यक्रम में उनके राजनीतिक योगदान, किसान हितों के लिए किए गए कार्यों और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को याद किया गया।
Read more 11th Jun 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनके कार्यकाल के 4,399 दिन पूरे होने के अवसर पर नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बैठक में उनका सम्मान किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा "नेशन फर्स्ट" की भावना के साथ कार्य किया है और देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत को केवल वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा ही नहीं करनी है, बल्कि कई क्षेत्रों में दुनिया से एक कदम आगे निकलना है। उन्होंने ग्रीन एनर्जी, न्यूक्लियर एनर्जी, डेटा सेंटर, विनिर्माण और तकनीकी नवाचार को भविष्य के विकास का आधार बताते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत मेड इन इंडिया विमान और अन्य उन्नत तकनीकी उत्पादों के निर्माण में भी नई उपलब्धियां हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जनता ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन पर विश्वास जताया था और पिछले 12 वर्षों में उस विश्वास को और मजबूत करने का प्रयास किया गया है। प्रधानमंत्री के अनुसार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और आर्थिक नीतियों के परिणामस्वरूप करोड़ों लोगों के जीवन स्तर में सुधार आया है और बड़ी संख्या में लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। प्रधानमंत्री ने देश में बुनियादी ढांचे के विस्तार का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में हवाई अड्डों, एक्सप्रेस-वे और मेट्रो नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे देश के विभिन्न क्षेत्रों में संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिली है। NDA सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और योगदान की सराहना करते हुए अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया गया। यह प्रस्ताव एन. चंद्रबाबू नायडू ने प्रस्तुत किया, जबकि नेफियू रियो ने इसका समर्थन किया। बैठक में भाजपा और NDA शासित 22 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों के नेताओं के साथ अनौपचारिक संवाद भी हुआ। इससे पहले प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भी उनके 12 वर्षों के कार्यकाल पर बधाई प्रस्ताव पारित किया गया। मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने तालियां बजाकर प्रधानमंत्री के नेतृत्व और योगदान की सराहना की।
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राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को नई दिल्ली में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समावेशी मानव विकास की रणनीति तैयार करना और उसे प्रभावी रूप से लागू करने पर विचार-विमर्श करना रहा। इस वर्ष बैठक की थीम "विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास" रखी गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग, क्षेत्र, आयु समूह और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि तक पहुंचे। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और डिजिटल गवर्नेंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में राज्यों और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही राज्यों के विकास दृष्टिकोण को राष्ट्रीय विकास दृष्टि के साथ जोड़ने की रणनीतियों पर भी विचार किया गया। नीति आयोग की इस बैठक में मानव संसाधन विकास को विकसित भारत की आधारशिला बताते हुए युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करने, रोजगार सृजन बढ़ाने, महिलाओं की भागीदारी मजबूत करने तथा सामाजिक एवं क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान दिसंबर 2025 में आयोजित मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन की प्रमुख सिफारिशों की भी समीक्षा की गई। इन सिफारिशों को राज्यों में प्रभावी रूप से लागू करने तथा प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाने के उपायों पर भी मंथन किया गया। केंद्र सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक, जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा, देश को विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में स्थापित करना है। इसके लिए आर्थिक विकास के साथ-साथ मानव पूंजी, सामाजिक न्याय, नवाचार, डिजिटल सशक्तिकरण और समावेशी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि विकसित भारत-2047 का लक्ष्य केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर में सुधार लाना और विकास के अवसरों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना भी है।
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गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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