राजस्थान न्यूज़: सचिवालय अधिकारी एवं कर्मचारी संघ ने किया मुख्यमंत्री का अभिनंदन, पदोन्नति में 2 वर्ष की छूट और 149 नए पदों के सृजन पर जताया आभार जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ धरातल पर उतारने से ही सुशासन स्थापित होता है। इसके लिए सक्षम, प्रेरित और संतुष्ट कार्मिक व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण आधार है। राज्य सरकार ने कर्मचारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पदोन्नति प्रक्रिया को सरल बनाया है और सचिवालय की प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। रविवार को राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ और राजस्थान सचिवालय कर्मचारी संघ की ओर से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का पदोन्नति के लिए अनुभव में 2 वर्ष की छूट और नए पदों के सृजन को लेकर अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नागरिक सर्वोपरि’ विजन को राज्य सरकार शासन की कार्य-संस्कृति का आधार बनाकर आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय सरकार की नीतियों, योजनाओं और जनकल्याणकारी निर्णयों का केंद्र है। ऐसे में हर निर्णय और प्रयास प्रदेश की 8 करोड़ जनता के विश्वास को मजबूत करने वाला होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक फाइल के पीछे किसी नागरिक की आशा, किसी किसान की उम्मीद, किसी युवा का भविष्य और किसी परिवार का विश्वास जुड़ा होता है। कर्मचारी विकसित राजस्थान-2047 के सारथी मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक कर्मचारी गुड गवर्नेंस की धुरी और विकसित राजस्थान-2047 का महत्वपूर्ण सारथी है। राज्य सरकार कर्मचारी हित में फैसले लेते हुए समयबद्ध और नियमित पदोन्नति सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि कार्मिकों को पदोन्नति के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 में निर्धारित अनुभव में 2 वर्ष की छूट दी गई है। इसमें यह प्रावधान किया गया है कि जिन कार्मिकों ने पिछले तीन वर्षों में इस छूट का लाभ नहीं लिया है, उन्हें इसका लाभ मिलेगा। इसके लिए विभिन्न सेवा नियमों में संशोधन किए जाएंगे। इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का अवसर मिलेगा और उनकी लंबे समय से चली आ रही अपेक्षाएं पूरी होंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में केंद्र सरकार के अनुरूप ग्रेच्युटी की सीमा 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दी गई है। साथ ही 30 जून को सेवानिवृत्त राज्य कार्मिकों को नोशनल वेतन वृद्धि के अनुरूप पेंशन का प्रावधान किया गया है। पेंशनर के 70 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन भत्ता और कर्मचारी की मृत्यु होने पर 10 वर्ष तक बढ़ी हुई पारिवारिक पेंशन देने का प्रावधान भी किया गया है। उन्होंने कहा कि आरजीएचएस के तहत महिला और पुरुष कर्मचारियों को अपने माता-पिता या सास-ससुर में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया गया है। वेतनमान से जुड़े विषयों के अध्ययन के लिए उच्च स्तरीय समिति के गठन का निर्णय लिया गया है, जो 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर भी विचार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सेवा के अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे कर्मयोगी की भावना के साथ रूल बेस्ड से रोल बेस्ड कार्यशैली की ओर आगे बढ़ेंगे। सरकार के अन्य महत्वपूर्ण फैसलों में एक वर्ष के भीतर कर्मचारी द्वारा पद त्यागने की स्थिति में उस पद को प्रतीक्षा सूची से भरना और सेवा अवधि में स्थायी अक्षमता होने पर कार्मिक के आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देना शामिल है। महिला कर्मचारियों के लिए अहम निर्णय मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अनुकंपा नियुक्ति के दायरे में पुत्रवधू को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा एकल महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव 3 के स्थान पर 6 चरणों में स्वीकृत करने और कार्यस्थल पर बेहतर एवं तनावमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री शिशु-वात्सल्य सदन’ स्थापित करने जैसे निर्णय भी लिए गए हैं। 149 नए पदों के सृजन से सचिवालय को मजबूती मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन सचिवालय की कार्यकुशलता को और अधिक मजबूत बनाने के लिए 15 सहायक शासन सचिव, 67 सहायक अनुभाग अधिकारी और 67 लिपिक ग्रेड प्रथम सहित कुल 149 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है। इससे प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और विभागीय पदोन्नति के मार्ग भी अधिक सुगम बनेंगे। ई-गवर्नेंस और पेपरलेस व्यवस्था अपनाने का आह्वान मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय के साथ प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को मिशन कर्मयोगी की भावना के अनुरूप नई तकनीक, ई-गवर्नेंस और पेपरलेस व्यवस्था को अपनाना होगा। इससे प्रशासन अधिक दक्ष, पारदर्शी और जनकल्याणकारी बनेगा। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपनी कार्यकुशलता, नवाचार और सेवा भावना से राजस्थान को सुशासन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी संघ के अध्यक्ष अभिमन्यु शर्मा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताते हुए कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों की मांगों पर संवेदनशील निर्णय लिए हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सचिवालय के अधिकारी और कर्मचारी सरकार की भावना के अनुरूप जनहित में पूर्ण समर्पण और निष्ठा के साथ कार्य करेंगे। इस अवसर पर राजस्थान सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष कजोड़मल मीणा सहित बड़ी संख्या में सचिवालय के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष और विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने भजनलाल सरकार के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान शिक्षा मंत्री राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एजेंडे को लागू करने में जुटे हैं और इसी क्रम में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने वाले फैसले लगातार लिए जा रहे हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब और सामान्य वर्ग के बच्चों का भविष्य संकट में डाला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में हुई बड़ी स्थानांतरण प्रक्रिया के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के पद बड़ी संख्या में खाली हो गए हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। लक्ष्मणगढ़ में 50 प्रतिशत शिक्षक पद रिक्त होने का दावा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने अपने विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ का हवाला देते हुए कहा कि हालिया तबादला प्रक्रिया के बाद क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों की स्थिति चिंताजनक हो गई है। उनके अनुसार क्षेत्र के कई सरकारी उच्च माध्यमिक और माध्यमिक विद्यालयों में व्याख्याता, प्रधानाचार्य और प्रमुख विषयों के अध्यापकों के पद रिक्त हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि पूरे विधानसभा क्षेत्र के सरकारी स्कूलों का विश्लेषण करने पर लगभग 50 प्रतिशत शिक्षक पद खाली दिखाई दे रहे हैं। डोटासरा ने सवाल उठाया कि जब स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक ही नहीं होंगे, तो बोर्ड परीक्षाओं के समय बच्चों का पाठ्यक्रम कैसे पूरा होगा और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे मिल पाएगी। सरकारी स्कूलों को जानबूझकर खाली करने का आरोप कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बड़ी स्थानांतरण प्रक्रिया के माध्यम से कई विद्यालयों को जानबूझकर शिक्षकों से खाली किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्कूल में विषय अध्यापक और प्रधानाचार्य नहीं होंगे, तो स्वाभाविक रूप से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी और नामांकन घटेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भविष्य में कम छात्र संख्या का हवाला देकर सरकार ऐसे विद्यालयों को बंद करने या मर्ज करने का आधार तैयार कर सकती है। डोटासरा ने इसे सरकारी शिक्षा ढांचे को कमजोर करने की सोची-समझी रणनीति बताया। अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों को लेकर भी जताई चिंता कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय इन विद्यालयों की शुरुआत गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को बिना भारी फीस के आधुनिक अंग्रेजी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार इन विद्यालयों को धीरे-धीरे कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों और अभिभावकों के सामने अब पढ़ाई को लेकर असमंजस और संकट की स्थिति बन रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर सरकारी स्कूलों के भवनों में आरएसएस से जुड़ी गतिविधियां संचालित होने की खबरें सामने आ रही हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। बच्चों को शाखाओं में भेजने का लगाया आरोप कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने अपने पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि पिछले दिनों सरकारी स्कूलों के छोटे बच्चों को शैक्षिक भ्रमण और अन्य गतिविधियों के नाम पर आरएसएस की शाखाओं में भेजने के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक सोच, तार्किकता और गुणवत्तापूर्ण ज्ञान विकसित करना होना चाहिए। सरकारी शिक्षा तंत्र को किसी विशेष वैचारिक एजेंडे की ओर ले जाना बच्चों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था दोनों के लिए उचित नहीं है।
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राजस्थान न्यूज़: जयपुर। राजस्थान पत्रकार परिषद की प्रदेश इकाई के तत्वावधान में मानसरोवर स्थित किरण पथ पर आयोजित भव्य एवं पवित्र पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ शनिवार को धार्मिक उल्लास और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। प्रदेश में अच्छी बारिश, खुशहाली, पत्रकार समाज, उनके परिजनों और समस्त प्रदेशवासियों के उत्तम स्वास्थ्य एवं समृद्धि की मंगल कामना के लिए इस अनुष्ठान का आयोजन किया गया। महायज्ञ में पत्रकार जगत से जुड़े प्रतिनिधियों और स्थानीय निवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत शनिवार सुबह 10:45 बजे गायत्री परिवार के वरिष्ठ कार्यकर्ता दिनेश कुमार शर्मा और उनकी टीम के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई। मानसरोवर स्थित गायत्री वेदना निवारण केन्द्र में सजी भव्य यज्ञशाला में पांच कुंडों पर मुख्य यजमानों सहित पत्रकार समाज के विभिन्न प्रतिनिधियों ने आहुतियां दीं। गायत्री मंत्र के सामूहिक उच्चारण से पूरा परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा। दोपहर 12 बजे पूर्ण विधि-विधान के साथ महायज्ञ की मुख्य पूर्णाहुति संपन्न हुई। कार्यक्रम के पश्चात गायत्री परिवार के ट्रस्टी ओमप्रकाश अग्रवाल और केदार शर्मा की ओर से पत्रकारों को युग निर्माण सत्संकल्प और अन्य साहित्य का वितरण किया गया। इसके साथ ही भोजन प्रसादी की भी व्यवस्था की गई। राजस्थान पत्रकार परिषद के प्रदेशाध्यक्ष रोहित कुमार सोनी और प्रदेश महासचिव रमेश यादव ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। प्रदेश महासचिव रमेश यादव ने बताया कि इस अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना और सभी के आरोग्य, समृद्धि तथा प्रदेश की खुशहाली की कामना करना था। परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष गिरिराज अग्रवाल और प्रदेश उपाध्यक्ष रामबाबू सिंघल ने समय पर पहुंचकर धर्म लाभ उठाने और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पत्रकार जगत से जुड़े सभी साथियों, गायत्री परिवार और उपस्थित आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार श्याम सुंदर शर्मा, अजीत तिवारी,राजेंद्र राज,श्याम माथुर,मृदुल शर्मा,संदीप पांडे, अजय नगर,नरेंद्र सर्वोदय,ज्योति प्रकाश शर्मा,राजेंद्र गुप्ता और राजकुमार निराली सहित कई पत्रकार शामिल रहे। आयोजन के दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि ऐसे धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मकता, सामूहिकता और लोककल्याण की भावना को मजबूत करते हैं। महायज्ञ का समापन प्रदेश में अच्छी बारिश, जनकल्याण और सभी के उत्तम स्वास्थ्य की कामना के साथ हुआ।
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उदयपुर न्यूज़: शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला के हाथ से सोने की दो चूड़ियां पार होने का मामला सामने आया है। घटना कांता मारवाह मार्ग, पुलिस लाइन क्षेत्र की बताई जा रही है। पीड़िता के भतीजे ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट देकर बाइक सवार बदमाशों पर वारदात को अंजाम देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार कांता मारवाह मार्ग पुलिस लाइन अजमेर निवासी जितेन्द्र नारवानी पुत्र चिमनदास नारवानी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में बताया गया कि उनकी चाची मीना नारवानी उम्र 75 वर्ष घर से पीछे वाली गली में गाय को रोटी खिलाने के लिए निकली थीं। गली में गाय नहीं मिलने पर वे मुख्य सड़क की ओर पुलिस लाइन चौराहे की तरफ जाने लगीं। इसी दौरान बाइक सवार 2 से 3 युवक उनके पीछे चलने लगे। आरोप है कि इनमें से एक युवक बाइक से उतरकर बुजुर्ग महिला के साथ-साथ चलने लगा और उनसे बातचीत करने की कोशिश करने लगा। कुछ देर बाद महिला को ऐसा महसूस हुआ कि उनकी आंखें बंद हो रही हैं और उन्हें ठीक से कुछ याद नहीं रहा। करीब पांच मिनट बाद जब महिला को होश आया तो उनके हाथों में पहनी सोने की दोनों चूड़ियां गायब थीं। इसी बीच बाइक सवार युवक मौके से फरार हो चुके थे। घटना से घबराई बुजुर्ग महिला घर लौटीं और परिजनों को पूरी बात बताई। इसके बाद परिजनों ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में बाइक सवार युवकों पर सोने की चूड़ियां चोरी करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एएसआई कैलाश चंद को सौंपी है। फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने और संदिग्ध युवकों की पहचान करने में जुटी है। बुजुर्ग महिला के साथ हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में चिंता का माहौल है। परिजनों ने पुलिस से जल्द आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी और चोरी हुई ज्वेलरी बरामद करने की मांग की है।
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उदयपुर न्यूज़: अजमेर के बोर्ड ऑफिस की गली स्थित ओला शोरूम पर गुरुवार को ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया और विरोध प्रदर्शन करते हुए जल्द समाधान की मांग की। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्राहकों, विशेषकर महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनकी इलेक्ट्रिक स्कूटी खराब होने के बाद सात महीने पहले सर्विस के लिए जमा कराई गई थी, लेकिन आज तक वाहन वापस नहीं मिला। उनका कहना है कि वे लगातार शोरूम के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है। फोन करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। प्रदर्शन के दौरान एक युवक ने आरोप लगाया कि उसके स्कूटर का स्टार्ट बटन बार-बार खराब हो जाता है। शिकायत करने पर केवल बटन बदल दिया जाता है, लेकिन मूल समस्या बनी रहती है। ग्राहकों का कहना है कि उन्होंने कंपनी के उच्च अधिकारियों से भी संपर्क किया, लेकिन वहां से भी कोई ठोस समाधान नहीं मिला। इससे नाराज ग्राहकों ने शोरूम के बाहर प्रदर्शन कर प्रबंधन के रवैये पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
Read more 2nd Jul 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
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अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
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राष्ट्रीय न्यूज़: RSS की प्रांत प्रचारक बैठक में शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों की रूपरेखा तय, राजस्थान में करीब 1000 शाखाएं लगाने की तैयारी बेलगावी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक में संगठन के शताब्दी वर्ष से जुड़े कार्यक्रमों, देशव्यापी शाखा विस्तार, सामाजिक विषयों और समसामयिक मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने के संकेत मिले हैं। बैठक कर्नाटक के बेलगावी स्थित अंकोल संत मीरा स्कूल में 10 जुलाई से 12 जुलाई तक आयोजित हुई। बैठक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की अध्यक्षता और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले के नेतृत्व में हुई। इसमें संघ की संगठनात्मक रचना से जुड़े 46 प्रांतों, 11 क्षेत्रों और 36 अनुषांगिक संगठनों के राष्ट्रीय स्तर के पूर्णकालिक प्रचारकों सहित अपेक्षित प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में मार्च से अब तक हुए संघ कार्यक्रमों, देशभर में आयोजित शिक्षा वर्गों, कार्यकर्ता विकास वर्गों और संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की गई। 25 सितंबर से 12 अक्टूबर तक शाखा विस्तार कार्यक्रम संघ शताब्दी वर्ष के तहत 25 सितंबर से 12 अक्टूबर तक देशव्यापी स्तर पर शाखा विस्तार कार्यक्रम चलाने की रूपरेखा पर चर्चा हुई। संकेत हैं कि इस अभियान के दौरान मंडल स्तर पर गांवों और मोहल्लों में 15 दिनों तक निर्धारित स्थानों पर प्रतिदिन शाखाएं लगाई जाएंगी। राजस्थान में संघ के तीनों प्रांत—चित्तौड़गढ़, जयपुर और जोधपुर—में करीब 1000 शाखाएं लगाने की योजना पर भी विचार हुआ है। इसका उद्देश्य शताब्दी वर्ष के अवसर पर संघ के संगठनात्मक विस्तार, कार्यकर्ता सक्रियता और समाज के विभिन्न वर्गों तक संपर्क को और मजबूत करना बताया जा रहा है। राम मंदिर चढ़ावा गिनती की कथित घटना पर चिंता बैठक में रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र मंदिर, अयोध्या में दानपेटी और चढ़ावे की गिनती से जुड़ी कथित चोरी की घटना पर भी चर्चा होने के संकेत मिले हैं। संघ नेतृत्व और प्रचारकों ने इस घटनाक्रम पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि रामभक्तों और श्रद्धालुओं की आस्था को किसी भी प्रकार की ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए। बैठक में यह भी कहा गया कि न्यास के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गठित SIT और पुलिस कार्रवाई को निर्णायक स्तर तक पहुंचना चाहिए। साथ ही भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए पारदर्शी और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने की आवश्यकता जताई गई। शिरोमणि रविदास महाराज के 650 वें जन्म दिवस पर वर्षभर कार्यक्रम बैठक में शिरोमणि रविदास महाराज के 650 वें जन्म दिवस के अवसर पर वर्षभर कार्यक्रम आयोजित करने की रूपरेखा पर भी विचार हुआ। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक समरसता, संत परंपरा और समाज जीवन में उनके योगदान को व्यापक स्तर पर सामने लाने की योजना बनाई जा रही है। जनसांख्यिकी असंतुलन और ड्रग्स के दुष्प्रभाव पर चर्चा बैठक में जनगणना के संदर्भ में जनसांख्यिकी असंतुलन से उत्पन्न चुनौतियों तथा युवाओं में बढ़ते नशे और ड्रग्स के दुष्प्रभाव पर भी चिंता व्यक्त की गई। संघ के स्तर पर इन विषयों को समाज जागरण और जनसंपर्क अभियानों से जोड़कर आगे बढ़ाने पर विचार हुआ। बीएल संतोष ने संगठनात्मक विषयों पर रखा ब्यौरा बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष द्वारा संगठनात्मक गतिविधियों, कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविरों और राजनीतिक-संगठनात्मक विषयों पर जानकारी दिए जाने के संकेत हैं। इसमें आगामी चुनावी राज्यों, संगठनात्मक प्रशिक्षण और कार्यकर्ता संवाद से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। जानकारी के अनुसार बेलगावी में आयोजित यह अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक अपने वर्तमान स्वरूप में अंतिम बैठक मानी जा रही है। भविष्य में ऐसी बैठकों को क्षेत्रवार आयोजित करने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श हुआ है।
Read more 12th Jul 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के विरोध में जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन गुरुवार को 20वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बारिश के बीच भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के लिए टेंट लगाने की अनुमति मांगते हुए पुलिस अधिकारियों से हाथ जोड़कर और उनके पैर पकड़कर गुहार लगाई। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। अभिजीत दीपके ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि लगातार बारिश के कारण भूख हड़ताल पर बैठे छात्र भीग रहे हैं। उनका कहना था कि प्रदर्शनकारी केवल इतना चाहते हैं कि छात्रों को बारिश से बचाने के लिए अस्थायी टेंट लगाने की अनुमति दी जाए। उन्होंने दावा किया कि इसी मांग को लेकर उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बार-बार अनुरोध किया। दीपके ने एक अन्य वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि तिरपाल लेकर प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने की कोशिश कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने बदसलूकी की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला प्रदर्शनकारियों को पुरुष पुलिसकर्मियों ने धक्का दिया। हालांकि, इन आरोपों पर दिल्ली पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कॉकरोच जनता पार्टी की प्रमुख मांग केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। संगठन का आरोप है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक और अनियमितताओं के मामलों की नैतिक जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग कर रहे हैं। इस आंदोलन में पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हैं। वांगचुक 28 जून से आमरण अनशन पर बैठे हैं। बुधवार को उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण किया। चिकित्सकों के अनुसार लगातार 11 दिनों की भूख हड़ताल के दौरान उनका वजन सात किलोग्राम से अधिक घटकर 59.4 किलोग्राम रह गया है। इसके बावजूद उन्होंने अपना आंदोलन जारी रखने की बात कही है। इधर, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के सदस्य और पूर्व जेएनयू छात्र नेता ऋषिकेश की भी भूख हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सीने में दर्द और हाथ-पैर सुन्न होने की शिकायत के बाद राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकीय सलाह के बाद उन्होंने अपनी 11 दिन की भूख हड़ताल समाप्त कर दी, जबकि संगठन के चार अन्य छात्र अब भी अनशन पर बैठे हुए हैं। कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत इस वर्ष मई में हुई थी। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके के अनुसार, इसकी प्रेरणा भारत के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी से मिली थी, जिसमें कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना "कॉकरोच" से किए जाने की चर्चा सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से हुई। इसी के बाद 16 मई को अमेरिका में रह रहे अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया के माध्यम से CJP की शुरुआत की और पार्टी के विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाए। इसके बाद 22 मई को संगठन ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ऑनलाइन अभियान शुरू किया, जिसे सोशल मीडिया पर व्यापक समर्थन मिला। CJP का दावा है कि इस अभियान को आठ लाख से अधिक लोगों ने समर्थन दिया। सोशल मीडिया पर भी CJP ने कम समय में बड़ी पहचान बनाई। संगठन के अनुसार, 10 जून तक इंस्टाग्राम पर उसके 2.27 करोड़ फॉलोअर्स हो गए थे। वर्तमान में यह संख्या लगभग दो लाख कम हुई है, लेकिन फिर भी संगठन का दावा है कि उसके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स प्रमुख राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के आधिकारिक खातों से अधिक हैं। वहीं, एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर CJP के करीब 2.79 लाख फॉलोअर्स हैं। जंतर-मंतर पर जारी यह प्रदर्शन अब केवल NEET पेपर लीक तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर भी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनता जा रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
Read more 9th Jul 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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