राजस्थान न्यूज़: करौली। करौली जिले में पांचना बांध से जल निकासी शुरू होने के बाद भी विवाद पूरी तरह शांत नहीं हो सका है। कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी पहुंचने के बावजूद किसान आंदोलन और जाम जारी रखे हुए हैं। हिण्डौन, गंगापुर सिटी और आसपास के कई इलाकों में किसान सड़क पर डटे रहे, जिससे आमजन और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार जारी जाम के कारण हिण्डौन-करौली और हिण्डौन-गंगापुर सिटी मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। देर शाम तक कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। जाम के चलते लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा और यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। रोडवेज बसों का संचालन बंद सड़क मार्ग बाधित होने के कारण राजस्थान रोडवेज ने हिण्डौन-करौली और हिण्डौन-गंगापुर सिटी मार्ग पर बसों का संचालन बंद कर दिया। बस सेवा ठप होने से बड़ी संख्या में यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। कई यात्रियों को निजी वाहनों या अन्य मार्गों से सफर करना पड़ा। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार मार्ग खुलने के बाद ही बसों का नियमित संचालन शुरू किया जाएगा। नहरों में पानी पहुंचा, फिर भी किसानों में नाराजगी मंगलवार देर शाम तक पांचना बांध का पानी कमांड क्षेत्र की नहरों के जरिए बांदी गांव तक पहुंच गया। इसके बावजूद किसानों का कहना है कि नहर में पानी का दबाव पर्याप्त नहीं है। किसानों का आरोप है कि मौजूदा जल प्रवाह से अंतिम छोर तक सिंचाई संभव नहीं होगी। उनकी मांग है कि पानी का प्रवाह बढ़ाया जाए, ताकि सभी गांवों और खेतों तक समान रूप से पानी पहुंच सके। जल पूजन कार्यक्रम टला कुसमाय गांव में पानी पहुंचने पर जल पूजन कार्यक्रम प्रस्तावित था, लेकिन जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के समय पर नहीं पहुंचने के कारण कार्यक्रम नहीं हो सका। बाद में मंत्री गंगापुर सिटी पहुंचे, लेकिन कुछ देर रुकने के बाद लौट गए। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक भी ग्रामीणों से बातचीत के लिए पहुंचे, लेकिन विरोध के चलते उन्हें भी वापस लौटना पड़ा। समाधान के लिए वार्ता की कोशिश जारी कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा पहले ही ग्रामीणों से बातचीत कर आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास कर चुके हैं, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से आज भी किसानों से वार्ता की कोशिश की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि बातचीत के माध्यम से जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। पांचना बांध से जल निकासी शुरू होने के बावजूद किसानों की नाराजगी से स्पष्ट है कि विवाद का स्थायी समाधान अभी बाकी है। अब प्रशासन के सामने चुनौती है कि जल वितरण को लेकर किसानों की आशंकाओं को दूर कर मार्गों पर यातायात सामान्य कराया जाए।
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राजस्थान न्यूज़: टोंक। प्रदेश में चलाए जा रहे ‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’ अभियान के तहत टोंक जिले में फूड सेफ्टी टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने उनियारा उपखंड के नैनवा रोड स्थित मैसर्स श्री श्याम ट्रेडर्स पर जांच के दौरान एनर्जी ड्रिंक ‘रिवोल्ट’ की 7,488 बोतलें सीज कीं। सीएमएचओ टोंक डॉ. शैलेन्द्र सिंह चौधरी ने बताया कि जांच के दौरान बोतलों के लेबल पर “Stimulates Mind”, “Energizes Body” और “Same Great Taste” जैसे दावे अंकित पाए गए। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार इस प्रकार के दावों को भ्रामक प्रचार की श्रेणी में माना जाता है। फूड सेफ्टी टीम ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत उत्पाद के नमूने लिए और शेष 7,488 बोतलों को सीज कर दिया। अधिकारियों के अनुसार एफएसएसएआई के निर्देशों के तहत कैफीनेटेड बेवरेज पर “एनर्जी ड्रिंक”, “स्पोर्ट्स ड्रिंक” और “स्टिमुलेट्स माइंड” जैसे दावों का उल्लेख भ्रामक माना जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में इस संबंध में पेय पदार्थ निर्माता कंपनियों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। अधिक कैफीन वाले पेय पदार्थ गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ऐसे उत्पादों की लेबलिंग और दावों की जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने व्यापारियों और विक्रेताओं से अपील की है कि वे खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही उत्पादों की बिक्री करें और भ्रामक लेबलिंग या दावों वाले उत्पादों को बेचने से बचें।
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राजस्थान न्यूज़: बूंदी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बुधवार को दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे के विभिन्न खंडों का निरीक्षण करने बूंदी जिले के लबान इंटरचेंज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मार्ग में रुककर सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लिया। लबान इंटरचेंज पहुंचने पर लोकसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री का स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आमजन ने आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और परियोजना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण कार्य, यातायात सुविधा, सुरक्षा इंतजाम और परियोजना की प्रगति को लेकर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली गई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार हीरालाल नागर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। मार्ग में कई स्थानों पर स्थानीय नागरिकों द्वारा अतिथियों का स्वागत और अभिनंदन भी किया गया। दिल्ली-वडोदरा एक्सप्रेसवे को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, यातायात सुविधा और आर्थिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इसके पूर्ण होने से राजस्थान सहित आसपास के क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा और औद्योगिक व व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
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उदयपुर न्यूज़: अजमेर के बोर्ड ऑफिस की गली स्थित ओला शोरूम पर गुरुवार को ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया और विरोध प्रदर्शन करते हुए जल्द समाधान की मांग की। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्राहकों, विशेषकर महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनकी इलेक्ट्रिक स्कूटी खराब होने के बाद सात महीने पहले सर्विस के लिए जमा कराई गई थी, लेकिन आज तक वाहन वापस नहीं मिला। उनका कहना है कि वे लगातार शोरूम के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है। फोन करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। प्रदर्शन के दौरान एक युवक ने आरोप लगाया कि उसके स्कूटर का स्टार्ट बटन बार-बार खराब हो जाता है। शिकायत करने पर केवल बटन बदल दिया जाता है, लेकिन मूल समस्या बनी रहती है। ग्राहकों का कहना है कि उन्होंने कंपनी के उच्च अधिकारियों से भी संपर्क किया, लेकिन वहां से भी कोई ठोस समाधान नहीं मिला। इससे नाराज ग्राहकों ने शोरूम के बाहर प्रदर्शन कर प्रबंधन के रवैये पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
Read more 2nd Jul 2026
अजमेर न्यूज़: 1100 वर्ष पूर्व स्थापित मंदिर की बड़ी है मान्यता, दूर दराज से पहुंचते हैं हजारों श्रद्धालु
Read more 31st Aug 2022
अजमेर न्यूज़: 1968 से कस्बे की धार्मिक संस्था श्री ब्रह्म पुष्कर सेवा संघ कर रही है इस अनूठी परंपरा का निर्वहन
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अजमेर न्यूज़: 10 टीमें 8 - 8 वार्डो में जाकर घूम रही गायों का करेंगीं प्राथमिक उपचार
Read more 31st Aug 2022
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है। गहलोत ने इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने मौजूदा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग कर नया ट्रस्ट बनाने की भी मांग उठाई है। दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान अशोक गहलोत ने कहा कि चढ़ावा चोरी जैसा मामला अत्यंत गंभीर है और इससे श्रद्धालुओं की आस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी जांच कराई जानी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सुझाव देते हुए कहा कि वे नया ट्रस्ट बनाएं और स्वयं उसके अध्यक्ष बनें। उन्होंने कहा कि पहले जांच पूरी होनी चाहिए और इसके बाद नया ट्रस्ट गठित किया जाना चाहिए, जिसमें सभी वर्गों और विचारधाराओं के लोगों को शामिल किया जाए। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने आरोप लगाया कि वर्तमान ट्रस्ट में मुख्य रूप से आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोगों को स्थान दिया गया, जबकि व्यापक प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि पीवी नरसिम्हा राव के समय की तरह सभी विचारधाराओं के लोगों को साथ लेकर ट्रस्ट बनाया जाता, तो आज ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि राम मंदिर देश के करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, इसलिए इससे जुड़े प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या वित्तीय अनियमितता की आशंका को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई जानी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राम मंदिर निर्माण में इस्तेमाल हुए पत्थरों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के दौरान भरतपुर के बंशी पहाड़पुर क्षेत्र से अवैध खनन के जरिए पत्थर ले जाए गए। उन्होंने कहा कि उस समय भी अवैध खनन को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन उन पर पर्याप्त गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि राम मंदिर के नाम पर देशभर के लोगों ने श्रद्धा से दान दिया है। ऐसे में दान, चढ़ावे और ट्रस्ट के कामकाज से जुड़े हर पहलू की पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता का नहीं, बल्कि जनआस्था और विश्वास से जुड़ा हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने मांग की कि मौजूदा ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराई जाए और जांच पूरी होने के बाद नया, व्यापक और सर्वसमावेशी ट्रस्ट बनाया जाए। उन्होंने कहा कि नए ट्रस्ट में सभी समाजों, विचारधाराओं और योग्य व्यक्तियों को स्थान दिया जाना चाहिए, ताकि मंदिर प्रबंधन पर लोगों का विश्वास बना रहे।
Read more 7th Jul 2026
राष्ट्रीय न्यूज़: नई दिल्ली। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलात मंत्री निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों और केंद्र-राज्य समन्वय के मुद्दों पर सार्थक एवं सकारात्मक चर्चा हुई। भेंट के दौरान राजस्थान में विकास परियोजनाओं, आर्थिक प्रगति, वित्तीय सहयोग और केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार से मिल रहे सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान को विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से विकास कार्यों को गति मिलेगी और आमजन को योजनाओं का अधिक प्रभावी लाभ मिलेगा। इस मुलाकात को प्रदेश के विकास, वित्तीय प्रबंधन और केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य सरकार केंद्र के सहयोग से बुनियादी ढांचे, निवेश, रोजगार और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को और गति देने पर जोर दे रही है।
Read more 7th Jul 2026
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?...
गुप्त ध्वनि किरणों के साथ ओशो पर किसने हमला किया?... * ओशो के निजी दंत चिकित्सक देवगेट ओशो की मृत्यु से 4 दिन पहले हुई घटनाओं के बारे में बात करते हैं (शरीर को छोड़कर)... * 15 aजनवरी, 1990 को, मेरे जन्मदिन पर, मुझे शुन्यो से एक संदेश मिला: ओशो चाहते थे कि मैं उनके पेट का एक्स-रे ले। हम दंaत कक्ष में मिले। ओशो का शरीर पतला और बेकार लग रहा था, फिर भी मैंने उसे शक्तिशाली रूप से उपस्थित महसूस किया। मुझे शुन्यो से पता था कि वह हर दिन बीस घंटे से अधिक सो रहा था, हर शाम बुद्ध हॉल में कुछ क़ीमती मिनटों के लिए अपनी शारीरिक ऊर्जा को बचा रहा था। ओशो नेa मुझे बताया कि उसके हमलावरों की आवाज़ से उसका शरीर बहुत कमजोर हो गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से शायद तीन, दो पुरुष और एक महिला, ध्वनि तरंगों पर ध्यानaa केंद्रित करने और अपने शरीर को लक्षित करने के लिए एक विशेष गठन में बैठे थे। यहां भारत में प्राचीन योगिक प्रथाएं हैं जहां लोग कुछ ध्वनियों, कुछ मंत्रों को जानते हैं, जो लोगों को नुक़सान पहुंचाने के लिए ध्वनि को केंद्रित कर सकते हैं। लेकिन मुझ पर हमला करaaने वाले ये लोग भारतीय नहीं हैं। वे वही लोग हैं जिन्होंने अमेरिका में पहले मुझे मारने की कोशिश की थी। वे तब सफल नहीं हो सके, और अब वे जो शुरू किया उसे पूरा कर ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने मुझे बोलने से रोकने के लिए ज़हर की कोशिश की लेकिन मैं जारी रखने में कामयाब रहा। अब, पांच साल बाद वे वापस आ गए हैं। उन्होंने पहले बुद्ध हॉल में अपनी ध्वनि किरणों का उपयोग मेरे दिमाग़ पर हमला करने के लिए किया लेकिन मैं अपने दिमाग़ में नहीं हूं। मैं एक नो-मन हूं और उनकी आवाज़ का बहुत कम प्रभाव था। इसलिए उन्होंने अपनी रणनीति बदल दी, अब वे मेरे शरीर पर हमला कर रहे हैं। मेरे गरीब शरीर को उनकी किरणों से कोई सुरक्षा नहीं है। हर दिन यह कमजोर होता जाता है। वे मुझे मार नहीं सकते लेकिन वे मेरे शरीर को नुक़सान पहुंचा सकते हैं। अभी मेरे जिगर के क्षेत्र में बहुत दर्द हो रहा है। क्या आप इसे एक्स-रे कर सकते हैं? दुख की बात है, मैंने समझाया कि मेरी दंत एक्स-रे मशीन शायद अपर्याप्त थी क्योंकि यह केवल दांतों और जबड़े की छोटी फिल्में ले सकती थी, लेकिन हम कोशिश कर सकते थे। अमृतो को हमारे पास सबसे बड़ी एक्स-रे फ़िल्म मिली, जबकि मैंने इसकी बीम को चौड़ा करने के लिए डेंटल एक्स-रे मशीन के साथ जिग्गल किया। मैंने वह करने की कोशिश की जो ओशो पूछ रहा था। मैंने उसके जिगर के क्षेत्र की एक तस्वीर ली और फिर दंत विकास में बड़ी फ़िल्म विकसित करने में कामयाब रहा टैंक जिसे छोटी इंट्रा-ओरल डेंटल फ़िल्मों के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन परिणामी छवि धुंधली और अस्पष्ट थी। यह आख़िरी बार था जब मैंने ओशो को उसके भौतिक शरीर में देखा था। 19 जनवरी को शाम 4:30 बजे थे: मैं अपनी प्रेमिका के साथ अपने कमरे में था जब दरवाजे पर एक ज़रूरी दस्तक हुई। मनीषा, पीला और तनावग्रस्त दिख रही थी, ने पूछा कि क्या वह मेरे कमरे के फ़ोन का उपयोग कर सकती है। मुझे पता था कि वह केवल पूछेगी कि क्या कुछ असामान्य हो रहा है। अस्थायी सचिव के रूप में कार्य करते हुए वह इनर सर्कल के सदस्यों को फ़ोन कर रही थी और उन्हें कृष्णा हाउस में एक असाधारण बैठक में तुरंत आने के लिए कह रही थी। ओशो ने पंद्रह महीने पहले इक्कीस लोगों की एक कम्यून प्रबंधन टीम की स्थापना की थी, इसे इनर सर्कल का नाम दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका काम कम्यून के दिन-प्रतिदिन चलने का प्रबंधन करना था। मैं मूल चयन में नहीं था, लेकिन कुछ महीने बाद मुझे शामिल होने के लिए कहा गया था। फ़ोन करने के बाद, मनीषा ने कहा, “गीट, तुमने सुना कि मैं दूसरों को क्या बता रहा था। बैठक कृष्णा हाउस की छत पर ब्लू रूम में है। क्या आप वहां तुरंत जा सकते हैं?” इससे पहले कि मैं कोई सवाल पूछ पाता, वह जल्दी से गलियारे में चली गई, स्पष्ट रूप से एक और महत्वपूर्ण कार्य में शामिल थी। मैंने दोपहर के अधिकांश समय अजीब तरह से विपुल महसूस किया था। बाहरी मामलों की उथल-पुथल के बावजूद मैं कई दिनों से उत्साहित महसूस कर रहा था। मेरे दिल में ख़ुशी का एक अकथनीय नृत्य था। अंदर से मुझे उत्साह, आनंद महसूस हुआ। ब्लू रूम में पहुंचने पर, मैंने देखा कि अधिकांश इनर सर्कल पहले से ही वहां इकट्ठा हो चुके थे। माहौल तनावपूर्ण और तनावपूर्ण था। मेरा अपना उत्साह जगह से बाहर लग रहा था। मैं बैठ गया और इंतज़ार किया। कुछ मिनटों के बाद जयेश ने अमृतो के साथ प्रवेश किया। यह देखने के लिए संक्षेप में चारों ओर देखते हुए कि हम सभी मौजूद हैं, उन्होंने एक दृढ़, हालांकि शांत आवाज़ में कहा, “मुझे लगता है कि इसे लपेटने का कोई तरीक़ा नहीं है। मैं आपको सीधे बताऊंगा। ओशो ने कुछ समय पहले लगभग 4:45 बजे अपना शरीर छोड़ दिया था दोपहर।” स्तब्ध, मैंने अपनी घड़ी को देखा। शाम के 5:15 बजे थे। उपस्थित दो या तीन लोग रोने लगे। जयेश ने जल्दी से बीच में टोका, “देखो, मुझे तुम्हारी सारी मदद की ज़रूरत है। कृपया अभी तक अलग न हों। मुझे आप सभी की ज़रूरत है कि ओशो के भेजने को उतना ही सुंदर बनाने में मदद करें जितना वह हकदार है। यह आख़िरी चीज है जो हम उसके लिए कर सकते हैं भौतिक शरीर, चलो इसे अद्भुत बनाते हैं। उसने मुझे ठीक से बताया कि वह कैसे चाहता है कि ऐसा हो। उसने मुझे हर चीज के लिए विस्तृत निर्देश दिए, लेकिन मुझे यहां हर किसी की मदद की ज़रूरत है।” जयेश के शब्दों को सुनकर मेरा पहले का उत्साह सदमे में बदल गया था, लेकिन मैंने ओशो को अपने लोगों के साथ अपने अंतिम उत्सव का आनंद लेने में सक्षम बनाने के लिए हमारी मदद के लिए जयेश की अपील को स्पष्ट रूप से सुना। जैसे ही मैंने ब्लू रूम छोड़ा, जयेश ने मुझे बताया कि ओशो ने अनुरोध किया था कि मैं उनके शरीर को जलते हुए घाटों तक ले जाने के लिए एक वाहक बनूं। गतिविधि और भ्रमित भावनाओं के एक धुंध में मुझे याद है कि ओशो के इस अंतिम उपहार के लिए बेहद आभारी महसूस कर रहा था। - स्वामी देवगीत पुस्तक : ओशो - द फर्स्ट बुद्ध इन द डेंटल चेयर अध्याय: 17 अध्याय का नाम: ओशो का अंतिम दंत नाटक: अधिनियम V अंतिम सुनहरी झलक
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