RNI NO : RAJBIL/2013/50688
For News (24x7) : 9829070307
booked.net - hotel reservations online
+43
°
C
+43°
+38°
Ajmer
Saturday, 08
See 7-Day Forecast
Visitors Count - 50107106

थाईलैंड में कैंपेन- बुद्ध सजावटी नहीं

Post Views 2

July 7, 2019

नई दिल्ली. थाईलैंड की राजधानी बैंकाॅक में एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही- बुद्ध इज़ नॉट फॉर डेकोरेशन (बुद्ध सजावट के लिए नहीं हैं) लिखे बड़े-बड़े अक्षरों वाले होर्डिंग्स से आपका सामाना होता है। बौद्ध बहुल बैंकॉक में ही ये होर्डिंग्स आपको कई जगह दिखाई दे जाते हैं। दरअसल बुद्ध प्रतिमाओं का प्रयोग सजावटी वस्तु के रूप में हर कहीं हो रहा है। थाईलैंड, भारत समेत कई देशों के शॉपिंग मॉल, स्पा, शो-रूम यहां तक कि बार तक में भी बुद्ध प्रतिमाएं दिख जाती हैं। लोग बुद्ध के टैटू भी बनवा लेते हैं। यही कारण है कि अब 94 फीसदी बौद्ध आबादी वाले थाईलैंड में ‘बुद्ध इस नॉट फॉर डेकोरेशन’ कैंपेन ने जोर पकड़ लिया है।

नोइंग बुद्धा आर्गेनाइजेशन (केबीओ) की फाउंडर और विपश्यना मेडीटेशन मास्टर अचारवदी वाॅगसकोन कहती हैं कि भगवान बुद्ध के चित्र और प्रतिमा का उपयोग जिस तरह से हो रहा है वह अस्वीकार्य है। ऐसा करना अपमानजनक भी है। लोगों को बुद्ध प्रतीकों को सम्मान देना चाहिए। यह केवल बुद्ध प्रतिमाओं को सजावटी सामान के रूप में प्रयोग करने का मामला नहीं है, बल्कि यह समाज में आई गिरावट भी दर्शाता है। भारत में भी बुद्ध प्रतिमाओं के दुरुपयोग पर आॅल इंडिया बौद्ध भिक्षु संघ अपने भिक्षुओं को प्रशिक्षित कर रहा है।


इस व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों के मुताबिक देश में हर वर्ष करीब तीन से चार हजार करोड़ रुपए वार्षिक का विभिन्न प्रतिमाओं का कारोबार होता है। जिसमें 60 फीसदी हिस्सेदारी बुद्ध प्रतिमाओं की है। देश में चीन से 98 फीसदी ऐसी प्रतिमाएं आयात होती हैं। देश में फाइबर की बुद्ध प्रतिमाएं बनाने वाले, आसनम रिटेल के प्रमुख मनोज कुमार शर्मा कहते हैं कि मैं दुबई, कैनेडा सहित कई देशों में प्रतिमाएं एक्सपोर्ट करता हूं। देश में तीन से चार हजार करोड़ रुपए का प्रतिमाओं का कारोबार है।

ये प्रतिमाए कांच, प्लास्टिक, मिट्‌टी, पत्थर, ब्रास, पीतल आदि की होती हैं। शर्मा के मुताबिक देश में 40 फीसदी की रफ्तार से यह कारोबार बढ़ रहा है। इंटीरियर डिजाइनर घर को डिजाइन करते समय बुद्ध और गणेश भगवान की तीन से चार प्रतिमाएं अवश्य लगवाते हैं। वहीं वास्तुविद और एस्ट्रोलाॅजर डॉ. रेखा जैन ने कहा कि भगवान बुद्ध की मुस्कराती हुई, साधना में लीन, शांत मूर्तियों का वास्तु में अपना महत्व है, इनका सजावट की वस्तुओं के रूप में प्रयोग नहीं होना चाहिए। यहां तक कि घरों के अंदर भी इन प्रतिमाओं का प्रयोग नहीं करना चाहिए। 


इस विषय पर ऑल इंडिया बौद्ध भिक्षु संघ के भिक्षु आम लोगों में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहे है। संघ के संघानुशासक भदंत सदानंद ने कहा कि बुद्ध प्रतिमाओं को केवल मंदिर में ही पूजा जाता है। कहीं भी बाग-बगीचों, शादी मंडपों, घरों, होटल की रिसेप्शन टेबल, यहां तक कि बार में भी बुद्ध प्रतिमाएं सजावट के सामान के रूप में लगी दिख जाती हैं जो गलत है। हमने पिछले वर्ष अौरंगाबाद में 70 भिक्षुओं को प्रशिक्षित किया है, उन्हें बताया गया कि गृहस्थों के पास जाकर यह संदेश दें कि बौद्ध प्रतिमाएं सजावट की वस्तु नहीं हैं। अब हम नागपुर में कुछ और भिक्षुओं को प्रशिक्षित करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय को प्रतिमाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए कदम उठाने हेतु पत्र लिखेंगे।

Latest News

July 21, 2019

आदर्श नगर थाना क्षेत्र में एक युवक का अपहरण

Read More

July 21, 2019

रेलवे हॉस्पिटल के सामने पेट्रोल पंप में घुसी कार

Read More

July 21, 2019

सीआरपीएफ के जवानों की साईकिल रैली

Read More

July 21, 2019

बातों में फंसा का ठगी करने वाला गिरोह गिरफ्तार

Read More

July 21, 2019

इनरव्हील क्लब की नए कार्य करने की घोषणा

Read More

July 21, 2019

कला अंकुर खोज 2019 का आगाज

Read More

July 21, 2019

तारागढ़ रोड पर चल रहे सट्टे पर रामगंज थाना पुलिस ने दी दबिश

Read More

July 21, 2019

परशुराम सर्किल पर ब्राह्मण समाज ने दी शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि

Read More

July 21, 2019

अजब ब्लॉग की गज़ब कहानी

Read More

July 21, 2019

जिसकी पूंछ उठाओ वही मादा - सुरेन्द्र चतुर्वेदी

Read More