RNI NO : RAJBIL/2013/50688
For News (24x7) : 9829070307
booked.net - hotel reservations online
+43
°
C
+43°
+38°
Ajmer
Saturday, 08
See 7-Day Forecast
Visitors Count - 47150869
Breaking News
खसरा रूबेला के संबंध में बैठक गुरूवार को |  अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस ब्यावर में सामुहिक योगाभ्यास सुभाष उद्यान में |  जरूरतमंदों को दें योजनाओं का लाभ बैंकर्स की जिला स्तरीय समीक्षा समिति बैठक सम्पन्न |  जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक आयोजित समस्त सैट टॉप बॉक्स की करानी होगी सिडिंग |  अजमेर के पुराने कुए- बावडीयों को साफ करवा उन्हें भरवाने हेतु जलमंत्री बी डी कल्ला को पत्र |  क्रेन के निचे आने से एक्टिव सवार युवक की मौत |  दुराचारी युवको के पकडे जाने के बाद की भुख हडताल ख़त्म |  ब्यावर पुलिस को मिली बड़ी सफलता मासूम के दुष्कर्मी गिरफ्तार |  जैन समाज ने समाज के साधू साध्वियो की सुरक्षा को लेकर कलेक्टर को सौपा ज्ञापन |  जोन्सगंज स्तिथ सुने मकान से चोरो ने उड़ाया 50,000 का माल | 

इंदिरा की हत्या के बाद राज्य में कांग्रेस सभी 25 लोकसभा सीटें जीती, अगले चुनाव में सब हारीं

Post Views 11

March 11, 2019

जयपुर. दिग्गज कांग्रेस नेता और दो बार राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे शिवचरण माथुर के नाम अपने कार्यकाल में लोकसभा की सभी 25 सीटें जीतने और सभी सीटें हारने का रिकॉर्ड है। भीलवाड़ा नगरपालिका अध्यक्ष पद से अपना राजनीतिक जीवन शुरू करने वाले माथुर भीलवाड़ा के जिला प्रमुख, सांसद और राजस्थान सरकार में कई बार मंत्री रहे। हालांकि, उनका जन्म मध्यप्रदेश के गुना जिले के नाडीकानूगो गांव में हुआ था। लेकिन उनकी शिक्षा और कार्यक्षेत्र राजस्थान ही रहा। 


बोफोर्स घोटाले के बाद वीपी सिंह ने भाजपा के साथ मिलकर सभी सीटें छीनीं :

माथुर 14 जुलाई, 1981 को पहली बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बने और 23 फरवरी, 1985 तक इस पद पर रहे। इस कार्यकाल के दौरान ही 1984 में लोकसभा के चुनाव हुए। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या से उपजी सहानुभूति लहर ने राजीव गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को देश भर में ऐतिहासिक जीत दिलाई। राजस्थान में कांग्रेस ने क्लीन स्वीप करते हुए सभी 25 लोकसभा सीटें जीतीं। तब राजस्थान में ऐसा पहली बार हुआ, जब सभी 25 सीटें एक पार्टी के खाते में गई हों।

मुख्यमंत्री पद से हरिदेव जोशी की विदाई के बाद माथुर 20 जनवरी, 1988 को दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। उनके इस कार्यकाल के दौरान नवंबर 1989 के अंत में लोकसभा चुनाव हुए। बोफोर्स सौदे में घोटाले के विरोध में वीपी सिंह राजीव सरकार से बाहर आ गए थे। चुनाव में उनके नेतृत्व में बने मोर्चे ने भाजपा के साथ मिलकर कांग्रेस को चुनौती दे रखी थी।

इस चुनाव में पिछले चुनावों के बिल्कुल उलट कांग्रेस सभी 25 सीटों पर चुनाव हार गई। भाजपा 13 और जनता दल 11 सीटों पर जीती जबकि बीकानेर सीट पर माकपा के श्योपत सिंह विजयी रहे। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की इस दुर्दशा पर माथुर ने 4 दिसंबर, 1989 को अपना इस्तीफा दे दिया।

Latest News

June 19, 2019

खसरा रूबेला के संबंध में बैठक गुरूवार को

Read More

June 19, 2019

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस ब्यावर में सामुहिक योगाभ्यास सुभाष उद्यान में

Read More

June 19, 2019

जरूरतमंदों को दें योजनाओं का लाभ बैंकर्स की जिला स्तरीय समीक्षा समिति बैठक सम्पन्न

Read More

June 19, 2019

जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक आयोजित समस्त सैट टॉप बॉक्स की करानी होगी सिडिंग

Read More

June 19, 2019

अजमेर के पुराने कुए- बावडीयों को साफ करवा उन्हें भरवाने हेतु जलमंत्री बी डी कल्ला को पत्र

Read More

June 19, 2019

क्रेन के निचे आने से एक्टिव सवार युवक की मौत

Read More

June 19, 2019

दुराचारी युवको के पकडे जाने के बाद की भुख हडताल ख़त्म

Read More

June 19, 2019

ब्यावर पुलिस को मिली बड़ी सफलता मासूम के दुष्कर्मी गिरफ्तार

Read More

June 19, 2019

जैन समाज ने समाज के साधू साध्वियो की सुरक्षा को लेकर कलेक्टर को सौपा ज्ञापन

Read More

June 19, 2019

जोन्सगंज स्तिथ सुने मकान से चोरो ने उड़ाया 50,000 का माल

Read More