#मधुकर कहिन* *
*अजमेर के ब्राह्मण नेता उतरे वासुदेव देवनानी के समर्थन में*
*इतने दिन से चल रहे ब्राह्मण आंदोलन को दिया कांग्रेसी करार




आज अजमेर में ब्राह्मण समाज के स्थानीय नेताओं का बड़ा जमघट लगा दिखाई दिया। जिसमें एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए *ब्राह्मण नेता जेके शर्मा ,ज्ञान सारस्वत, भागीरथ जोशी* सहित सैकड़ों ब्राह्मण नेताओं ने वासुदेव देवनानी वह ब्राह्मण समाज के मध्य चल रहे लंबित विवाद को सोची-समझी कांग्रेस नेताओं की साजिश करार दिया। मौजूद ब्राह्मण नेताओं ने यह भी कहा कि - *ब्राह्मण समाज में विवेक पाराशर, बलराम शर्मा, राजीव शर्मा, अनुपम शर्मा * सहित जितने भी ब्राह्मण अपने आप को समाज के वोटों का ठेकेदार बता कर काफी समय से मंत्री वासुदेव देवनानी को ब्राह्मण समाज के अपमान हेतु दोषी ठहरा रहे हैं, वह सभी लोग राजनीति से प्रेरित हैं। और बेवजह इस विवाद को तूल दे रहे हैं। वासुदेव देवनानी पहले ही ब्राह्मण समाज हेतु त्रुटिपूर्ण शब्दावली हेतु माफी मांग चुके हैं । परंतु चुनावी माहौल देख कर कुछ कांग्रेसी चेहरे जबरदस्ती इस विवाद को गलत ढंग से पेश कर के मामला बड़ा रहे हैं। मौजूद नेताओं में *ज्ञान सारस्वत ने कहा कि - इस तरह से बेवजह समाज के नाम पर वासुदेव देवनानी को बेवजह परेशान करने की समाज घोर निंदा करता है। पंडित सुदामा शर्मा खुद ही वासुदेव देवनानी के सम्मुख चुनाव लड़ चुके है । और यह विवाद महज़ एक राजनैतिक द्वेषता के सिवा कुछ भी नहीं है।*

*भगीरथ जोशी ने बड़े मुखर शब्दों में यह बात साफ साफ कही की - यह सब कांग्रेस द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम है। जिसके पीछे ब्राह्मण समाज की आड़ में राजनैतिक खेल खेलने की कोशिश की जा रही है। देवनानी ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री की हैसियत से ब्राह्मण समाज के आराध्य भगवान परशुराम जी के जीवन से जुड़ा पाठ तक पाठ्यक्रम में जुड़वाया है । इतना सब करने पर भी कुछ शरारती तत्वों द्वारा महज ब्राह्मण होने का अनुचित लाभ उठा कर देवनानी को प्रताड़ित किया जा रहा है । यह ब्राह्मण चेहरे जो विरोध करते हुए दिखाई दे रहे हैं वह सब केवल चुनाव के समय ही नज़र आते हैं*

*यह तो था प्रेस वार्ता का साक्षात वृतांत।*

लेकिन प्रथम दृष्टया यही दिखाई दे रहा है कि वाकई भगीरथ जोशी की बातों में बहुत दम है। क्योंकि देवनानी के विरोध में चल रहे लगभग सभी चेहरे कांग्रेस से जुड़े हुए ही दिखाई देते हैं। लेकिन वही यह बात भी शत प्रतिशत सत्य है कि इस प्रेस वार्ता में बैठे लगभग सारे चेहरे नहीं तो प्रमुख चेहरे भाजपा समर्थक ही हैं। तो यह संघर्ष अब ब्राह्मण समाज के भीतर भी दो धड़ों कांग्रेस और भजपा में बंटा दिखाई दे रहा है। जिससे निश्चित तौर पर देवनानी को लाभ मिलता दिखाई दे रहा है। या फिर यह मानिए की भाजपा से जुड़े यह ब्राह्मण चेहरे अपनी पार्टी के प्रति निष्ठा निभाने हेतु मैदान में आ गए है। फिर जब यह विवाद इतने समय से लंबित था तो इसे बहुत पहले ही इस तरह से ही सही एक निश्चित नीति तहत अंजाम दे देना चाहिए था। खैर !!! देर आये दुरुस्त आये। अब इसका आगे जो भी अंजाम हो , लेकिन एक बात तय है कि अब शायद भाजपा को ब्राह्मण वोटों के टूटने की वजह से हो रही तकलीफ में राहत मिलने का अहसास हो रहा होगा।

जय श्री कृष्ण

नरेश राघानी
www.horizonhind.com
9829070307

" />
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
For News (24x7) : 9829070307

Horizon Hind News Youtube Channel

10th Feb 19

ई - पेपर

Breaking News
बैंक खाते के विवरण की जांचने के निर्देश |  मतदान कार्मिकों का द्वितीय प्रशिक्षण कल से अनुपस्थित रहने वाले कार्मिकों के विरूद्ध होगी कार्यवाही |  मतदान जागरूकता के लिए सतरंगी सप्ताह 20 से 26 अप्रेल तक |  उत्तर कुंजी की वजह से अटकी रेलवे की भर्ती परीक्षा |  अनीता भदेल ने खुदपर लगे अंचार सहिंता के उलंघन को बताया जूठ |  चुनाव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ को मानदय देने को लेकर कलेक्टर को दिया ज्ञापन |  कल रात निकली घसेटी बाज़ार से इसर गणगौर की सवारी |  अनीता भदेल ने ई वी एम् मशीन का लिया प्रक्षिशन |  भाजपा ने माँगा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से इस्तीफा |  जे एल एन अस्पताल का हाल बेहाल नवनिर्मित इमरजेंसी वार्ड में घुसा गन्दा पानी | 
madhukarkhin

अजमेर के ब्राह्मण नेता उतरे वासुदेव देवनानी के समर्थन में

Post Views 8

November 26, 2018


*#मधुकर कहिन* *
*अजमेर के ब्राह्मण नेता उतरे वासुदेव देवनानी के समर्थन में*
*इतने दिन से चल रहे ब्राह्मण आंदोलन को दिया कांग्रेसी करार




आज अजमेर में ब्राह्मण समाज के स्थानीय नेताओं का बड़ा जमघट लगा दिखाई दिया। जिसमें एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए *ब्राह्मण नेता जेके शर्मा ,ज्ञान सारस्वत, भागीरथ जोशी* सहित सैकड़ों ब्राह्मण नेताओं ने वासुदेव देवनानी वह ब्राह्मण समाज के मध्य चल रहे लंबित विवाद को सोची-समझी कांग्रेस नेताओं की साजिश करार दिया। मौजूद ब्राह्मण नेताओं ने यह भी कहा कि - *ब्राह्मण समाज में विवेक पाराशर, बलराम शर्मा, राजीव शर्मा, अनुपम शर्मा * सहित जितने भी ब्राह्मण अपने आप को समाज के वोटों का ठेकेदार बता कर काफी समय से मंत्री वासुदेव देवनानी को ब्राह्मण समाज के अपमान हेतु दोषी ठहरा रहे हैं, वह सभी लोग राजनीति से प्रेरित हैं। और बेवजह इस विवाद को तूल दे रहे हैं। वासुदेव देवनानी पहले ही ब्राह्मण समाज हेतु त्रुटिपूर्ण शब्दावली हेतु माफी मांग चुके हैं । परंतु चुनावी माहौल देख कर कुछ कांग्रेसी चेहरे जबरदस्ती इस विवाद को गलत ढंग से पेश कर के मामला बड़ा रहे हैं। मौजूद नेताओं में *ज्ञान सारस्वत ने कहा कि - इस तरह से बेवजह समाज के नाम पर वासुदेव देवनानी को बेवजह परेशान करने की समाज घोर निंदा करता है। पंडित सुदामा शर्मा खुद ही वासुदेव देवनानी के सम्मुख चुनाव लड़ चुके है । और यह विवाद महज़ एक राजनैतिक द्वेषता के सिवा कुछ भी नहीं है।*

*भगीरथ जोशी ने बड़े मुखर शब्दों में यह बात साफ साफ कही की - यह सब कांग्रेस द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम है। जिसके पीछे ब्राह्मण समाज की आड़ में राजनैतिक खेल खेलने की कोशिश की जा रही है। देवनानी ने राजस्थान के शिक्षा मंत्री की हैसियत से ब्राह्मण समाज के आराध्य भगवान परशुराम जी के जीवन से जुड़ा पाठ तक पाठ्यक्रम में जुड़वाया है । इतना सब करने पर भी कुछ शरारती तत्वों द्वारा महज ब्राह्मण होने का अनुचित लाभ उठा कर देवनानी को प्रताड़ित किया जा रहा है । यह ब्राह्मण चेहरे जो विरोध करते हुए दिखाई दे रहे हैं वह सब केवल चुनाव के समय ही नज़र आते हैं*

*यह तो था प्रेस वार्ता का साक्षात वृतांत।*

लेकिन प्रथम दृष्टया यही दिखाई दे रहा है कि वाकई भगीरथ जोशी की बातों में बहुत दम है। क्योंकि देवनानी के विरोध में चल रहे लगभग सभी चेहरे कांग्रेस से जुड़े हुए ही दिखाई देते हैं। लेकिन वही यह बात भी शत प्रतिशत सत्य है कि इस प्रेस वार्ता में बैठे लगभग सारे चेहरे नहीं तो प्रमुख चेहरे भाजपा समर्थक ही हैं। तो यह संघर्ष अब ब्राह्मण समाज के भीतर भी दो धड़ों कांग्रेस और भजपा में बंटा दिखाई दे रहा है। जिससे निश्चित तौर पर देवनानी को लाभ मिलता दिखाई दे रहा है। या फिर यह मानिए की भाजपा से जुड़े यह ब्राह्मण चेहरे अपनी पार्टी के प्रति निष्ठा निभाने हेतु मैदान में आ गए है। फिर जब यह विवाद इतने समय से लंबित था तो इसे बहुत पहले ही इस तरह से ही सही एक निश्चित नीति तहत अंजाम दे देना चाहिए था। खैर !!! देर आये दुरुस्त आये। अब इसका आगे जो भी अंजाम हो , लेकिन एक बात तय है कि अब शायद भाजपा को ब्राह्मण वोटों के टूटने की वजह से हो रही तकलीफ में राहत मिलने का अहसास हो रहा होगा।

जय श्री कृष्ण

नरेश राघानी
www.horizonhind.com
9829070307

Latest News

April 18, 2019

बैंक खाते के विवरण की जांचने के निर्देश

Read More

April 18, 2019

मतदान कार्मिकों का द्वितीय प्रशिक्षण कल से अनुपस्थित रहने वाले कार्मिकों के विरूद्ध होगी कार्यवाही

Read More

April 18, 2019

मतदान जागरूकता के लिए सतरंगी सप्ताह 20 से 26 अप्रेल तक

Read More

April 18, 2019

उत्तर कुंजी की वजह से अटकी रेलवे की भर्ती परीक्षा

Read More

April 18, 2019

अनीता भदेल ने खुदपर लगे अंचार सहिंता के उलंघन को बताया जूठ

Read More

April 18, 2019

चुनाव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ को मानदय देने को लेकर कलेक्टर को दिया ज्ञापन

Read More

April 18, 2019

कल रात निकली घसेटी बाज़ार से इसर गणगौर की सवारी

Read More

April 18, 2019

अनीता भदेल ने ई वी एम् मशीन का लिया प्रक्षिशन

Read More

April 18, 2019

भाजपा ने माँगा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से इस्तीफा

Read More

April 18, 2019

जे एल एन अस्पताल का हाल बेहाल नवनिर्मित इमरजेंसी वार्ड में घुसा गन्दा पानी

Read More