RNI NO : RAJBIL/2013/50688
For News (24x7) : 9829070307

horizon hind news ajmer-youtube

10th Feb 19

ई - पेपर

Breaking News
दरगाह बाज़ार में कौमी एकता की मिसाल सर्व धर्म समाज के लोगों ने पेश की चादर के जुलूस में झूमे  |  युवा कांग्रेस ने फिर उठाया बिजली के पोल का मुद्दा |  मनीष मूलचंदानी के हत्यारे का पता न लगने पर आज सिन्धी समाज के लोगो ने कलेक्टर को दिया ज्ञापन |  जैस्वाल जैन की महिलाओ ने आयोजित किया  होली मिलन समारोह |  मुम्बई से 15 सदस्यो के दल ने दरगाह में चड़ाया चांदी का ताज |  इनडोर स्टेडियम में गोवा के मुख्यमंत्री स्वर्गीय मनोहर पर्रिकर को दी गई श्रधांजलि |  207 करोड़ रु सालाना वेतन लेने वाले बोइंग के सीईओ झेल रहे 34 साल की सबसे बड़ी चुनौती |  मौसम में बदलाव को लेकर फ्रांस में 220 शहरों में 3.5 लाख लोगों ने मार्च किया |  100 रुपए के 10 नोट को 3 बार में भी नहीं गिन सका दूल्हा, दुल्हन ने बारात लौटा दी |  झंडे-रैलियां नहीं, दिखे बायकॉट इलेक्शन के नारे और मुंह छिपाते भाजपाई | 

जाति नहीं काबलियत देखकर वोट दीजिये

Post Views 11

October 15, 2018

जातिगत राजनीति इस देश के लिए खाज भरे कोढ़ के समान है। जाति की राजनीति करके राजनीतिक पार्टियां समाज और देश को बांटने का काम कर रहीं हैं और मजे की बात देखो पार्टियां इसे स्वीकारती तो हैं पर नकारती नहीं।

ऐसा इसलिए कि पार्टियों का ध्येय विशुद्ध रूप से सत्ता हासिल करना है।

अब आइए विचार करें क्या हमारे विरोध करने से राजनीतिक पार्टियां मान जाएंगी ?

कदापि नहीं क्योंकि उनका ध्येय केवल और केवल सीट जीतना , सत्ता हासिल करना होता है अगर ऐसा नहीं होता तो sc/st नियम में बदलाव करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के विरुद्ध जाकर अध्यादेश नहीं लाया जाता , पर मौजूदा मोदी सरकार ने ऐसा किया। 

भाजपा हो या कांग्रेस , सपा या बसपा कोई भी दल इस बीमारी से अछूता नहीं है।

नरेश राघानी के लेख "आगामी चुनावों में उतरेगी....."

के सन्दर्भ में में कहना चाहूंगा कि उनका दीपक हासानी के समर्थन में उतरने के पीछे सचिन पायलट का इस बात से सहमत होना है कि इसबार अजमेर उत्तर से किसी सिन्धी को ही उम्मीदवार बनाया जायेगा।

आप अजमेर उत्तर को ही क्यों देख रहे हैं , अजमेर दक्षिण से भी तो यही हो रहा है।

भाजपा की अनीता भदेल या किसी भी अन्य अनुसूचित जाति के उम्मीदवार के सामने कांग्रेस ने हेमन्त भाटी या अन्य अनुसूचित उम्मीदवार सोच कर रखा है।

अजमेर दक्षिण पर तो कोई बहस कर ही नहीं रहा है।


सवाल यह भी उठता है कि क्या हम इतने जागरूक और समझदार हो गए हैं कि पार्टियां भले ही जातिगत राजनीति करें पर हम उन्हें आईना दिखा सकें ?

जिस दिन राजनीतिक पार्टियां जान जाएंगी कि जनता जाति नहीं काबलियत देकर वोट देने लगी है उस दिन यह बीमारी स्वतः समाप्त हो जाएगी 

जयहिंद।

राजेन्द्र सिंह हीरा

       अजमेर

Latest News

March 18, 2019

दरगाह बाज़ार में कौमी एकता की मिसाल सर्व धर्म समाज के लोगों ने पेश की चादर के जुलूस में झूमे 

Read More

March 18, 2019

युवा कांग्रेस ने फिर उठाया बिजली के पोल का मुद्दा

Read More

March 18, 2019

मनीष मूलचंदानी के हत्यारे का पता न लगने पर आज सिन्धी समाज के लोगो ने कलेक्टर को दिया ज्ञापन

Read More

March 18, 2019

जैस्वाल जैन की महिलाओ ने आयोजित किया  होली मिलन समारोह

Read More

March 18, 2019

मुम्बई से 15 सदस्यो के दल ने दरगाह में चड़ाया चांदी का ताज

Read More

March 18, 2019

इनडोर स्टेडियम में गोवा के मुख्यमंत्री स्वर्गीय मनोहर पर्रिकर को दी गई श्रधांजलि

Read More

March 18, 2019

207 करोड़ रु सालाना वेतन लेने वाले बोइंग के सीईओ झेल रहे 34 साल की सबसे बड़ी चुनौती

Read More

March 18, 2019

मौसम में बदलाव को लेकर फ्रांस में 220 शहरों में 3.5 लाख लोगों ने मार्च किया

Read More

March 18, 2019

100 रुपए के 10 नोट को 3 बार में भी नहीं गिन सका दूल्हा, दुल्हन ने बारात लौटा दी

Read More

March 18, 2019

झंडे-रैलियां नहीं, दिखे बायकॉट इलेक्शन के नारे और मुंह छिपाते भाजपाई

Read More