RNI NO : RAJBIL/2013/50688
For News (24x7) : 9829070307

horizon hind news ajmer-youtube

10th Oct 18

ई - पेपर

Breaking News
जे एल एन अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर्स की और मरीज के परिजनों के बिच हुई हाथापाई |  निःशुल्क जांच शिविर में 67 जने लाभान्वित |  एम् पी एस स्कूल में आयोजित हुआ महेश्वरी समाज का सेमीनार |  जीत की भी समीक्षा करे कांग्रेस पार्टी - पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद |  चुनाव में लड़ने के लिए चेहरा का नहीं होता महत्व - पूर्व मंत्री चन्द्रराज सिंघवी |  दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में वार्षिक उत्सव के धूम |  सीताराम पाराशर बने प्रेस क्लब के अध्यक्ष |  70 साल में 8 बार जेपीसी का गठन हुआ, पांच सरकारें अगला आम चुनाव हार गईं |  कांग्रेस का आरोप- कैग की रिपोर्ट पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया |  स्टरलाइट कॉपर प्लांट खोलने का आदेश, फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी तमिलनाडु सरकार | 

कांग्रेस में अगर विरोध या संघर्ष के बीज पनपे होते तो आज राहुल गांधी की जगह राष्ट्रीय अध्यक्ष कोई और होता।

Post Views 10

March 26, 2018


कांग्रेस में अगर विरोध या संघर्ष के बीज पनपे होते तो आज राहुल गांधी की जगह राष्ट्रीय अध्यक्ष कोई और होता।


राहुल गांधी के अध्यक्ष बनते ही कांग्रेस की एक नयी शुरुआत , युवा शुरुआत हो गई है। इसके संकेत राहुल गांधी ने 84 वें अधिवेशन में अपने भाषण में दे दी थी। राहुल ने जब युवाओं के लिये खाली स्थान को भरने की बात की तो बहुत देर तक तालियां बजीं , मतलब साफ कि सबको उनकी बात पसन्द आई और कार्यकर्त्ताओं में युवा बाहुल्य था। बुजुर्गों का कार्यक्षेत्र बदला जा सकता है। उन्हें कुछ और ज़िम्मेदारी दी जा सकती है।ऐसा ही बहुत कुछ बीजेपी में यशवन्त सिन्हा , मुरली मनोहर जोशी और लाल कृष्ण आडवाणी के साथ हुआ है।


अब अगर राजस्थान की ज़िम्मेदारी सचिन पायलट को सौंप दी गई है तो उनके कार्यक्रमों में अशोक गहलोत या सीपी जोशी का क्या काम ?

पर इसमें एक वरिष्ठ पत्रकार को "संघर्ष" की बू नज़र आ रही है।

अशोक गहलोत को केन्द्र या गुजरात या किसी महत्वपूर्ण स्थान पर खपाया जा सकता है।

राहुल और सोनिया के नेतृत्व का सम्मान ही है कि गुजरात में गहलोत ने काम किया तो वहां पायलट नहीं थे और राजस्थान में पायलट ने काम किया तो अशोक गहलोत नहीं थे।

कांग्रेस में संघर्ष या विरोध  इन वरिष्ठ पत्रकार की दिमागी उपज भर है।ऐसा कुछ भी नहीं होनेवाला।

पत्रकार महोदय यहीं पर नहीं रुके उन्होंने राहुल गांधी को गलत साबित करते हुए उन्हें राजनीति का पाठ भी पढ़ा दिया कि राजनीति में जो बोला जाता है वह किया नहीं जाता और जो किया जाता है वह बताया नहीं जाता।

प्रभु करें इन्हें राहुल गांधी अपना सलाहकार बना लें।

मुझे तो सचिन पायलट के अजमेर दरगाह में चादर चढ़ाने के प्रोग्राम में गहलोत और जोशी के न होने में कांग्रेस की एकता और राहुल गांधी के फैसले का सम्मान ही नज़र आता है।

हो सकता है मेरी सोच सकारात्मक है और इन भाई साहब की नकारात्मक।

कांग्रेस में अगर विरोध या संघर्ष  के बीज पनपे होते तो आज राहुल गांधी की जगह राष्ट्रीय अध्यक्ष कोई और होता।

अन्त में मेरा मानना है राहुल गांधी युवा और अनुभवियों के बीच सामंजस्य बिठाकर सबको उपयुक्त स्थान सौंपेंगे।

जयहिन्द।

राजेन्द्र सिंह हीरा

       अजमेर

Latest News

December 16, 2018

जे एल एन अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर्स की और मरीज के परिजनों के बिच हुई हाथापाई

Read More

December 16, 2018

निःशुल्क जांच शिविर में 67 जने लाभान्वित

Read More

December 16, 2018

एम् पी एस स्कूल में आयोजित हुआ महेश्वरी समाज का सेमीनार

Read More

December 16, 2018

जीत की भी समीक्षा करे कांग्रेस पार्टी - पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद

Read More

December 16, 2018

चुनाव में लड़ने के लिए चेहरा का नहीं होता महत्व - पूर्व मंत्री चन्द्रराज सिंघवी

Read More

December 16, 2018

दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में वार्षिक उत्सव के धूम

Read More

December 16, 2018

सीताराम पाराशर बने प्रेस क्लब के अध्यक्ष

Read More

December 16, 2018

70 साल में 8 बार जेपीसी का गठन हुआ, पांच सरकारें अगला आम चुनाव हार गईं

Read More

December 16, 2018

कांग्रेस का आरोप- कैग की रिपोर्ट पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया

Read More

December 16, 2018

स्टरलाइट कॉपर प्लांट खोलने का आदेश, फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी तमिलनाडु सरकार

Read More